लखनऊ विश्वविद्यालय के शिवाजी ग्राउंड में शुक्रवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023’ के समर्थन में एक विशाल मानव श्रृंखला बनाई गई। कुलपति प्रो. जयप्रकाश सैनी के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं और प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने हाथों में हाथ डालकर एक लंबी मानव श्रृंखला बनाई, जो महिला सशक्तिकरण के प्रति उनके समर्थन का प्रतीक थी। हस्ताक्षर अभियान को भी व्यापक समर्थन मिला इस मानव श्रृंखला में 633 से अधिक लोगों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय द्वारा चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान को भी व्यापक समर्थन मिला है, जिसमें अब तक 5395 से अधिक लोग इस अधिनियम के समर्थन में हस्ताक्षर कर चुके हैं। कुलपति प्रो. जयप्रकाश सैनी ने कहा कि यह अधिनियम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए बताया कि यह पहल महिलाओं के विकास और उनके अधिकारों को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी। इस पहल को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई कार्यक्रम में कला संकाय के डीन प्रो. अरविंद मोहन, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. अमिता कनौजिया, विज्ञान संकाय की डीन प्रो. शीला मिश्रा, चीफ प्रॉक्टर प्रो. राकेश द्विवेदी, रजिस्ट्रार डॉ. भावना मिश्रा और चीफ प्रोवोस्ट प्रो. आशीष अवस्थी सहित कई प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे। इन सभी ने इस पहल को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।


