दरभंगा के केवटी प्रखंड के BDO चंद्रमोहन पासवान के खिलाफ आय से ज्यादा अर्जित करने के आरोप में EOU ने बुधवार को कार्रवाई की। इनके बिहार और नेपाल तक फैले 6 ठिकानों पर एक साथ रेड हुई। ईओयू के अनुसार आय से 81% (89 लाख) अधिक संपत्ति मिली है। दूसरी ओर शिकायतकर्ता अंसारी का कहना है कि BDO के पिता के नाम हॉस्पिटल है। जिसमें 50 लाख की मशीन लगी है। सरसों तेल का कारखाना भी है। सरकारी योजना से इन्होंने ढ़ाई करोड़ रुपए निकाले है, जिसके सबूत इन्होंने ईओयू को दे दिए है। बुधवार सुबह से शुरू हुई यह कार्रवाई दोपहर बाद तक चलती रही। ईओयू की अलग-अलग टीमों ने दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी सहित नेपाल स्थित कुल छह ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। जानिए ईओयू की कार्रवाई में क्या मिला… ईओयू की टीम ने छापेमारी के दौरान जमीन से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों का ब्यौरा, निवेश संबंधी कागजात, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य संपत्ति से जुड़े अभिलेख जब्त किए हैं। 10 बैंक खातों के कागजात जब्त पत्नी और बच्चों के नाम पर संचालित 10 बैंक खातों के कागजात, एलआईसी की 8 पॉलिसियों के दस्तावेज, महिंद्रा बोलेरो और मारुति स्विफ्ट डिजायर गाड़ी जब्त हुए है। इसके अलावा आभूषण और अन्य खरीदारी से संबंधित रसीदें बरामद की गईं। जांच एजेंसी के अनुसार, इन एलआईसी पॉलिसियों में हर साल लगभग दो लाख रुपये प्रीमियम का भुगतान किया जाता था। ईओयू ने बताया कि चंद्रमोहन पासवान दरभंगा के आवासीय भवन में पहला और दूसरा फ्लोर का निर्माण करा रहे है। वहीं, सेवा अवधि के दौरान पैतृक गांव बैंसी (बाबूबरही, मधुबनी) में आवासीय मकान, बाबूबरही में व्यवसायिक भवन और बहादुरपुर, दरभंगा में भी एक व्यवसायिक मकान बनाए जाने की जानकारी मिली है। इन सभी संपत्तियों का मूल्यांकन आगे की जांच में कराया जाएगा। आर्थिक अपराध इकाई का कहना है कि तलाशी में आय से अधिक संपत्ति के और भी खुलासे होने की संभावना है। साथ ही लोक सेवक के रूप में कर्तव्यों से विचलन के मामले को लेकर ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार को भी अवगत कराया जा रहा है। इसके अलावा विभिन्न बैंक खातों में जमा करीब 10 लाख रुपये की राशि को फ्रीज कर दिया गया है। जब्त दस्तावेजों और निवेश से जुड़े अभिलेखों का आगे विस्तृत जांच होगी। बीडीओ के पास एक बोलेरो और एक कार भी है, जिनके कागजात की जांच की जा रही है। ईओयू के अधिकारियों का कहना है कि तलाशी अभियान पूरा होने और दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद ही अंतिम जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। सरकारी आवास से लेकर ऑफिस में चली जांच केवटी प्रखंड मुख्यालय परिसर के पीछे स्थित सरकारी आवास पर बुधवार सुबह करीब सात बजे ईओयू की टीम पहुंची। यहां लगभग साढ़े छह घंटे तक तलाशी ली गई। दोपहर करीब डेढ़ बजे टीम वहां से निकली। कार्रवाई के दौरान दो अधिकारियों समेत 6 कर्मी और सुरक्षा बल के जवान मौजूद रहे। सरकारी आवास के बाहर स्थानीय पुलिस और थानाध्यक्ष सदन राम की तैनाती की गई थी और आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई थी। इसी दौरान ईओयू की दूसरी टीम केवटी प्रखंड कार्यालय पहुंची और बीडीओ कार्यालय को खुलवाकर अलग-अलग फाइलों, पंजी, दस्तावेजों और अलमारियों की जांच की। ऑफिस से कागजात हुए जब्त सुबह करीब साढ़े दस बजे प्रधान लिपिक के पहुंचने के बाद अभिलेखों की औपचारिक जांच शुरू हुई। करीब दो घंटे तक चली इस कार्रवाई में टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बारीकी से जांच की और कुछ कागजात अपने साथ जब्त कर पटना ले गई। हालांकि, अधिकारियों ने मीडिया को कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। पैतृक घर से ससुराल तक में हुई छापेमारी ईओयू की कार्रवाई केवल केवटी तक सीमित नहीं रही। दरभंगा के बहादुरपुर थाना क्षेत्र स्थित निजी आवास, मधुबनी जिले के बाबूबरही प्रखंड अंतर्गत बौंसी गांव स्थित पैतृक घर और सीतामढ़ी स्थित ससुराल में भी एक साथ छापेमारी की गई। गुलाब तारा मेमोरियल हेल्थ केयर” नाम के अस्पताल में भी ईओयू की टीम पहुंची और दस्तावेजों की जांच की। बताया जाता है कि अस्पताल का नाम उनके पिता गुलाब पासवान और माता तारा देवी के नाम पर रखा गया है। इसके अलावा बहादुरपुर में माता-पिता के नाम से संचालित “GT मार्ट” की भी जांच की गई। जानकारी के मुताबिक इस प्रतिष्ठान का संचालन उनके साले की ओर से किया जाता है। आय से अधिक संपत्ति के मिले सबूत सत्यापन के दौरान ईओयू को बीडीओ चंद्रमोहन पासवान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के सबूत मिले हैं। प्रारंभिक जांच में उनके पास 89 लाख 13 हजार 500 रुपये की ऐसी संपत्ति पाई गई है, जो उनकी ज्ञात आय से लगभग 81.03 प्रतिशत अधिक है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि कुल चल-अचल संपत्ति का आंकड़ा ढ़ाई करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। उनकी वर्तमान मासिक सैलरी लगभग 60 हजार रुपये है। उनकी पत्नी गृहिणी हैं। परिवार में एक बेटा, एक बेटी, मां और रेलवे में कार्यरत एक भाई हैं। पिता का निधन हो चुका है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की संबंधित धाराओं के तहत आर्थिक अपराध का मामला दर्ज किया गया है। विशेष न्यायालय निगरानी, मुजफ्फरपुर से तलाशी वारंट लेने करने के बाद पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। पूरी छापेमारी अभियान का नेतृत्व ईओयू के डीएसपी राजन कुमार कर रहे थे। आर्थिक अपराध इकाई लंबे समय से चंद्रमोहन पासवान के वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों पर नजर रखे हुए थी। सत्यापन में मिले तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई। पहले भी विवादों में रह चुके हैं बीडीओ चंद्रमोहन पासवान साल 2013 से प्रखंड विकास पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। वर्तमान में वे केवटी प्रखंड में पदस्थापित हैं। इससे पहले वे समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर और नानपुर प्रखंड में भी बीडीओ रह चुके हैं। प्रखंड मुख्यालय से पेड़ों को कटवाया था वे पिछले दिनों उस समय भी चर्चा में आए थे, जब केवटी प्रखंड मुख्यालय परिसर से करीब आधा दर्जन हरे पेड़ों को कटवाकर घर ले जाने का आरोप उन पर लगा था। इस मामले में वन प्रमंडल की ओर से कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेज 4 महीने पहले सौंपने का दावा बीडीओ चंद्रमोहन पर शिकायतकर्ता इकबाल अंसारी ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि करीब चार महीने पहले उन्होंने आर्थिक अपराध इकाई को बीडीओ की अवैध संपत्ति और भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेज सौंपे थे, जिसके आधार पर अब कार्रवाई हो रही है। इकबाल अंसारी ने कहा कि उन्होंने ईओयू को जानकारी दी थी कि बीडीओ चंद्रमोहन पासवान और उनकी पत्नी सविता कुमारी के नाम पर दरभंगा के बहादुरपुर थाना क्षेत्र समेत कई जगहों पर बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी गई है। उनके अनुसार 11 जमीन की डीड, 925 ग्राम सोना और नेपाल में संपत्ति से जुड़ी सूचनाएं भी जांच एजेंसी को उपलब्ध कराई गई थीं। ढ़ाई करोड़ की निकासी की आरोप अंसारी के मुताबिक केवटी प्रखंड में बड़े पैमाने पर सरकारी योजनाओं में अनियमितता हुई है और प्रखंड प्रमुख की मिलीभगत से करीब ढाई करोड़ रुपये की निकासी की गई है।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि “सोनाली इंटरप्राइजेज” नाम की कंपनी के जरिए फर्जी तरीके से सरकारी राशि की निकासी की गई। उनका कहना है कि यह कंपनी किसी थर्ड पार्टी के नाम पर संचालित की जा रही है, जबकि इसका नियंत्रण कथित रूप से बीडीओ से जुड़ा हुआ है। इकबाल अंसारी ने दावा किया कि 15वें वित्त आयोग की राशि और अन्य योजनाओं में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई है। अंसारी ने बीडीओ के ड्राइवर प्रकाश मुखिया पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि वही विभिन्न जगहों पर पैसों के लेन-देन का काम देखता था। उन्होंने उम्मीद जताई कि ईओयू की कार्रवाई से उन्हें न्याय मिलेगा। हॉस्पिटल में 50 लाख रुपए की मशीन इसके अलावा शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि चंद्रमोहन पासवान ने बहादुरपुर में “गंगातारा मॉल”, बाबूबरही स्थित पैतृक गांव में “गंगातारा मेमोरियल केयर अस्पताल” और सरसों तेल का बड़ा कारखाना भी स्थापित कर रखा है। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल में करीब 50 लाख रुपये की मशीनें लगी हुई हैं। दरभंगा के केवटी प्रखंड के BDO चंद्रमोहन पासवान के खिलाफ आय से ज्यादा अर्जित करने के आरोप में EOU ने बुधवार को कार्रवाई की। इनके बिहार और नेपाल तक फैले 6 ठिकानों पर एक साथ रेड हुई। ईओयू के अनुसार आय से 81% (89 लाख) अधिक संपत्ति मिली है। दूसरी ओर शिकायतकर्ता अंसारी का कहना है कि BDO के पिता के नाम हॉस्पिटल है। जिसमें 50 लाख की मशीन लगी है। सरसों तेल का कारखाना भी है। सरकारी योजना से इन्होंने ढ़ाई करोड़ रुपए निकाले है, जिसके सबूत इन्होंने ईओयू को दे दिए है। बुधवार सुबह से शुरू हुई यह कार्रवाई दोपहर बाद तक चलती रही। ईओयू की अलग-अलग टीमों ने दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी सहित नेपाल स्थित कुल छह ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। जानिए ईओयू की कार्रवाई में क्या मिला… ईओयू की टीम ने छापेमारी के दौरान जमीन से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों का ब्यौरा, निवेश संबंधी कागजात, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य संपत्ति से जुड़े अभिलेख जब्त किए हैं। 10 बैंक खातों के कागजात जब्त पत्नी और बच्चों के नाम पर संचालित 10 बैंक खातों के कागजात, एलआईसी की 8 पॉलिसियों के दस्तावेज, महिंद्रा बोलेरो और मारुति स्विफ्ट डिजायर गाड़ी जब्त हुए है। इसके अलावा आभूषण और अन्य खरीदारी से संबंधित रसीदें बरामद की गईं। जांच एजेंसी के अनुसार, इन एलआईसी पॉलिसियों में हर साल लगभग दो लाख रुपये प्रीमियम का भुगतान किया जाता था। ईओयू ने बताया कि चंद्रमोहन पासवान दरभंगा के आवासीय भवन में पहला और दूसरा फ्लोर का निर्माण करा रहे है। वहीं, सेवा अवधि के दौरान पैतृक गांव बैंसी (बाबूबरही, मधुबनी) में आवासीय मकान, बाबूबरही में व्यवसायिक भवन और बहादुरपुर, दरभंगा में भी एक व्यवसायिक मकान बनाए जाने की जानकारी मिली है। इन सभी संपत्तियों का मूल्यांकन आगे की जांच में कराया जाएगा। आर्थिक अपराध इकाई का कहना है कि तलाशी में आय से अधिक संपत्ति के और भी खुलासे होने की संभावना है। साथ ही लोक सेवक के रूप में कर्तव्यों से विचलन के मामले को लेकर ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार को भी अवगत कराया जा रहा है। इसके अलावा विभिन्न बैंक खातों में जमा करीब 10 लाख रुपये की राशि को फ्रीज कर दिया गया है। जब्त दस्तावेजों और निवेश से जुड़े अभिलेखों का आगे विस्तृत जांच होगी। बीडीओ के पास एक बोलेरो और एक कार भी है, जिनके कागजात की जांच की जा रही है। ईओयू के अधिकारियों का कहना है कि तलाशी अभियान पूरा होने और दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद ही अंतिम जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। सरकारी आवास से लेकर ऑफिस में चली जांच केवटी प्रखंड मुख्यालय परिसर के पीछे स्थित सरकारी आवास पर बुधवार सुबह करीब सात बजे ईओयू की टीम पहुंची। यहां लगभग साढ़े छह घंटे तक तलाशी ली गई। दोपहर करीब डेढ़ बजे टीम वहां से निकली। कार्रवाई के दौरान दो अधिकारियों समेत 6 कर्मी और सुरक्षा बल के जवान मौजूद रहे। सरकारी आवास के बाहर स्थानीय पुलिस और थानाध्यक्ष सदन राम की तैनाती की गई थी और आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई थी। इसी दौरान ईओयू की दूसरी टीम केवटी प्रखंड कार्यालय पहुंची और बीडीओ कार्यालय को खुलवाकर अलग-अलग फाइलों, पंजी, दस्तावेजों और अलमारियों की जांच की। ऑफिस से कागजात हुए जब्त सुबह करीब साढ़े दस बजे प्रधान लिपिक के पहुंचने के बाद अभिलेखों की औपचारिक जांच शुरू हुई। करीब दो घंटे तक चली इस कार्रवाई में टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बारीकी से जांच की और कुछ कागजात अपने साथ जब्त कर पटना ले गई। हालांकि, अधिकारियों ने मीडिया को कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। पैतृक घर से ससुराल तक में हुई छापेमारी ईओयू की कार्रवाई केवल केवटी तक सीमित नहीं रही। दरभंगा के बहादुरपुर थाना क्षेत्र स्थित निजी आवास, मधुबनी जिले के बाबूबरही प्रखंड अंतर्गत बौंसी गांव स्थित पैतृक घर और सीतामढ़ी स्थित ससुराल में भी एक साथ छापेमारी की गई। गुलाब तारा मेमोरियल हेल्थ केयर” नाम के अस्पताल में भी ईओयू की टीम पहुंची और दस्तावेजों की जांच की। बताया जाता है कि अस्पताल का नाम उनके पिता गुलाब पासवान और माता तारा देवी के नाम पर रखा गया है। इसके अलावा बहादुरपुर में माता-पिता के नाम से संचालित “GT मार्ट” की भी जांच की गई। जानकारी के मुताबिक इस प्रतिष्ठान का संचालन उनके साले की ओर से किया जाता है। आय से अधिक संपत्ति के मिले सबूत सत्यापन के दौरान ईओयू को बीडीओ चंद्रमोहन पासवान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के सबूत मिले हैं। प्रारंभिक जांच में उनके पास 89 लाख 13 हजार 500 रुपये की ऐसी संपत्ति पाई गई है, जो उनकी ज्ञात आय से लगभग 81.03 प्रतिशत अधिक है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि कुल चल-अचल संपत्ति का आंकड़ा ढ़ाई करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। उनकी वर्तमान मासिक सैलरी लगभग 60 हजार रुपये है। उनकी पत्नी गृहिणी हैं। परिवार में एक बेटा, एक बेटी, मां और रेलवे में कार्यरत एक भाई हैं। पिता का निधन हो चुका है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की संबंधित धाराओं के तहत आर्थिक अपराध का मामला दर्ज किया गया है। विशेष न्यायालय निगरानी, मुजफ्फरपुर से तलाशी वारंट लेने करने के बाद पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। पूरी छापेमारी अभियान का नेतृत्व ईओयू के डीएसपी राजन कुमार कर रहे थे। आर्थिक अपराध इकाई लंबे समय से चंद्रमोहन पासवान के वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों पर नजर रखे हुए थी। सत्यापन में मिले तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई। पहले भी विवादों में रह चुके हैं बीडीओ चंद्रमोहन पासवान साल 2013 से प्रखंड विकास पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। वर्तमान में वे केवटी प्रखंड में पदस्थापित हैं। इससे पहले वे समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर और नानपुर प्रखंड में भी बीडीओ रह चुके हैं। प्रखंड मुख्यालय से पेड़ों को कटवाया था वे पिछले दिनों उस समय भी चर्चा में आए थे, जब केवटी प्रखंड मुख्यालय परिसर से करीब आधा दर्जन हरे पेड़ों को कटवाकर घर ले जाने का आरोप उन पर लगा था। इस मामले में वन प्रमंडल की ओर से कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेज 4 महीने पहले सौंपने का दावा बीडीओ चंद्रमोहन पर शिकायतकर्ता इकबाल अंसारी ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि करीब चार महीने पहले उन्होंने आर्थिक अपराध इकाई को बीडीओ की अवैध संपत्ति और भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेज सौंपे थे, जिसके आधार पर अब कार्रवाई हो रही है। इकबाल अंसारी ने कहा कि उन्होंने ईओयू को जानकारी दी थी कि बीडीओ चंद्रमोहन पासवान और उनकी पत्नी सविता कुमारी के नाम पर दरभंगा के बहादुरपुर थाना क्षेत्र समेत कई जगहों पर बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी गई है। उनके अनुसार 11 जमीन की डीड, 925 ग्राम सोना और नेपाल में संपत्ति से जुड़ी सूचनाएं भी जांच एजेंसी को उपलब्ध कराई गई थीं। ढ़ाई करोड़ की निकासी की आरोप अंसारी के मुताबिक केवटी प्रखंड में बड़े पैमाने पर सरकारी योजनाओं में अनियमितता हुई है और प्रखंड प्रमुख की मिलीभगत से करीब ढाई करोड़ रुपये की निकासी की गई है।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि “सोनाली इंटरप्राइजेज” नाम की कंपनी के जरिए फर्जी तरीके से सरकारी राशि की निकासी की गई। उनका कहना है कि यह कंपनी किसी थर्ड पार्टी के नाम पर संचालित की जा रही है, जबकि इसका नियंत्रण कथित रूप से बीडीओ से जुड़ा हुआ है। इकबाल अंसारी ने दावा किया कि 15वें वित्त आयोग की राशि और अन्य योजनाओं में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई है। अंसारी ने बीडीओ के ड्राइवर प्रकाश मुखिया पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि वही विभिन्न जगहों पर पैसों के लेन-देन का काम देखता था। उन्होंने उम्मीद जताई कि ईओयू की कार्रवाई से उन्हें न्याय मिलेगा। हॉस्पिटल में 50 लाख रुपए की मशीन इसके अलावा शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि चंद्रमोहन पासवान ने बहादुरपुर में “गंगातारा मॉल”, बाबूबरही स्थित पैतृक गांव में “गंगातारा मेमोरियल केयर अस्पताल” और सरसों तेल का बड़ा कारखाना भी स्थापित कर रखा है। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल में करीब 50 लाख रुपये की मशीनें लगी हुई हैं।


