Hockey World Cup में Netherlands से भिड़ेगी भारतीय टीम, सेमीफाइनल के लिए जीत जरूरी

Hockey World Cup में Netherlands से भिड़ेगी भारतीय टीम, सेमीफाइनल के लिए जीत जरूरी

(मोना पार्थसारथी) एम्सटेलवीन, 21 अगस्त भारत शनिवार को यहां जब विश्व कप हॉकी के दूसरे दौर के अपने पहले मैच में सह-मेजबान और मौजूदा ओलंपिक चैंपियन नीदरलैंड से भिड़ेगा तो उसकी रक्षात्मक कमजोरियों की सबसे बड़ी परीक्षा तब होगी और हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली टीम यह अच्छी तरह से जानती है कि अगर उसे सेमीफाइनल में जगह बनानी है तो अब गलती की कोई गुंजाइश नहीं है। भारतीय टीम को न सिर्फ एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी का सामना करना होगा बल्कि वैगनर स्टेडियम में नीदरलैंड के लिए बनने वाले माहौल की चुनौती से भी पार पाना होगा। इस 10,000 दर्शकों की क्षमता वाले स्टेडियम में नीदरलैंड के समर्थकों के बड़ी संख्या में पहुंचने की उम्मीद है।स्थानीय दर्शकों ने अभी तक अपनी टीम के प्रति पूरी प्रतिबद्धता दिखाई है और वह बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचे हैं। ऐसे में स्टैंड में ‘ओरेंज’ रंग का विशाल जनसमूह, लगातार नारे लगाना और घरेलू टीमके लिए जोशीला समर्थन भारत के लिए माहौल को बेहद चुनौतीपूर्ण बना सकता है। भारतीय टीम को हालांकि विचलित नहीं होना चाहिए।उसके लिए सबसे बड़ी चिंता अच्छी शुरुआत के बाद नियंत्रण खो देना है। पाकिस्तान के खिलाफ 3-0 और 4-1 से बढत बनाने के बाद भारत ने पकड़ ढीली की, जबकि इंग्लैंड के खिलाफ पहले हाफ में 2-1 की बढ़त तीसरे क्वार्टर में दो गोल खाने के बाद हाथ से निकल गई और आखिर में टीम 2-4 से हार गई। नीदरलैंड जैसी टीमों के खिलाफ इस तरह की गलती भारी पड़ सकती है।इसे भी पढ़ें: Harmanpreet Singh की अगुवाई में India ने Pakistan को हराया, डिफेंस में सुधार पर दिया जोरभारत ने पूल डी में वेल्स को 3 -1 से और पाकिस्तान को 5-3 से हराया जबकि इंग्लैंड से हार उसे भारी पड़ सकती है। पहले चरण में इंग्लैंड से हारने के कारण भारतीय टीम दूसरे दौर में उसके खिलाफ नहीं खेलेगी जबकिइंग्लैंड पहले दौर के तीन अंक लेकर इस दौर में पहुंची है। इसके मायने हैं कि भारत को बाकी दोनों टीमों से जीतना ही होगा।दूसरी तरफ नीदरलैंड की टीम ने अभी तक शानदार प्रदर्शन किया है। उसने न्यूजीलैंड को 5-1, अर्जेंटीना को 3-1 और जापान को 4-1 से हराकर तीनों मैच में अपना दबदबा बनाया। ऐसे में दुनिया की सबसे आक्रामक टीम के खिलाफ भारतीय रक्षापंक्ति की कड़ी परीक्षा होगी।नये प्रारूप के तहत पूल डी की दोनों शीर्ष टीमें और पूल ए की दो शीर्ष टीमों से पूल ई बना है जिसमें से पहली दो टीमें सेमीफाइनल में जायेंगी। वहीं पूल बी और सी की शीर्ष दो टीमें पूल एफ में एक दूसरे से खेलेंगी और पहले दो स्थान की टीमें अंतिम चार में पहुंचेंगी। पूल ए में शीर्ष पर रही नीदरलैंड ने 1973 में इसी मैदान पर भारत को हराकर अपना पहला विश्व कप खिताब जीता था और 1990 और 1998 में भी ट्रॉफी अपने नाम की थी।इसे भी पढ़ें: India vs Netherlands Hockey: दूसरे दौर की चुनौती, क्या ‘Knockout’ जैसे मुकाबलों में डिफेंस सुधार पाएगी Team India?शीर्ष स्तर पर उनकी निरंतरता उन्हें सबसे कठिन प्रतिद्वंद्वियों में से एक बनाती है। तीन विश्व कप के अलावा तीन बार ओलंपिक स्वर्ण पदक जीत चुकी नीदरलैंड को उसके गढ में हराने की चुनौती भारत के लिये आसान नहीं होगी। अपनी मजबूत हॉकी संस्कृति के लिये मशहूर नीदरलैंड टीम दर्शकों के अपार समर्थन का भी पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेगी।लेकिन भारत ने यह साबित कर दिया है कि नीदरलैंड की टीम अजेय नहीं है। भारतीय टीम ने जून में रोटरडम में एफआईएच प्रो लीग के 2025-26 सत्र के आखिरी मैच में नीदरलैंड को 3 -2 से हराया था। पहला मैच इसी अंतर से हारने के बाद भारत ने जु्गराज सिंह, अभिषेक और राजिंदर सिंह जैसे युवा खिलाड़ियों के गोल के दम पर जीत दर्ज की थी।इसे भी पढ़ें: Hockey World Cup: England के खिलाफ 32 साल का सूखा खत्म करने से चूका India, अब Pakistan से महामुकाबलाये तीनों खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं और खासकर अभिषेक शानदार फॉर्म में हैं जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ दो बेहतरीन फील्ड गोल भी किये थे। वहीं कप्तान हरमनप्रीत अभी तक टूर्नामेंट में सर्वाधिक पांच गोल कर चुके हैं और एक बार फिर उन पर बड़ा दारोमदार होगा जबकि 420 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह और 291 मैच खेल चुके फॉरवर्ड मनदीप सिंह से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। भारतीय कप्तान हालांकि यह जानते हैं कि अगर टीम को प्रतियोगिता में आगे तक जाना है तो उसे रक्षात्मक रूप से मजबूत होना होगा।हरमनप्रीत ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच के बाद कहा था, ‘‘आगे के कठिन मैचों के लिए हमें अपनी रक्षात्मक रणनीति में सुधार करना होगा। अगर गेंद 25 मीटर के दायरे में आती है, तो हमें उसे अपने पास रखना होगा। हमने कुछ ऐसी गलतियां कीं जिनकी वजह से पाकिस्तान को स्कोर करने का मौका मिला।हमें इनसे सीख लेनी चाहिए और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए।’’ नीदरलैंड की टीम भी भारत से मिलने वाली चुनौती से अच्छी तरह वाकिफ है और वह किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहेगी। नीदरलैंड के कप्तान थियरी ब्रिंकमैन ने अंतिम ग्रुप मैच में जापान को हराने के बाद कहा, ‘‘भारत एक खतरनाक टीम है, जैसा कि हम एफआईएच प्रो लीग में देख चुके हैं। अपने दिन वे किसी भी टीम को हरा सकते हैं और उसके कप्तान हरमनप्रीत सिंह बेहतरीन फॉर्म में दिख रहे हैं।’’ नीदरलैंड के खिलाफ भारत को हर विभाग में अधिक सतर्क रहने की जरूरत होगी, खासकर तब जब वे गेंद पर अपना नियंत्रण खो देते हैं और जब डच टीम दबाव बनाना शुरू कर देती है। 

(मोना पार्थसारथी) एम्सटेलवीन, 21 अगस्त भारत शनिवार को यहां जब विश्व कप हॉकी के दूसरे दौर के अपने पहले मैच में सह-मेजबान और मौजूदा ओलंपिक चैंपियन नीदरलैंड से भिड़ेगा तो उसकी रक्षात्मक कमजोरियों की सबसे बड़ी परीक्षा तब होगी और हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली टीम यह अच्छी तरह से जानती है कि अगर उसे सेमीफाइनल में जगह बनानी है तो अब गलती की कोई गुंजाइश नहीं है। भारतीय टीम को न सिर्फ एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी का सामना करना होगा बल्कि वैगनर स्टेडियम में नीदरलैंड के लिए बनने वाले माहौल की चुनौती से भी पार पाना होगा। इस 10,000 दर्शकों की क्षमता वाले स्टेडियम में नीदरलैंड के समर्थकों के बड़ी संख्या में पहुंचने की उम्मीद है।

स्थानीय दर्शकों ने अभी तक अपनी टीम के प्रति पूरी प्रतिबद्धता दिखाई है और वह बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचे हैं। ऐसे में स्टैंड में ‘ओरेंज’ रंग का विशाल जनसमूह, लगातार नारे लगाना और घरेलू टीमके लिए जोशीला समर्थन भारत के लिए माहौल को बेहद चुनौतीपूर्ण बना सकता है। भारतीय टीम को हालांकि विचलित नहीं होना चाहिए।

उसके लिए सबसे बड़ी चिंता अच्छी शुरुआत के बाद नियंत्रण खो देना है। पाकिस्तान के खिलाफ 3-0 और 4-1 से बढत बनाने के बाद भारत ने पकड़ ढीली की, जबकि इंग्लैंड के खिलाफ पहले हाफ में 2-1 की बढ़त तीसरे क्वार्टर में दो गोल खाने के बाद हाथ से निकल गई और आखिर में टीम 2-4 से हार गई। नीदरलैंड जैसी टीमों के खिलाफ इस तरह की गलती भारी पड़ सकती है।

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भारत ने पूल डी में वेल्स को 3 -1 से और पाकिस्तान को 5-3 से हराया जबकि इंग्लैंड से हार उसे भारी पड़ सकती है। पहले चरण में इंग्लैंड से हारने के कारण भारतीय टीम दूसरे दौर में उसके खिलाफ नहीं खेलेगी जबकिइंग्लैंड पहले दौर के तीन अंक लेकर इस दौर में पहुंची है। इसके मायने हैं कि भारत को बाकी दोनों टीमों से जीतना ही होगा।

दूसरी तरफ नीदरलैंड की टीम ने अभी तक शानदार प्रदर्शन किया है। उसने न्यूजीलैंड को 5-1, अर्जेंटीना को 3-1 और जापान को 4-1 से हराकर तीनों मैच में अपना दबदबा बनाया। ऐसे में दुनिया की सबसे आक्रामक टीम के खिलाफ भारतीय रक्षापंक्ति की कड़ी परीक्षा होगी।

नये प्रारूप के तहत पूल डी की दोनों शीर्ष टीमें और पूल ए की दो शीर्ष टीमों से पूल ई बना है जिसमें से पहली दो टीमें सेमीफाइनल में जायेंगी। वहीं पूल बी और सी की शीर्ष दो टीमें पूल एफ में एक दूसरे से खेलेंगी और पहले दो स्थान की टीमें अंतिम चार में पहुंचेंगी। पूल ए में शीर्ष पर रही नीदरलैंड ने 1973 में इसी मैदान पर भारत को हराकर अपना पहला विश्व कप खिताब जीता था और 1990 और 1998 में भी ट्रॉफी अपने नाम की थी।

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शीर्ष स्तर पर उनकी निरंतरता उन्हें सबसे कठिन प्रतिद्वंद्वियों में से एक बनाती है। तीन विश्व कप के अलावा तीन बार ओलंपिक स्वर्ण पदक जीत चुकी नीदरलैंड को उसके गढ में हराने की चुनौती भारत के लिये आसान नहीं होगी। अपनी मजबूत हॉकी संस्कृति के लिये मशहूर नीदरलैंड टीम दर्शकों के अपार समर्थन का भी पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेगी।

लेकिन भारत ने यह साबित कर दिया है कि नीदरलैंड की टीम अजेय नहीं है। भारतीय टीम ने जून में रोटरडम में एफआईएच प्रो लीग के 2025-26 सत्र के आखिरी मैच में नीदरलैंड को 3 -2 से हराया था। पहला मैच इसी अंतर से हारने के बाद भारत ने जु्गराज सिंह, अभिषेक और राजिंदर सिंह जैसे युवा खिलाड़ियों के गोल के दम पर जीत दर्ज की थी।

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ये तीनों खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं और खासकर अभिषेक शानदार फॉर्म में हैं जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ दो बेहतरीन फील्ड गोल भी किये थे। वहीं कप्तान हरमनप्रीत अभी तक टूर्नामेंट में सर्वाधिक पांच गोल कर चुके हैं और एक बार फिर उन पर बड़ा दारोमदार होगा जबकि 420 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह और 291 मैच खेल चुके फॉरवर्ड मनदीप सिंह से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। भारतीय कप्तान हालांकि यह जानते हैं कि अगर टीम को प्रतियोगिता में आगे तक जाना है तो उसे रक्षात्मक रूप से मजबूत होना होगा।

हरमनप्रीत ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच के बाद कहा था, ‘‘आगे के कठिन मैचों के लिए हमें अपनी रक्षात्मक रणनीति में सुधार करना होगा। अगर गेंद 25 मीटर के दायरे में आती है, तो हमें उसे अपने पास रखना होगा। हमने कुछ ऐसी गलतियां कीं जिनकी वजह से पाकिस्तान को स्कोर करने का मौका मिला।

हमें इनसे सीख लेनी चाहिए और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए।’’ नीदरलैंड की टीम भी भारत से मिलने वाली चुनौती से अच्छी तरह वाकिफ है और वह किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहेगी। नीदरलैंड के कप्तान थियरी ब्रिंकमैन ने अंतिम ग्रुप मैच में जापान को हराने के बाद कहा, ‘‘भारत एक खतरनाक टीम है, जैसा कि हम एफआईएच प्रो लीग में देख चुके हैं। अपने दिन वे किसी भी टीम को हरा सकते हैं और उसके कप्तान हरमनप्रीत सिंह बेहतरीन फॉर्म में दिख रहे हैं।’’ नीदरलैंड के खिलाफ भारत को हर विभाग में अधिक सतर्क रहने की जरूरत होगी, खासकर तब जब वे गेंद पर अपना नियंत्रण खो देते हैं और जब डच टीम दबाव बनाना शुरू कर देती है।

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