बिहार की पहली एरोसिटी होगा हरिहरनाथपुर; 11 टाउनशिप में 5 लाख को रोजगार

बिहार की पहली एरोसिटी होगा हरिहरनाथपुर; 11 टाउनशिप में 5 लाख को रोजगार

बिहार अब विकास की नई रफ्तार पकड़ने को तैयार है। राज्य में पहली बार मेट्रो शहरों की तर्ज पर 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने का काम शुरू हो गया है। सर्वे का काम पूरा हो गया है। अगले चरण में कंसल्टेंट बहाली का काम चल रहा है। योजना का सबसे बड़ा आकर्षण सोनपुर का ‘हरिहरनाथपुर’ होगा, जिसे राज्य की पहली ‘एरोसिटी’ के रूप में बसाया जाएगा। यहां बनने वाला ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट देश का तीसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। सारण के सांसद और एविएशन एक्सपर्ट राजीव प्रताप रूडी के अनुसार, यह एयरपोर्ट हैदराबाद के बराबर होगा और अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करेगा। बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रामलाल खेतान का दावा है कि प्रत्येक टाउनशिप में लगभग 50 हजार को रोजगार मिलेगा। इस तरह, सभी 11 टाउनशिप मिलकर राज्य में 5 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करेंगे। नगर विकास मंत्री नितीश मिश्रा ने कहा कि सेटेलाइट टाउनशिप का काम तेजी से चल रहा है। कंसल्टेंट बहाल करने के लिए टेंडर निकाला गया है। जून में बहाली प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।- रामलाल खेतान, अध्यक्ष, बीआईए इंटरनेशनल हब बनेंगे पटना और सोनपुर गंगा पर बन रहे नए पुलों से पटना और सोनपुर की दूरी खत्म हो जाएगी। ये दोनों शहर मिलकर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय शहर के रूप में विकसित होंगे। यहां फाइव स्टार होटल और कन्वेंशन सेंटर बनेंगे। हरिहरनाथ कॉरिडोर और रिवर फ्रंट डेवलपमेंट से सोनपुर मेले को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में पहचान मिलेगी। बिहार में पहली बार विकास का ऐसा मॉडल तैयार किया गया है जहां एरोसिटी, फिनटेक सिटी और स्पोर्ट्स सिटी को एक साथ जोड़ा गया है। एक्सप्रेसवे, रिंग रोड और रेलवे जंक्शन के आसपास इन शहरों को बसाने से प्राइवेट इन्वेस्टमेंट तेजी से आएगा। आईटी, बैंकिंग और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए यह बिहार का ‘गोल्डन एरा’ साबित होगा। सरकार ने जमीन अधिग्रहण के लिए ‘लैंड पूलिंग मॉडल’ अपनाया है। इसके तहत किसानों को उनकी विकसित भूमि का 55% हिस्सा वापस कर दिया जाएगा। अनुमान है कि विकास के बाद इन जमीनों की कीमत 10 से 20 गुना तक बढ़ जाएगी। जो किसान योजना में शामिल नहीं होंगे, उन्हें बाजार दर से चार गुना मुआवजा मिलेगा। लॉजिस्टिक सेंटर व अन्य सुविधाएं 5-स्टार और 3-स्टार होटल्स सोनपुर में देश का तीसरा सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट होगा, टाउनशिप का सर्वे पूरा, जून में कंसल्टेंट बहाली किसानों की चांदी… 20 गुना तक बढ़ेंगी कीमतें, एयरोसिटी और स्पोर्ट्स सिटी का अनोखा संगम पाटलिपुत्र टाउनशिप: 81 हजार एकड़ में नया बिहार… पटना के पास ‘पाटलिपुत्र टाउनशिप’ सबसे बड़ी योजना है, जो 81,730 एकड़ में फैली होगी। यहां फिनटेक सिटी, आईटी पार्क और अंतरराष्ट्रीय खेलगांव विकसित होगा। वहीं सोनपुर की एरोसिटी के लिए बिहार कैबिनेट ने 1302 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। यह इलाका होटल, लॉजिस्टिक्स और कमर्शियल हब बनेगा। अक्टूबर-नवंबर तक सभी टाउनशिप का खाका तैयार करने का लक्ष्य है। बिहार अब विकास की नई रफ्तार पकड़ने को तैयार है। राज्य में पहली बार मेट्रो शहरों की तर्ज पर 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने का काम शुरू हो गया है। सर्वे का काम पूरा हो गया है। अगले चरण में कंसल्टेंट बहाली का काम चल रहा है। योजना का सबसे बड़ा आकर्षण सोनपुर का ‘हरिहरनाथपुर’ होगा, जिसे राज्य की पहली ‘एरोसिटी’ के रूप में बसाया जाएगा। यहां बनने वाला ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट देश का तीसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। सारण के सांसद और एविएशन एक्सपर्ट राजीव प्रताप रूडी के अनुसार, यह एयरपोर्ट हैदराबाद के बराबर होगा और अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करेगा। बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रामलाल खेतान का दावा है कि प्रत्येक टाउनशिप में लगभग 50 हजार को रोजगार मिलेगा। इस तरह, सभी 11 टाउनशिप मिलकर राज्य में 5 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करेंगे। नगर विकास मंत्री नितीश मिश्रा ने कहा कि सेटेलाइट टाउनशिप का काम तेजी से चल रहा है। कंसल्टेंट बहाल करने के लिए टेंडर निकाला गया है। जून में बहाली प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।- रामलाल खेतान, अध्यक्ष, बीआईए इंटरनेशनल हब बनेंगे पटना और सोनपुर गंगा पर बन रहे नए पुलों से पटना और सोनपुर की दूरी खत्म हो जाएगी। ये दोनों शहर मिलकर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय शहर के रूप में विकसित होंगे। यहां फाइव स्टार होटल और कन्वेंशन सेंटर बनेंगे। हरिहरनाथ कॉरिडोर और रिवर फ्रंट डेवलपमेंट से सोनपुर मेले को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में पहचान मिलेगी। बिहार में पहली बार विकास का ऐसा मॉडल तैयार किया गया है जहां एरोसिटी, फिनटेक सिटी और स्पोर्ट्स सिटी को एक साथ जोड़ा गया है। एक्सप्रेसवे, रिंग रोड और रेलवे जंक्शन के आसपास इन शहरों को बसाने से प्राइवेट इन्वेस्टमेंट तेजी से आएगा। आईटी, बैंकिंग और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए यह बिहार का ‘गोल्डन एरा’ साबित होगा। सरकार ने जमीन अधिग्रहण के लिए ‘लैंड पूलिंग मॉडल’ अपनाया है। इसके तहत किसानों को उनकी विकसित भूमि का 55% हिस्सा वापस कर दिया जाएगा। अनुमान है कि विकास के बाद इन जमीनों की कीमत 10 से 20 गुना तक बढ़ जाएगी। जो किसान योजना में शामिल नहीं होंगे, उन्हें बाजार दर से चार गुना मुआवजा मिलेगा। लॉजिस्टिक सेंटर व अन्य सुविधाएं 5-स्टार और 3-स्टार होटल्स सोनपुर में देश का तीसरा सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट होगा, टाउनशिप का सर्वे पूरा, जून में कंसल्टेंट बहाली किसानों की चांदी… 20 गुना तक बढ़ेंगी कीमतें, एयरोसिटी और स्पोर्ट्स सिटी का अनोखा संगम पाटलिपुत्र टाउनशिप: 81 हजार एकड़ में नया बिहार… पटना के पास ‘पाटलिपुत्र टाउनशिप’ सबसे बड़ी योजना है, जो 81,730 एकड़ में फैली होगी। यहां फिनटेक सिटी, आईटी पार्क और अंतरराष्ट्रीय खेलगांव विकसित होगा। वहीं सोनपुर की एरोसिटी के लिए बिहार कैबिनेट ने 1302 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। यह इलाका होटल, लॉजिस्टिक्स और कमर्शियल हब बनेगा। अक्टूबर-नवंबर तक सभी टाउनशिप का खाका तैयार करने का लक्ष्य है।  

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