केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी कथित ‘स्टिंग ऑपरेशन’ को लेकर जनता दल (सेक्युलर) के अभियान का नेतृत्व करते हुए शनिवार को बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ यहां स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय पहुंचे और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एम. ए. सलीम को एक ज्ञापन सौंपा। डीजीपी को सौंपे गये ज्ञापन में तथा मार्च में शामिल जद (एस) के कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे कथित ‘स्टिंग ऑपरेशन’ में शामिल लोगों की तत्काल गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। जद (एस) के सभी विधायकों द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन में “एक महिला द्वारा लगाए गए गंभीर यौन आरोपों को दबाने, उसके अधिकारों का उल्लंघन करने तथा प्रभावशाली लोगों को ब्लैकमेल करने के लिए वीडियो को संपादित करने” का उल्लेख किया गया है।
इसमें ‘‘कथित राजनीतिक साजिश’’ की व्यापक जांच के लिए एक उच्चस्तरीय विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करके जांच कराने का अनुरोध किया गया है। विरोध प्रदर्शन के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कार्यकर्ता डीजीपी कार्यालय में घुसने का प्रयास कर रहे थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की और रस्सी लगाकर प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जद (एस) नेता कुमारस्वामी ने कर्नाटक सरकार पर पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को निशाना बनाने वाले कथित ‘स्टिंग ऑपरेशन’ के मामले में निष्क्रियता बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस ने इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने कहा, ‘‘हमने कर्नाटक में हो रही सभी घटनाओं के बारे में विस्तार से बताया है और सरकार को इनसे अवगत कराया है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि कई घटनाक्रम सामने आने के बावजूद राज्य सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने कथित ‘स्टिंग ऑपरेशन’ पर सिद्धरमैया की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसका उद्देश्य मुख्यमंत्री की छवि खराब करना था और सिद्धरमैया स्वयं इसमें शामिल नहीं थे। कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘यह सब देखकर क्या सिद्धरमैया का खून नहीं खौलता? सिद्धरमैया, आपको क्या हो गया है?
आपने शिकायत क्यों दर्ज नहीं कराई? मैं ये सवाल गहरी पीड़ा के साथ पूछ रहा हूं।”
कुमारस्वामी ने कहा कि इस घटना को लगभग 10 से 12 दिन बीत चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इस वीडियो का उद्देश्य क्या था और किन परिस्थितियों में इसमें सिद्धरमैया का नाम घसीटा गया।

