गोरखपुर में रजही क्षेत्र के करीब 200 घरों में पिछले 72 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। मंगलवार रात करीब 9:30 बजे नाराज उपभोक्ताओं ने नईयापार विद्युत उपकेंद्र पहुंचकर प्रदर्शन किया और अवर अभियंता (जेई) पर लापरवाही का आरोप लगाया। नईयापार उपकेंद्र से जुड़े रजही क्षेत्र के स्कूल टोला, रामसरिया टोला, पूरे वनटांगिया बस्ती, हरिजन बस्ती टोला, सोखा टोला समेत आसपास के कई मोहल्लों में तीन दिनों से बिजली नहीं है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से मोबाइल टावर भी बंद हो गए हैं, जिससे अधिकांश कंपनियों का नेटवर्क प्रभावित हो गया है। प्रदर्शन कर रहे जनार्दन मौर्य, राकेश कुमार शुक्ल, राधेश्याम और नन्हे मौर्य सहित अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जेई सुभाष चंद्र मौर्य मौके पर नहीं पहुंचे। उनका कहना है कि जेई फोन कॉल भी नहीं उठाते और उठाने पर संतोषजनक जवाब नहीं देते। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों और बिजली व्यवस्था को दुरुस्त कराने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में बांस-बल्ली के सहारे अस्थायी रूप से बिजली आपूर्ति दी जाती है। केबल कटने के कारण हाल ही में एक युवक करंट की चपेट में आ गया था, हालांकि उसकी जान बच गई। उपकेंद्र पर पहुंचे कन्हैया, लालबहादुर शुक्ल, राजेंद्र कुमार शुक्ल, संदीप मौर्य, अंकुर, सदानंद, शनि सिंह, प्रभुनाथ सिंह, विनोद समेत अन्य लोगों ने जेई के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने फाल्ट ठीक करने के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत भी की। प्रदर्शन के दौरान सब-स्टेशन ऑपरेटर सचिन कनौजिया ने ग्रामीणों को जेई से संपर्क करने की बात कही। पोल और ट्रांसफार्मर गिरने से बढ़ी समस्या रजही टोला निवासी राकेश शुक्ल ने बताया कि करीब 20 उपभोक्ताओं के लिए मात्र 10 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाया गया है। अधिक भार के कारण ट्रांसफार्मर बार-बार खराब हो जाता है। उन्होंने बताया कि सोमवार दोपहर से वनटांगिया और आजादनगर क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप है। रामसरिया टोला में करीब 15 बिजली के पोल गिर गए हैं, जबकि 100 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर भी पोल से नीचे गिर पड़ा है। वहीं स्कूल टोला में 10 केवीए का ट्रांसफार्मर पोल सहित धराशायी हो गया है, जिससे पूरे इलाके की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। गोद लिए गांव में भी नहीं पहुंची राहत वनटांगिया गांव निवासी हरिश्चंद्र भारती ने बताया कि गांव में सोमवार से बिजली नहीं है। शिकायतों के बावजूद कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सांसद रवि किशन शुक्ल और चरगांवा ब्लॉक प्रमुख वंदना सिंह द्वारा गोद लिए गए गांव में भी लोग बिजली संकट से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव से करीब 500 मीटर दूरी पर ब्लॉक प्रमुख का आवास होने के बावजूद किसी जनप्रतिनिधि ने समस्या की सुध नहीं ली। अधिकारी बोले- मरम्मत कार्य जारी नईयापार उपकेंद्र के अवर अभियंता सुभाष चंद्र मौर्य ने बताया कि क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों और गिरे हुए पोलों को दुरुस्त कराने का कार्य चल रहा है। टूटे पोलों के स्थान पर नए पोल लगाए जा रहे हैं। मरम्मत कार्य पूरा होते ही क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।


