राष्ट्रपति द्वारा गोद लिए गए गुरुग्राम के दोहला गांव में घर के अंदर एक महिला की हत्या के 24 घंटे बाद भी आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने शनिवार को सोहना-गुरुग्राम सड़क अवरूद्ध कर दी और नारेबाजी की। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब महिलाएं अपने घरों के अंदर ही सुरक्षित नहीं हैं, तो शहर में उनकी सुरक्षा की उम्मीद कैसे की जा सकती है। करीब आधे घंटे बाद सड़क पर यातायात सुचारू कर दिया गया।
मृतका के परिजन इस बात पर अड़े रहे कि आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक वे शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। वहीं, ग्रामीणों ने पुलिस पर उन्हें गुमराह करने का आरोप लगाया। पुलिस के अनुसार, 34 वर्षीय नीतू शुक्रवार को दोहला गांव में अपने घर के शौचालय में मृत मिली थीं।
उनके हाथ बंधे हुए थे और चेहरे पर टेप चिपकाया हुआ था। पुलिस ने बताया कि सबसे पहले उनके पति प्रशांत ने उन्हें इस हालत में देखा। वह नीतू को अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों ने कहा कि घटना के 24 घंटे बाद भी हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। मृतका की सास ने कहा, ‘‘जब तक मेरी बहू के हत्यारे पकड़े नहीं जाते, हम पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे।’’
पुलिस के मुताबिक, सोहना के पास स्थित दोहला गांव में घर के अंदर सामान बिखरा हुआ मिलने से लूटपाट की आशंका जताई जा रही है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में कुछ संदिग्ध लोग भी दिखाई दिए हैं।
पुलिस लूटपाट और व्यक्तिगत रंजिश, दोनों पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। सोहना के सहायक पुलिस आयुक्त मुकेश यादव ने कहा, ‘‘घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है और साक्ष्य जुटाए गए हैं। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
जांच अभी शुरुआती चरण में है। हम सभी पहलुओं से मामले की पड़ताल कर रहे हैं। जल्द ही मामले को सुलझा लिया जाएगा।’’

