हरदा विधायक बोले- एसपी, एसडीएम, एएसपी ये सब चोर:FIR दर्ज होन का कर रहे विरोध, पुलिस ने कहा- NHAI की शिकायत पर की कार्रवाई

हरदा। हंडिया थाना क्षेत्र में चक्काजाम करने के मामले में विधायक डॉ. आर.के. दोगने सहित 35 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। बुधवार को इसको लेकर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक दोगने ने हरदा एसपी, एसडीएम और एएसपी को ‘चोर’ बताया। वहीं पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई एनएचएआई की शिकायत पर बिना किसी दबाव के वैधानिक नियमों के तहत की गई है। अजबसिंह की मौत के बाद हुआ था प्रदर्शन यह मामला ग्राम रेलवा निवासी 80 वर्षीय अजबसिंह ठाकुर की आत्महत्या से जुड़ा है। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। इसी को लेकर 10 मई को मृतक के परिजनों के साथ विधायक डॉ. आर.के. दोगने, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन साई और एससी-एसटी वर्ग से जुड़े नेताओं ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने पहले थाने के सामने और फिर इंदौर-बैतूल हाईवे पर करीब चार घंटे तक शव रखकर चक्काजाम किया था। विधायक ने कहा- एसपी, एसडीएम,एएसपी ये सब चोर विधायक दोगने ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन भाजपा नेताओं के दबाव में काम कर रहा है। उन्होंने अपनी छवि के विपरीत अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए हरदा एसपी, एसडीएम और एएसपी को ‘चोर’ कहा। विधायक ने दावा किया कि वे पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने दबाव में आकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस बोली- नियमों के तहत हुई कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि मृतक अजबसिंह की मौत के मामले में पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है। उन्होंने परिजनों द्वारा पुलिस पर प्रताड़ना के आरोपों को खारिज किया। एएसपी के अनुसार, अजबसिंह को 1 मई को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से उन्हें 4 मई को छुट्टी मिली थी। इसके बाद परिजनों ने उन्हें 5 मई को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया और 10 मई को इंदौर ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। हाईवे जाम करने पर दर्ज हुआ मामला एएसपी मिश्रा ने बताया कि अजबसिंह की मौत के बाद शव को हाईवे पर रखकर करीब चार घंटे तक जाम लगाया गया था। एनएचएआई ने शिकायत की थी कि चक्काजाम के कारण आवागमन बाधित हुआ और आवश्यक सेवाएं प्रभावित हुईं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी द्वेष भावना से नहीं, बल्कि वैधानिक नियमों के तहत की गई है। हाईवे जाम करना गैरकानूनी गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवैध रूप से कब्जा करने, आवाजाही रोकने या चक्काजाम करने पर नेशनल हाईवे एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है। एक्ट की धारा 8B के तहत दोषी पाए जाने पर जुर्माने के साथ 5 साल तक की सजा का प्रावधान है। पुलिस ने बताया कि इसी कानून के तहत प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर दर्ज की गई है।

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