Hot Flashes Cause: क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आपको कोई बुखार नहीं है, लेकिन अचानक आपके चेहरे, गर्दन या छाती पर बहुत तेज गर्मी लगने लगती है? अचानक से बहुत ज्यादा पसीना आने लगता है। फिर कुछ ही मिनटों में शरीर वापस ठंडा पड़ जाता है और हल्की सी कंपकंपी लगने लगती है। अगर आपके साथ ऐसा होता है, तो डॉक्टरों की भाषा में इसे हॉट फ्लैशेस (Hot Flashes) कहते हैं। आइए जानते हैं कि हॉट फ्लैशेस क्या होते हैं इसके पीछे क्या कारण हैं?
क्या होते हैं हॉट फ्लैशेस?
यह सबसे ज्यादा शरीर के ऊपरी हिस्से जैसे चेहरे, गर्दन और छाती पर महसूस होता है। जब ऐसा होता है, तो दिल की धड़कनें तेज हो सकती हैं, चेहरा तमतमा जाता है और अचानक पसीना आ जाता है। जब यही चीज रात में सोते समय होती है, तो इसे नाइट स्वेट्स यानी रात का पसीना भी कहते हैं, जिससे कई बार हड़बड़ा कर नींद तक खुल जाती है। मेयो क्लिनिक में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, ज्यादातर लोगों को रोजाना हॉट फ्लैशेस होते हैं। एक हॉट फ्लैश 1 से 5 मिनट तक रह सकता है।
क्यों लगती है इतनी तेज गर्मी?
1. उम्र बढ़ने पर पीरियड्स का बंद होना- क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, यह इसका सबसे बड़ा और आम कारण है। जब महिलाओं की उम्र 45 से 55 साल के बीच होती है और उनके पीरियड्स हमेशा के लिए बंद होने वाले होते हैं, तो शरीर में कुछ जरूरी केमिकल्स (हार्मोन्स) तेजी से कम होने लगते हैं। इस कमी की वजह से शरीर का तापमान कंट्रोल करने वाला सिस्टम पूरी तरह गड़बड़ा जाता है।
2. हार्मोन का संतुलन बिगड़ना- सिर्फ पीरियड्स बंद होना ही नहीं, बल्कि शरीर में किसी भी वजह से जब हार्मोन्स का उतार-चढ़ाव होता है, तो दिमाग को गलत सिग्नल मिलता है कि शरीर बहुत गर्म हो गया है। फिर दिमाग शरीर को ठंडा करने के लिए अचानक पसीना और गर्मी छोड़ देता है।
3. कुछ दवाइयों का साइड इफेक्ट- किसी बीमारी या कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कुछ भारी दवाइयों या कुछ खास तरह की दर्द की गोलियों के कारण भी शरीर में अचानक ऐसी गर्मी महसूस हो सकती है।
4. खान-पान की गलत आदतें- बहुत ज्यादा मिर्च-मसाले वाला खाना, ज्यादा चाय-कॉफी पीना, या शराब-सिगरेट के इस्तेमाल से भी यह दिक्कत अचानक बढ़ जाती है।
5. ज्यादा वजन होना- जिन लोगों का वजन बहुत ज्यादा होता है या शरीर में चर्बी ज्यादा होती है, उनके शरीर में भी हार्मोन की गड़बड़ी के कारण हॉट फ्लैशेस होने का खतरा दूसरों से ज्यादा रहता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


