Gunfire outside new Cricket Canada president house: कनाडा क्रिकेट में चल रहे घमासान के बीच एक चौंकाने वाली और डरावनी घटना सामने आई है। नवनिर्वाचित क्रिकेट कनाडा के अध्यक्ष अरविंदर खोसा के घर बुधवार सुबह गोलीबारी कर दी गई। सुबह करीब 4:40 बजे सरे के न्यूटन इलाके में स्थित उनके घर पर अज्ञात हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग की। उस समय घर में लोग मौजूद थे, लेकिन किसी को कोई चोट नहीं आई। पुलिस को घर की दीवारों, दरवाजों और खिड़कियों पर गोली के कई निशान मिले हैं।
एक्सटॉर्शन से जुड़ा है मामला
सरे पुलिस के मीडिया अधिकारी सर्जेंट अली गेलस ने बताया कि यह घटना एक्सटॉर्शन (धमकी देकर पैसा ऐंठने) से जुड़ी प्रतीत होती है। उन्होंने कहा, “इस घर से जुड़े एक व्यक्ति को पहले भी एक्सटॉर्शन की धमकियां मिल चुकी थीं।” फिलहाल जांच शुरुआती चरण में है। यह घटना इसलिए भी ज्यादा गंभीर मानी जा रही है क्योंकि अरविंदर खोसा ने महज कुछ दिन पहले, 9 मई को मिसिसॉगा में हुई AGM के बाद आधिकारिक रूप से क्रिकेट कनाडा के अध्यक्ष पद की कमान संभाली थी। इससे पहले वे अंतरिम अध्यक्ष थे।
खोसा के पद संभालते ही कनाडाई क्रिकेट में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। CBC की ‘फिफ्थ एस्टेट’ टीम की जांच में खुलासा हुआ था कि T20 विश्व कप से पहले लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े कुछ लोग कनाडा क्रिकेट बोर्ड को धमकियां दे रहे थे। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि खिलाड़ियों और अधिकारियों पर दबाव डालकर दिलप्रीत बाजवा को आखिरी समय पर टीम का कप्तान बनवाया गया।
स्पॉट-फिक्सिंग की जांच भी चल रही
इसके अलावा न्यूजीलैंड के खिलाफ चेन्नई विश्व कप मैच में एक ओवर में अजीबोगरीब वाइड और नो-बॉल फेंके जाने को लेकर स्पॉट-फिक्सिंग की जांच भी चल रही है। भ्रष्टाचार के इन आरोपों के अलावा क्रिकेट कनाडा पर वित्तीय गड़बड़ियों और प्रशासनिक अनियमितताओं के भी गंभीर आरोप लगे हैं। हालात इतने बिगड़ गए कि आईसीसी ने फाइनेंशियल डिस्क्लोजर से जुड़ी चिंताओं के चलते क्रिकेट कनाडा की फंडिंग छह महीने के लिए रोक दी है। चूंकि आईसीसी की फंडिंग बोर्ड के लिए बहुत बड़ी सहायता है, इसलिए यह फैसला संगठन के लिए बेहद भारी पड़ रहा है।
बता दें कि क्रिकेट कनाडा से जुड़े लोगों पर हमला यह पहली बार नहीं हुआ है। कुछ महीने पहले कैलगरी में बोर्ड के एक पूर्व सदस्य के घर पर दो बार गोलीबारी हो चुकी थी। उस घटना के बाद संबंधित अधिकारी को अपना परिवार सुरक्षित जगह शिफ्ट करना पड़ा और अंततः उन्होंने बोर्ड से इस्तीफा दे दिया। हालांकि पुलिस ने अभी सरे और कैलगरी दोनों घटनाओं के बीच कोई सीधा संबंध नहीं बताया है, लेकिन कनाडा क्रिकेट में लगातार बढ़ रही हिंसा और अराजकता ने सबको चिंता में डाल दिया है।


