पंजाब में विदेश भेजने के नाम पर चल रहे बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। वीजा कंसल्टेंट कंपनियों में काम कर चुकी एक महिला ने बताया कि कैसे इमीग्रेशन सेंटर युवाओं से लाखों रुपए वसूलकर उन्हें फर्जी दस्तावेजों के जरिए कनाडा भेज रहे हैं। महिला ने दावा किया- स्टूडेंट वीजा और स्पॉन्सरशिप के जरिए अधिकतर युवाओं को जाली बैंक बैलेंस, फर्जी लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LOA) और “वन-रूम कॉलेज” के सहारे बाहर भेजा जाता है, जहां पढ़ाई के नाम पर उन्हें काम करने के लिए छोड़ दिया जाता है। उसने यह भी खुलासा किया कि स्पॉन्सरशिप वीजा के लिए कनाडा से शादी या पार्टी के इनविटेशन कार्ड मंगवाए जाते हैं और फिर उसी पैटर्न पर अलग-अलग नामों से फर्जी कार्ड तैयार कर कई लोगों को भेज दिया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, 2019 से 2023 के बीच स्टडी परमिट आवेदनों में 121% की बढ़ोतरी का फायदा उठाकर एजेंट्स ने फर्जीवाड़ा तेज किया। वहीं इमीग्रेशन ऑडिट रिपोर्ट में भी हजारों संदिग्ध मामलों की पुष्टि हुई है, लेकिन कार्रवाई बहुत कम लोगों पर ही हुई…पढ़िए पंजाब में कैसे युवाओं को फंसाया जा रहा….
स्टूडेंट वीजा के नाम पर ऐसे होता है फ्रॉड… स्पॉन्सरशिप के जरिए ऐसे होता फर्जीवाडा… वन-रूम कॉलेज नहीं होते असली में कॉलेज महिला का दावा है कि वन रूम कॉलेज असल में कॉलेज नहीं होते हैं। कनाडा में पंजाबी लोग ही वन रूम कॉलेज चला रहे हैं। वन रूम कॉलेज का मतलब है कि उन्होंने एक कमरे में सेटअप लगाया है, जहां पढ़ाई नहीं होती है। ये कॉलेज फर्जी लेटर ऑफ असेप्टेंस जारी करते हैं। ये वन रूम कॉलेज डिस्टेंस एजुकेशन के सेंटर चलाते हैं और उनके जरिए स्टूडेंट की पढ़ाई करवाते हैं। “वन-रूम कॉलेज” जैसे छोटे प्राइवेट संस्थान खासकर ओन्टारियो, ब्रिटिश कोलंबिया और विन्निपेग में हैं। ये कॉलेज पहले ज्यादा फल-फूल रहे थे। अब प्रांतों ने भी ऐसे डिप्लोमा मिल पर सख्ती शुरू कर दी है। कुछ संस्थानों को निलंबित किया जा रहा है या नए इंटरनेशनल स्टूडेंट्स लेने से रोका जा रहा है। फर्जीवाडा रोकने के लिए कनाडा सरकार की रिपोर्ट DLI सिस्टम: हर कॉलेज या संस्थान को डेजिगनेट लर्निंग इंस्टीट्यूट (DLI)स्टेटस होना जरूरी है। बिना DLI के स्टडी परमिट नहीं मिल सकता। IRCC की आधिकारिक वेबसाइट पर DLI लिस्ट उपलब्ध है, जहां आप चेक कर सकते हैं।
दो बार सालाना रिपोर्टिंग: सभी DLI को हर साल दो बार IRCC को रिपोर्ट भेजनी पड़ती है कि उनके स्टूडेंट्स क्लास अटेंड कर रहे हैं या नहीं। अगर स्टूडेंट “नो-शो” या सिर्फ ऑनलाइन/घर बैठे काम कर रहा है, तो यह रिपोर्ट में आता है।
फ्रॉड चेक: LOA की ऑनलाइन वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दी गई है। फर्जी LOA वाले हजारों केस पहले ही पकड़े गए हैं। केस पकड़ने के बावजूद नहीं कर सके कार्रवाई
2023-2024 में 1 लाख 53 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स को फ्रॉड फ्लैग किया गया, लेकिन IRCC ने केवल 4 हजार के आसपास ही जांच शुरू की। बाकी पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। 800 कन्फर्म्ड फ्रॉड केस पाए गए, लेकिन उनमें भी फॉलो-अप नहीं हुआ। ऑडिटर जनरल ने साफ कहा कि IRCC के पास पर्याप्त स्टाफ और संसाधन नहीं हैं, इसलिए ज्यादातर फ्लैग्ड केस अनइन्वेस्टिगेटेड रह जाते हैं। कनाडा के इमिग्रेशन कानून व इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी प्रोटेक्शन एक्ट के तहत नियम


