‘पुल बना तो एक लाख लोगों को आसानी होगी’:भागलपुर के शाहपुर में चचरी पुल की जगह ब्रिज की डिमांग, लोग बोले- बरसात में ज्यादा दिक्कतें

‘पुल बना तो एक लाख लोगों को आसानी होगी’:भागलपुर के शाहपुर में चचरी पुल की जगह ब्रिज की डिमांग, लोग बोले- बरसात में ज्यादा दिक्कतें

भागलपुर के शाहकुंड प्रखंड की हाजीपुर पंचायत स्थित हाजीपुर हाई स्कूल मैदान में सोमवार को चानन नदी पर स्थायी पुल निर्माण की मांग को लेकर बड़ी आमसभा आयोजित की गई। सभा में हाजीपुर पंचायत सहित आसपास के कई गांवों के ग्रामीण, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। ग्रामीणों ने कहा कि सैदपुर और टहसुर घाट के बीच चानन नदी पर पुल निर्माण की मांग कोई नई नहीं है, बल्कि पिछले कई दशकों से लगातार उठती रही है। वर्तमान में नदी पार करने के लिए लगभग 50 मीटर लंबे चचरी पुल और नाव का सहारा लेना पड़ता है, जिससे खासकर बरसात के मौसम में लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। चचरी पुल की 2 तस्वीरें देखिए ग्रामीणों ने पुल की मांग की, कहा- 1 लाख आबादी को लाभ मिलेगा शाहकुंड और जगदीशपुर प्रखंड के दर्जनों गांवों की करीब एक लाख से अधिक आबादी सीधे तौर पर इस पुल से लाभान्वित होगी। पुल बनने से लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापारिक गतिविधियों में सुविधा मिलेगी तथा दोनों प्रखंडों के बीच आवागमन सुगम हो जाएगा। लोगों ने कहा कि इस मांग को लेकर कई बार विधायक, सांसद, मंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। कुछ माह पूर्व उत्थान संघर्ष समिति के बैनर तले 10 दिनों तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी की गई थी, बावजूद इसके समस्या का समाधान नहीं हुआ। आमसभा में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन मुख्यमंत्री तक पहुंचाने तथा पुल निर्माण के लिए हर स्तर पर प्रयास करने का आश्वासन दिया। ग्रामीण बोले- पुल नहीं होने से हजारों लोगों को रोजाना परेशानी होती है उत्थान संघर्ष समिति के सदस्य राकेश कुमार साह ने कहा कि टहसुर घाट पर पुल नहीं होने के कारण हजारों लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है तथा कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो जाता है। समिति के सदस्य धनंजय कुमार ने कहा कि पुल के अभाव में स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। नदी पार कर स्कूल जाने वाले बच्चों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है, जिससे अभिभावक भी चिंतित रहते हैं। ग्रामीण पंकज मंडल ने कहा कि मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में सबसे अधिक दिक्कत होती है। आपातकालीन स्थिति में समय पर इलाज नहीं मिलने का खतरा बना रहता है। कई बार लोगों को नाव और अस्थायी साधनों के भरोसे नदी पार करनी पड़ती है। आमसभा में विनोद कुमार सिंह, नवीन कुमार सिंह, धनंजय कुमार नेपाली साह, वीरेंद्र सिंह, वरुण कुमार सिंह, मनोज महतो, विजय महतो, पंकज मंडल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। भागलपुर के शाहकुंड प्रखंड की हाजीपुर पंचायत स्थित हाजीपुर हाई स्कूल मैदान में सोमवार को चानन नदी पर स्थायी पुल निर्माण की मांग को लेकर बड़ी आमसभा आयोजित की गई। सभा में हाजीपुर पंचायत सहित आसपास के कई गांवों के ग्रामीण, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। ग्रामीणों ने कहा कि सैदपुर और टहसुर घाट के बीच चानन नदी पर पुल निर्माण की मांग कोई नई नहीं है, बल्कि पिछले कई दशकों से लगातार उठती रही है। वर्तमान में नदी पार करने के लिए लगभग 50 मीटर लंबे चचरी पुल और नाव का सहारा लेना पड़ता है, जिससे खासकर बरसात के मौसम में लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। चचरी पुल की 2 तस्वीरें देखिए ग्रामीणों ने पुल की मांग की, कहा- 1 लाख आबादी को लाभ मिलेगा शाहकुंड और जगदीशपुर प्रखंड के दर्जनों गांवों की करीब एक लाख से अधिक आबादी सीधे तौर पर इस पुल से लाभान्वित होगी। पुल बनने से लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापारिक गतिविधियों में सुविधा मिलेगी तथा दोनों प्रखंडों के बीच आवागमन सुगम हो जाएगा। लोगों ने कहा कि इस मांग को लेकर कई बार विधायक, सांसद, मंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। कुछ माह पूर्व उत्थान संघर्ष समिति के बैनर तले 10 दिनों तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी की गई थी, बावजूद इसके समस्या का समाधान नहीं हुआ। आमसभा में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन मुख्यमंत्री तक पहुंचाने तथा पुल निर्माण के लिए हर स्तर पर प्रयास करने का आश्वासन दिया। ग्रामीण बोले- पुल नहीं होने से हजारों लोगों को रोजाना परेशानी होती है उत्थान संघर्ष समिति के सदस्य राकेश कुमार साह ने कहा कि टहसुर घाट पर पुल नहीं होने के कारण हजारों लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है तथा कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो जाता है। समिति के सदस्य धनंजय कुमार ने कहा कि पुल के अभाव में स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। नदी पार कर स्कूल जाने वाले बच्चों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है, जिससे अभिभावक भी चिंतित रहते हैं। ग्रामीण पंकज मंडल ने कहा कि मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में सबसे अधिक दिक्कत होती है। आपातकालीन स्थिति में समय पर इलाज नहीं मिलने का खतरा बना रहता है। कई बार लोगों को नाव और अस्थायी साधनों के भरोसे नदी पार करनी पड़ती है। आमसभा में विनोद कुमार सिंह, नवीन कुमार सिंह, धनंजय कुमार नेपाली साह, वीरेंद्र सिंह, वरुण कुमार सिंह, मनोज महतो, विजय महतो, पंकज मंडल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।  

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