गुढ़ागौढ़जी का SDM कोर्ट बदलने का विरोध:वकीलों का आंदोलन तेज, कार्य बहिष्कार के बाद अनिश्चितकालीन धरना शुरू

गुढ़ागौढ़जी का SDM कोर्ट बदलने का विरोध:वकीलों का आंदोलन तेज, कार्य बहिष्कार के बाद अनिश्चितकालीन धरना शुरू

झुंझुनूं में गुढ़ागौढ़जी तहसील के गांवों को झुंझुनूं से हटाकर उदयपुरवाटी SDM कोर्ट के अधीन करने के फैसले के विरोध में वकीलों का आंदोलन तेज हो गया है। दो दिन के सांकेतिक कार्य बहिष्कार के बाद अब जिला अभिभाषक संस्था (बार एसोसिएशन) झुंझुनूं के आह्वान पर कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया है। वकीलों ने फैसला वापस नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। दो दिन के बहिष्कार के बाद अनिश्चितकालीन धरना संघर्ष समिति और बार एसोसिएशन की बैठक में वकीलों ने बताया – शुरुआत में दो दिन का सांकेतिक कार्य बहिष्कार कर विरोध दर्ज कराया गया था। लेकिन शासन और प्रशासन की ओर से जनहित से जुड़ी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण अब आंदोलन को अनिश्चितकालीन धरने में बदल दिया गया है। ग्रामीणों और पक्षकारों को होगी परेशानी वकीलों का कहना है कि गुढ़ागौढ़जी के गांवों को उदयपुरवाटी SDM कोर्ट के अधीन करने से स्थानीय ग्रामीणों और पक्षकारों को अनावश्यक दूरी तय करनी पड़ेगी। इससे न्यायिक और प्रशासनिक कार्यों के लिए लोगों की परेशानी बढ़ेगी। इसी वजह से इस निर्णय का विरोध किया जा रहा है। जिलेभर की बार एसोसिएशनों ने दिया समर्थन झुंझुनूं बार एसोसिएशन के आंदोलन को जिले की अन्य अभिभाषक संस्थाओं का भी समर्थन मिला है। सूरजगढ़, पिलानी, चिड़ावा, बुहाना, खेतड़ी और नवलगढ़ की बार एसोसिएशनों ने शुक्रवार को स्वेच्छा से एक दिन का कार्य स्थगित कर आंदोलन के समर्थन में विरोध दर्ज कराया। ​फैसला वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा जिला अभिभाषक संस्था के अध्यक्ष एडवोकेट रतन लाल मोरवाल ने कहा कि जब तक गुढ़ागौढ़जी तहसील को दोबारा झुंझुनूं के अधीन रखने का फैसला नहीं होता, तब तक कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरना और प्रदर्शन जारी रहेगा। बड़ी संख्या में अधिवक्ता धरने में शामिल धरने में जिला अभिभाषक संस्था झुंझुनूं के अध्यक्ष एडवोकेट रतन मोरवाल, रणजीत सिंह, उम्मेदराज सैनी, महेश शर्मा, अनुपम शर्मा, सुभाष पूनिया, बिरजू सिंह शेखावत, एडवोकेट कुर्बान चेजारा, संदीप सैनी, मुश्ताक अली, जाफर खान, संदीप महला, हरदयाल सिंह, अशोक मांजू सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

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