हरियाणा की ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट शूटर मनु भाकर एशियन गेम्स 2026 में कोई मेडल नहीं जीत सकीं। 10 मीटर एयर पिस्टल में वह 5वें स्थान पर रहीं, जबकि 25 मीटर पिस्टल में 11वें स्थान पर रहकर फाइनल में जगह नहीं बना सकीं। वह कुल चार इवेंट में उतरीं, लेकिन किसी में पोडियम पर नहीं पहुंचीं। मनु के पिता राम किशन भाकर ने ANI से बातचीत में एशियन गेम्स में शूटिंग इवेंट की व्यवस्थाओं और खिलाड़ियों के ट्रैवल पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शूटिंग रेंज नागोया शहर से काफी दूर थी और खिलाड़ियों को रोजाना आने-जाने में करीब 4-5 घंटे लग रहे थे। उनके मुताबिक, रेंज के पास नाले की बदबू आती थी और खिलाड़ियों को ऐसे वातावरण में शूटिंग करनी पड़ रही थी। दादी की रस्म क्रिया में भी शामिल नहीं हो पाईं 8 सितंबर को मनु भाकर की दादी दया कौर का निधन हो गया था। मनु उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुई थीं। इसके बाद 15 सितंबर को वह एशियन गेम्स में हिस्सा लेने के लिए जापान रवाना हो गईं। 18 सितंबर को दादी की रस्म क्रिया हुई, जिसमें मनु शामिल नहीं हो पाईं। परिवार के मुताबिक, यह मनु के लिए भावनात्मक समय था, लेकिन देश के लिए खेलने की जिम्मेदारी के चलते उन्हें ट्रेनिंग और प्रतियोगिता की तैयारी के लिए जापान लौटना पड़ा। X पर लिखा- 10 साल बाद भी वही भावना 16 सितंबर को जापान पहुंचने के बाद मनु भाकर ने X पर पोस्ट कर एशियन गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व करने का अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने लिखा, “एशियन गेम्स 2026, जापान। इस सफर में 10 साल से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन भावना वही है। भारतीय जर्सी पहनकर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का गर्व, उत्साह और सम्मान। यह हमेशा एक सौभाग्य की बात रही है। मैं हमेशा आभारी रहूंगी।” रहूंगी। ————————————– ये खबर भी पढ़ें :- दादी के अंतिम संस्कार में शामिल हुईं मनु भाकर:पिता के साथ झज्जर पहुंची, सोशल मीडिया पर लिखा-आप हमेशा हमारे दिल में रहेंगी ओलिंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर 8 सितंबर को अपनी दादी दया कौर के अंतिम संस्कार में शामिल हुईं। मनु अपने पिता रामकिशन भाकर के साथ दादी की अंतिम यात्रा में शामिल होने झज्जर पहुंचीं। इस दौरान परिवार के सदस्य और परिचित भी मौजूद रहे। पढ़ें पूरी खबर…
एशियन गेम्स में मनु भाकर नहीं जीत पाईं मेडल:पिता बोले- रेंज पहुंचने में 4-5 घंटे लगते थे, बदबू के बीच शूटिंग करते थे

