अतिथि शिक्षक मई-जून तक बेरोजगार:बालाघाट में बोले- गर्मी की छुट्टियों का भी वेतन मिले और नियमित किया जाए

अतिथि शिक्षक मई-जून तक बेरोजगार:बालाघाट में बोले- गर्मी की छुट्टियों का भी वेतन मिले और नियमित किया जाए

बालाघाट में अतिथि शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया और सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों का कहना है कि वे साल भर मेहनत से पढ़ाते हैं, लेकिन गर्मी की छुट्टियों (मई-जून) में उन्हें काम से निकाल दिया जाता है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाता है। शनिवार को अतिथि शिक्षकों ने बताया कि वे 1 जुलाई से 30 अप्रैल तक स्कूलों में अपनी सेवाएं देते हैं, लेकिन जैसे ही मई का महीना आता है, उन्हें सेवामुक्त कर दिया जाता है। इस वजह से उन्हें हर साल दो महीने बेरोजगार रहना पड़ता है। शिक्षकों ने डिप्टी कलेक्टर प्रदीप कौरव को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि उनकी नौकरी पूरे साल के लिए पक्की की जाए और उन्हें समय पर वेतन दिया जाए। पुरानी घोषणाओं को पूरा करने की जिद अतिथि शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष पंकज डोंगरे ने कहा कि पिछले 10-15 सालों से वे बहुत कम पैसों में बच्चों का भविष्य बना रहे हैं, फिर भी सरकार उनके बारे में नहीं सोच रही। उन्होंने याद दिलाया कि 2 सितंबर 2023 को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वादा किया था कि ‘गुरुजी’ की तरह विभागीय परीक्षा लेकर उन्हें नियमित किया जाएगा, लेकिन वह वादा आज तक अधूरा है। शिक्षकों की मुख्य मांगें शिक्षकों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों में कुछ बड़े मुद्दे उठाए हैं- नए शिक्षकों की भर्ती के बजाय पुराने अनुभवी शिक्षकों को ही काम पर रखा जाए। शिक्षकों के लिए 10 लाख रुपए का बीमा और आयुष्मान कार्ड की सुविधा दी जाए। हर साल मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाए। ऑनलाइन हाजिरी के चक्कर में रुका हुआ वेतन तुरंत दिया जाए और मई-जून का पैसा भी मिले। शिक्षकों ने साफ कहा कि अगर उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो वे अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए आगे और बड़ा आंदोलन करेंगे।

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