“मैं 13 साल से आराध्या के प्यार में हूं, हमने कुछ दिन पहले ही छिपकर मंदिर में शादी की थी। लेकिन घर वाले हमारी शादी को राजी नहीं हो रहे थे, वो समाज का ताना देकर कहते हमारी इज्जत के लिए दूसरी शादी कर लो। आराध्या भी मेरी निजी जिंदगी में बहुत टोका–टाकी करने लगी थी। मैं उसे मरना नहीं चाहता था, लेकिन हमारे घरवालों की वजह से झगड़ा बढ़ता जा रहा था, इसलिए मार दिया” यह कबूलनामा छपरा में युवती की हत्या के आरोपी मौसेरे भाई दीपक का है। पुलिस के मुताबिक, दीपक और अराध्या ने 13 मार्च को छपरा के एक मंदिर में शादी की थी। इससे पहले दोनों 4 साल तक परिवार की मर्जी के खिलाफ लिव-इन रिलेशनशिप में रहे थे। शादी के करीब 40 दिन बाद, 21 अप्रैल को अराध्या के अचानक गायब होने की जानकारी उसके पिता को लगी। जिसके बाद पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और दीपक पर बेटी को गायब करने का आरोप लगाया। पुलिस ने दीपक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, जिसमें हत्या का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि अराध्या से शादी के महज 15 दिन बाद ही आरोपी दीपक दो प्लान पर काम कर रहा था, एक तरफ वह परिवार द्वारा तय की गई दूसरी शादी की तैयारी कर रहा था, वहीं दूसरी तरफ अराध्या को रास्ते से हटाने की साजिश भी रच रहा था। आरोपी ने दूसरी शादी की प्लानिंग और पहली पत्नी अराध्या की हत्या की तैयारी कैसे की? दोनों की मुलाकात कब हुई? उनका रिश्ता कितने साल तक चला? और आखिर आरोपी ने दूसरी शादी क्यों की? पढ़िए पूरी रिपोर्ट… तीन साल तक लिव-इन में रहे, फिर की शादी छपरा शहर के उत्तरी दहियावां इलाके में पिछले तीन साल से अराध्या किराए के मकान में रह रही थी और कोस्टल ब्रिज स्कूल में शिक्षिका थीं। आरोपी दीपक पटना में नौकरी करता है। वह डिप्लोमा इंजीनियर है। नौकरी के दौरान छुट्टी मिलने पर दीपक अराध्या के पास ही किराए के मकान में जाता था। दोनों पिछले तीन सालों से इसी तरह रह रहे थे। फरवरी महीने में दीपक के पिता ने आरोपी दीपक को शादी का प्रस्ताव दिया। पिता ने कहा कि सीवान में एक लड़की तय की है। समाज में हमारी इज्जत है। तुम अब अराध्या के साथ रहना छोड़ दो और शादी कर लो। आरोपी ने पिता को मना नहीं किया। इसके कुछ दिनों बाद ही अराध्या को दीपक के दोस्त ने जानकारी दी कि दीपक दूसरी शादी की तैयारी कर रहा है। इसके बाद अराध्या ने दीपक से सच जानना चाहा और अपनी शादी का दबाव बनाने लगी। करीब एक महीने के दबाव के बाद आरोपी अराध्या से शादी के लिए तैयार हुआ और 13 मार्च को दीपक ने घर वालों से छिपकर छपरा के एक मंदिर में शादी की। इस शादी में दीपक के 2 दोस्त के अलावा कोई शामिल नहीं हुआ था। इधर, दीपक के पिता सीवान में तय की गई जगह पर शादी के लिए दीपक को मनाने लगे। पुलिस के मुताबिक, दीपक का कहना है कि परिवार वालों ने समाज और भविष्य के बारे में बताकर अराध्या को छोड़ने और शादी करने को कहा। जिसके लिए दीपक तैयार हो गया और इसी दौरान अराध्या को रास्ते से हटाने की प्लानिंग करने लगा। 1 अप्रैल से शुरू की थी हत्या की साजिश
पुलिस के मुताबिक, दीपक ने कहा कि उसके पास और कोई रास्ता नहीं था। अराध्या शादी के बाद और भी ज्यादा प्रेशर डालने लगी। हर वक्त फोन कर पूछती, कहां हो, क्या कर रहे हो? मैंने पहले उसे एक्सीडेंट में मारने की प्लानिंग की। इससे लगेगा कि वह हादसे में मर गई, ताकि मैं दूसरी शादी आसानी से कर सकता था। इसके लिए अराध्या को हाजीपुर में रेलवे ट्रैक ले जाने का प्लान था, मैंने उसे घूमने जाने की बात कही, लेकिन वह हेल्थ इशू बताकर जाने को तैयार नहीं हुई। फिर मैंने गला दबाकर मारने की दूसरी योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दीपक ने कहा कि अराध्या के परिवार वाले उसे नहीं ढूंढ रहे थे। वह परिवार से कट चुकी थी। अगर उसे मार दिया जाएगा तो किसी को इतना फर्क नहीं पड़ेगा। 12 अप्रैल, हत्या का दिन, क्या-क्या हुआ
पुलिस की पूछताछ में आरोपी दीपक ने कहा कि 12 अप्रैल की सुबह नौ बजे वह अराध्या को लेकर अपने गांव भगवानपुर हाट के साहसा गांव गया। जहां परिवार वालों से मिलवाया। सुबह 11 बजे साथ में खाना खाया। इस दौरान परिवार वाले और लड़के ने समाज का ताना-बाना देकर लड़की को अपने घर जाने की बात कहने लगा और रिश्ते तोड़ने को कहा। जिसके बाद दोनों में विरोध शुरू हुआ। पूरे दिन और देर शाम तक परिवार और लड़की की बातों का अराध्या विरोध करती रही। रात 8 बजे वह बिना खाए ही सो गई। इसके बाद आरोपी दीपक ने नींद में ही 11 बजे उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। रात में कुछ घंटे इंतजार के बाद सुबह करीब साढ़े 3 बजे अराध्या की बॉडी को बोरे में पैक कर आरोपी अपने घर से 15 किलोमीटर दूर सारण और सीवान जिले के सीमावर्ती इलाके में फेंककर फरार हो गया। आराध्या के पिता ने पुलिस को लापता की सूचना दी
पुलिस को दी गई सूचना के मुताबिक, अराध्या के परिवार को दीपक की दूसरी शादी की जानकारी 21 अप्रैल यानी शादी के दिन ही लगी। जानकारी मिलते ही पिता ने अराध्या का पता लगाने की कोशिश की। वह किराए के मकान में भी पहुंचे, लेकिन वहां कोई नहीं मिला, आस-पड़ोस और दोस्तों से खोजबीन की, लेकिन नहीं मिली। हारकर पुलिस को 23 अप्रैल को सूचना दी। जिसमें पिता ने दीपक पर बेटी के गायब करने का आरोप लगाया। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में दीपक ने बताया कि वह बिना बताए कहीं चली गई। आखिरी बार 13 अप्रैल को बातचीत हुई थी, जिसमें ट्रेन की आवाज आ रही थी। पुलिस ने आरोपी से दो दिनों तक सख्ती से पूछताछ की तो उसने हत्या की बात कबूली और लाश फेंकने की जानकारी भी दी। अब जानिए प्रेम कहानी-13 साल से प्यार में थे दीपक और आराध्या
दीपक ने पुलिस पूछताछ में बताया बताया कि अराध्या जब छोटी थी तभी से हम दोनों साथ में खेला करते थे। हम दोनों का ननिहाल एक ही है। इसलिए हर फंक्शन और छुटि्टयों में हम लोग अपनी नानी के यहां चले जाते थ। धीरे-धीरे मैं आराध्या से प्यार करने लगा, हमें करीब 12 -13 साल हो गए एक दूसरे को जानते समझते और प्यार करते हुए। मैं अकसर मौसी के घर भी जाता था, पांच साल पहले मैंने आराध्या से अपने प्यार का इजहार भी कर दिया था। उसे भी मुझसे प्यार हो गया था। हम दोनों साथ-साथ कई बार घूमने भी जाया करते थे। परिवार वाले हमारे रिश्ते को भाई-बहन के रिश्ते के तौर पर देखते थे और हमें मना नहीं करते थे। 4 साल पहले परिवार को रिश्ते की जानकारी लगी
2022 में जब आराध्या के परिवार वालों ने उसकी शादी पास के ही एक गांव में एक लड़के से तय की। तब अराध्या ने इसका विरोध करते हुए कहा कि वह अपने मौसेरे भाई दीपक से प्यार करती है, और उसी से शादी करेगी। इस दौरान घरवालों ने उसे काफी समझाया, लेकिन नहीं मानी और अराध्या घर छोड़कर छपरा शहर में किराए के मकान में रहने लगी। यहीं दीपक भी आने लगा। दोनों 2026 मार्च तक साथ में रहे। “मैं 13 साल से आराध्या के प्यार में हूं, हमने कुछ दिन पहले ही छिपकर मंदिर में शादी की थी। लेकिन घर वाले हमारी शादी को राजी नहीं हो रहे थे, वो समाज का ताना देकर कहते हमारी इज्जत के लिए दूसरी शादी कर लो। आराध्या भी मेरी निजी जिंदगी में बहुत टोका–टाकी करने लगी थी। मैं उसे मरना नहीं चाहता था, लेकिन हमारे घरवालों की वजह से झगड़ा बढ़ता जा रहा था, इसलिए मार दिया” यह कबूलनामा छपरा में युवती की हत्या के आरोपी मौसेरे भाई दीपक का है। पुलिस के मुताबिक, दीपक और अराध्या ने 13 मार्च को छपरा के एक मंदिर में शादी की थी। इससे पहले दोनों 4 साल तक परिवार की मर्जी के खिलाफ लिव-इन रिलेशनशिप में रहे थे। शादी के करीब 40 दिन बाद, 21 अप्रैल को अराध्या के अचानक गायब होने की जानकारी उसके पिता को लगी। जिसके बाद पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और दीपक पर बेटी को गायब करने का आरोप लगाया। पुलिस ने दीपक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, जिसमें हत्या का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि अराध्या से शादी के महज 15 दिन बाद ही आरोपी दीपक दो प्लान पर काम कर रहा था, एक तरफ वह परिवार द्वारा तय की गई दूसरी शादी की तैयारी कर रहा था, वहीं दूसरी तरफ अराध्या को रास्ते से हटाने की साजिश भी रच रहा था। आरोपी ने दूसरी शादी की प्लानिंग और पहली पत्नी अराध्या की हत्या की तैयारी कैसे की? दोनों की मुलाकात कब हुई? उनका रिश्ता कितने साल तक चला? और आखिर आरोपी ने दूसरी शादी क्यों की? पढ़िए पूरी रिपोर्ट… तीन साल तक लिव-इन में रहे, फिर की शादी छपरा शहर के उत्तरी दहियावां इलाके में पिछले तीन साल से अराध्या किराए के मकान में रह रही थी और कोस्टल ब्रिज स्कूल में शिक्षिका थीं। आरोपी दीपक पटना में नौकरी करता है। वह डिप्लोमा इंजीनियर है। नौकरी के दौरान छुट्टी मिलने पर दीपक अराध्या के पास ही किराए के मकान में जाता था। दोनों पिछले तीन सालों से इसी तरह रह रहे थे। फरवरी महीने में दीपक के पिता ने आरोपी दीपक को शादी का प्रस्ताव दिया। पिता ने कहा कि सीवान में एक लड़की तय की है। समाज में हमारी इज्जत है। तुम अब अराध्या के साथ रहना छोड़ दो और शादी कर लो। आरोपी ने पिता को मना नहीं किया। इसके कुछ दिनों बाद ही अराध्या को दीपक के दोस्त ने जानकारी दी कि दीपक दूसरी शादी की तैयारी कर रहा है। इसके बाद अराध्या ने दीपक से सच जानना चाहा और अपनी शादी का दबाव बनाने लगी। करीब एक महीने के दबाव के बाद आरोपी अराध्या से शादी के लिए तैयार हुआ और 13 मार्च को दीपक ने घर वालों से छिपकर छपरा के एक मंदिर में शादी की। इस शादी में दीपक के 2 दोस्त के अलावा कोई शामिल नहीं हुआ था। इधर, दीपक के पिता सीवान में तय की गई जगह पर शादी के लिए दीपक को मनाने लगे। पुलिस के मुताबिक, दीपक का कहना है कि परिवार वालों ने समाज और भविष्य के बारे में बताकर अराध्या को छोड़ने और शादी करने को कहा। जिसके लिए दीपक तैयार हो गया और इसी दौरान अराध्या को रास्ते से हटाने की प्लानिंग करने लगा। 1 अप्रैल से शुरू की थी हत्या की साजिश
पुलिस के मुताबिक, दीपक ने कहा कि उसके पास और कोई रास्ता नहीं था। अराध्या शादी के बाद और भी ज्यादा प्रेशर डालने लगी। हर वक्त फोन कर पूछती, कहां हो, क्या कर रहे हो? मैंने पहले उसे एक्सीडेंट में मारने की प्लानिंग की। इससे लगेगा कि वह हादसे में मर गई, ताकि मैं दूसरी शादी आसानी से कर सकता था। इसके लिए अराध्या को हाजीपुर में रेलवे ट्रैक ले जाने का प्लान था, मैंने उसे घूमने जाने की बात कही, लेकिन वह हेल्थ इशू बताकर जाने को तैयार नहीं हुई। फिर मैंने गला दबाकर मारने की दूसरी योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दीपक ने कहा कि अराध्या के परिवार वाले उसे नहीं ढूंढ रहे थे। वह परिवार से कट चुकी थी। अगर उसे मार दिया जाएगा तो किसी को इतना फर्क नहीं पड़ेगा। 12 अप्रैल, हत्या का दिन, क्या-क्या हुआ
पुलिस की पूछताछ में आरोपी दीपक ने कहा कि 12 अप्रैल की सुबह नौ बजे वह अराध्या को लेकर अपने गांव भगवानपुर हाट के साहसा गांव गया। जहां परिवार वालों से मिलवाया। सुबह 11 बजे साथ में खाना खाया। इस दौरान परिवार वाले और लड़के ने समाज का ताना-बाना देकर लड़की को अपने घर जाने की बात कहने लगा और रिश्ते तोड़ने को कहा। जिसके बाद दोनों में विरोध शुरू हुआ। पूरे दिन और देर शाम तक परिवार और लड़की की बातों का अराध्या विरोध करती रही। रात 8 बजे वह बिना खाए ही सो गई। इसके बाद आरोपी दीपक ने नींद में ही 11 बजे उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। रात में कुछ घंटे इंतजार के बाद सुबह करीब साढ़े 3 बजे अराध्या की बॉडी को बोरे में पैक कर आरोपी अपने घर से 15 किलोमीटर दूर सारण और सीवान जिले के सीमावर्ती इलाके में फेंककर फरार हो गया। आराध्या के पिता ने पुलिस को लापता की सूचना दी
पुलिस को दी गई सूचना के मुताबिक, अराध्या के परिवार को दीपक की दूसरी शादी की जानकारी 21 अप्रैल यानी शादी के दिन ही लगी। जानकारी मिलते ही पिता ने अराध्या का पता लगाने की कोशिश की। वह किराए के मकान में भी पहुंचे, लेकिन वहां कोई नहीं मिला, आस-पड़ोस और दोस्तों से खोजबीन की, लेकिन नहीं मिली। हारकर पुलिस को 23 अप्रैल को सूचना दी। जिसमें पिता ने दीपक पर बेटी के गायब करने का आरोप लगाया। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में दीपक ने बताया कि वह बिना बताए कहीं चली गई। आखिरी बार 13 अप्रैल को बातचीत हुई थी, जिसमें ट्रेन की आवाज आ रही थी। पुलिस ने आरोपी से दो दिनों तक सख्ती से पूछताछ की तो उसने हत्या की बात कबूली और लाश फेंकने की जानकारी भी दी। अब जानिए प्रेम कहानी-13 साल से प्यार में थे दीपक और आराध्या
दीपक ने पुलिस पूछताछ में बताया बताया कि अराध्या जब छोटी थी तभी से हम दोनों साथ में खेला करते थे। हम दोनों का ननिहाल एक ही है। इसलिए हर फंक्शन और छुटि्टयों में हम लोग अपनी नानी के यहां चले जाते थ। धीरे-धीरे मैं आराध्या से प्यार करने लगा, हमें करीब 12 -13 साल हो गए एक दूसरे को जानते समझते और प्यार करते हुए। मैं अकसर मौसी के घर भी जाता था, पांच साल पहले मैंने आराध्या से अपने प्यार का इजहार भी कर दिया था। उसे भी मुझसे प्यार हो गया था। हम दोनों साथ-साथ कई बार घूमने भी जाया करते थे। परिवार वाले हमारे रिश्ते को भाई-बहन के रिश्ते के तौर पर देखते थे और हमें मना नहीं करते थे। 4 साल पहले परिवार को रिश्ते की जानकारी लगी
2022 में जब आराध्या के परिवार वालों ने उसकी शादी पास के ही एक गांव में एक लड़के से तय की। तब अराध्या ने इसका विरोध करते हुए कहा कि वह अपने मौसेरे भाई दीपक से प्यार करती है, और उसी से शादी करेगी। इस दौरान घरवालों ने उसे काफी समझाया, लेकिन नहीं मानी और अराध्या घर छोड़कर छपरा शहर में किराए के मकान में रहने लगी। यहीं दीपक भी आने लगा। दोनों 2026 मार्च तक साथ में रहे।


