अशोकनगर में बुधवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में कार्यकर्ता गांधी पार्क पर एकत्र हुए और पैदल निर्वाचन कार्यालय पहुंचे। यहां राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की गई। 14 औपचारिक आपत्तियों का दिया हवाला कांग्रेस ने ज्ञापन में निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले 10 महीनों में निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज कीं। रिपोर्टों के मुताबिक इन आपत्तियों में मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने और बहाल करने, फॉर्म-6 में बदलाव तथा निर्वाचन आयोग की आईटी और मतदाता सूची से जुड़े सिस्टम के संचालन जैसे मुद्दे शामिल थे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि SIR के दौरान नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और मतदाता सूची से नाम हटाने से जुड़े फैसलों की पूरी जानकारी दोनों निर्वाचन आयुक्तों को नहीं दी गई। पार्टी ने इसे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता से जुड़ा मामला बताते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की। राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी नेता राहुल गांधी पहले भी निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर सवाल उठा चुके हैं। ज्ञापन में इन आरोपों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप करने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर कार्रवाई करने का आग्रह किया गया। वहीं निर्वाचन आयोग ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि SIR समेत आयोग के प्रमुख फैसले तीनों निर्वाचन आयुक्तों की मंजूरी से सर्वसम्मति से लिए गए हैं। प्रदर्शन के दौरान विधायक इंजीनियर हरिबाबू राय समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

