मधुबनी जिले की 26 चयनित पंचायतों में आगामी 19 मई 2026 को सहयोग शिविरों का आयोजन किया जाएगा। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इन शिविरों का उद्देश्य आम नागरिकों को प्रशासन तक सहज पहुंच प्रदान करना है। इन शिविरों के माध्यम से आमजनों की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर, समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जाएगा। यह पहल नागरिकों को अपनी शिकायतों और समस्याओं को सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर देगी। नागरिक अपनी शिकायतों या समस्याओं से संबंधित आवेदन शिविर की तिथि से पूर्व जमा कर सकते हैं। आवेदन संबंधित पंचायत सरकार भवन/पंचायत आरटीपीएस कार्यालय, प्रखंड कार्यालय (BDO), अंचल कार्यालय (CO) और थाना में स्वीकार किए जाएंगे। प्रशासन ने शिविर आयोजन से 30 दिन पहले से आवेदन प्राप्त करने की व्यवस्था की है, ताकि प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। पंचायत स्तर पर निर्धारित रोस्टर के अनुसार पंचायत सरकार भवन या निकट के सार्वजनिक स्थल पर शिविरों का आयोजन होगा। प्रत्येक पंचायत के लिए वरीय पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रखंड विकास पदाधिकारी और प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी को बैठने, पेयजल और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। 19 मई 2026 को जिन पंचायतों में सहयोग शिविर लगेंगे, उनमें जयनगर प्रखंड के बेलही पूर्वी, रजौली; खुटौना प्रखंड का ललमानियाँ; खजौली प्रखंड का नरार पूर्वी; कलुआही प्रखंड का नरार पश्चिमी; बेनीपट्टी प्रखंड के बररी, त्योंथ; राजनगर प्रखंड के चिचरी कानूनगो, शिविपट्टी; पंडौल प्रखंड के श्रीपुर हाटी उत्तरी, दहिवत माधोपुर पश्चिम; बिस्फी प्रखंड के जगवन पूर्वी, जगवन पश्चिमी; लखनौर प्रखंड का मदनपुर; घोघरडीहा प्रखंड का विशनपुर; बासोपट्टी प्रखंड का महिनाथपुर; झंझारपुर प्रखंड का काको; फुलपरास प्रखंड का बथनाहा; बाबूबरही प्रखंड का भटचौड़ा; मधवापुर प्रखंड का मधवापुर; लौकही प्रखंड का अटरी; मधेपुर प्रखंड का मटरस; रहिका प्रखंड का सतलखा; लदनियां प्रखंड का पद्मा; हरलाखी प्रखंड का हरलाखी और अंधराठाढ़ी प्रखंड का देवहार शामिल हैं। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें। मधुबनी जिले की 26 चयनित पंचायतों में आगामी 19 मई 2026 को सहयोग शिविरों का आयोजन किया जाएगा। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इन शिविरों का उद्देश्य आम नागरिकों को प्रशासन तक सहज पहुंच प्रदान करना है। इन शिविरों के माध्यम से आमजनों की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर, समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जाएगा। यह पहल नागरिकों को अपनी शिकायतों और समस्याओं को सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर देगी। नागरिक अपनी शिकायतों या समस्याओं से संबंधित आवेदन शिविर की तिथि से पूर्व जमा कर सकते हैं। आवेदन संबंधित पंचायत सरकार भवन/पंचायत आरटीपीएस कार्यालय, प्रखंड कार्यालय (BDO), अंचल कार्यालय (CO) और थाना में स्वीकार किए जाएंगे। प्रशासन ने शिविर आयोजन से 30 दिन पहले से आवेदन प्राप्त करने की व्यवस्था की है, ताकि प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। पंचायत स्तर पर निर्धारित रोस्टर के अनुसार पंचायत सरकार भवन या निकट के सार्वजनिक स्थल पर शिविरों का आयोजन होगा। प्रत्येक पंचायत के लिए वरीय पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रखंड विकास पदाधिकारी और प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी को बैठने, पेयजल और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। 19 मई 2026 को जिन पंचायतों में सहयोग शिविर लगेंगे, उनमें जयनगर प्रखंड के बेलही पूर्वी, रजौली; खुटौना प्रखंड का ललमानियाँ; खजौली प्रखंड का नरार पूर्वी; कलुआही प्रखंड का नरार पश्चिमी; बेनीपट्टी प्रखंड के बररी, त्योंथ; राजनगर प्रखंड के चिचरी कानूनगो, शिविपट्टी; पंडौल प्रखंड के श्रीपुर हाटी उत्तरी, दहिवत माधोपुर पश्चिम; बिस्फी प्रखंड के जगवन पूर्वी, जगवन पश्चिमी; लखनौर प्रखंड का मदनपुर; घोघरडीहा प्रखंड का विशनपुर; बासोपट्टी प्रखंड का महिनाथपुर; झंझारपुर प्रखंड का काको; फुलपरास प्रखंड का बथनाहा; बाबूबरही प्रखंड का भटचौड़ा; मधवापुर प्रखंड का मधवापुर; लौकही प्रखंड का अटरी; मधेपुर प्रखंड का मटरस; रहिका प्रखंड का सतलखा; लदनियां प्रखंड का पद्मा; हरलाखी प्रखंड का हरलाखी और अंधराठाढ़ी प्रखंड का देवहार शामिल हैं। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें।


