पटना सदर प्रखंड में भू-जलस्तर पिछले साल से 5 फीट नीचे गिरा है। 15 मई 2025 को 20.9 फीट पर था, जो 15 मई 2026 को 25.9 फीट पर चला गया है। बारिश होने के बावजूद ग्राउंड वाटर लेवल रिचार्ज नहीं हो रहा है। इसकी मुख्य वजह लगातार कंक्रीट का जाल बढ़ना है। पीएचईडी के अधिकारियों के मुताबिक, ग्राउंड वाटर रिचार्ज नदियों, तालाबों और बारिश के पानी से होता है। लेकिन, पटना शहर में बारिश का जल कंक्रीट के जाल की वजह से नाला के माध्यम से बाहर निकल जाता है। इसी तरह दानापुर, मनेर, बख्तियारपुर, मोकामा, पंडारक में भी भू-जलस्तर पिछले साल के मुकाबले नीचे गया है। शेष 17 प्रखंडों में पिछले साल की अपेक्षा सुधार हुआ है। ग्राउंड वाटर की जानकारी के लिए डेडिकेटेड विभाग बनाना जरूरी पटना शहर में जल का कितना दोहन हो रहा है, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। इसके लिए डेडिकेटेड विभाग बनाना जरूरी है, जिसमें शोध हो कि ग्राउंड वाटर कितना है, प्रतिदिन कितना दोहन हो रहा है, मानसून के दौरान कितना रिचार्ज हो रहा है? पटना, दानापुर सहित अन्य शहरी इलाके में कंक्रीट का जाल बिछते जा रहा है। इससे ग्राउंड जलस्तर रिचार्ज बाधित हो रहा है। इसके लिए सरकार को नीति बनानी होगी।- एके अग्रवाल, पूर्व निदेशक, केंद्रीय भूमिगत जल बोर्ड इन प्रखंडों में एक से तीन फीट सुधार बाढ़, बेलछी, फतुहा, खुसरूपुर, अथमलगोला, घोसवरी, फुलवारी, मसौढ़ी, नौबतपुर। यहां सुधार : भू-जलस्तर ऊपर आया प्रखंड 15 मई 2025 धनरूआ 38.7 फीट दनियावां 23.4 फीट संपतचक 33.8 फीट बिक्रम 33.7 फीट दुल्हिन बाजार 30.8 फीट पुनपुन 32.3 फीट बिहटा 33.7 फीट पालीगंज 30.9 फीट यहां खराब स्थिति : नीचे गिरा भू-जलस्तर प्रखंड 15 मई 2025 15 मई 2026 बख्तियारपुर 24.5 फीट 26.5 फीट मोकामा 24.3 फीट 29.7 फीट पंडारक 23.8 फीट 29.6 फीट दानापुर 21.9 फीट 25.6 फीट मनेर 22.3 फीट 26.4 फीट 15 मई 2026 कितना सुधार 29.2 फीट 9.5 फीट ऊपर 13.9 फीट 9.5 फीट ऊपर 25.9 फीट 7.9 फीट ऊपर 25.8 फीट 7.9 फीट ऊपर 23.8 फीट 7.0 फीट ऊपर 25.7 फीट 6.6 फीट ऊपर 27.3 फीट 6.4 फीट ऊपर 26.5 फीट 4.4 फीट ऊपर पटना सदर प्रखंड में भू-जलस्तर पिछले साल से 5 फीट नीचे गिरा है। 15 मई 2025 को 20.9 फीट पर था, जो 15 मई 2026 को 25.9 फीट पर चला गया है। बारिश होने के बावजूद ग्राउंड वाटर लेवल रिचार्ज नहीं हो रहा है। इसकी मुख्य वजह लगातार कंक्रीट का जाल बढ़ना है। पीएचईडी के अधिकारियों के मुताबिक, ग्राउंड वाटर रिचार्ज नदियों, तालाबों और बारिश के पानी से होता है। लेकिन, पटना शहर में बारिश का जल कंक्रीट के जाल की वजह से नाला के माध्यम से बाहर निकल जाता है। इसी तरह दानापुर, मनेर, बख्तियारपुर, मोकामा, पंडारक में भी भू-जलस्तर पिछले साल के मुकाबले नीचे गया है। शेष 17 प्रखंडों में पिछले साल की अपेक्षा सुधार हुआ है। ग्राउंड वाटर की जानकारी के लिए डेडिकेटेड विभाग बनाना जरूरी पटना शहर में जल का कितना दोहन हो रहा है, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। इसके लिए डेडिकेटेड विभाग बनाना जरूरी है, जिसमें शोध हो कि ग्राउंड वाटर कितना है, प्रतिदिन कितना दोहन हो रहा है, मानसून के दौरान कितना रिचार्ज हो रहा है? पटना, दानापुर सहित अन्य शहरी इलाके में कंक्रीट का जाल बिछते जा रहा है। इससे ग्राउंड जलस्तर रिचार्ज बाधित हो रहा है। इसके लिए सरकार को नीति बनानी होगी।- एके अग्रवाल, पूर्व निदेशक, केंद्रीय भूमिगत जल बोर्ड इन प्रखंडों में एक से तीन फीट सुधार बाढ़, बेलछी, फतुहा, खुसरूपुर, अथमलगोला, घोसवरी, फुलवारी, मसौढ़ी, नौबतपुर। यहां सुधार : भू-जलस्तर ऊपर आया प्रखंड 15 मई 2025 धनरूआ 38.7 फीट दनियावां 23.4 फीट संपतचक 33.8 फीट बिक्रम 33.7 फीट दुल्हिन बाजार 30.8 फीट पुनपुन 32.3 फीट बिहटा 33.7 फीट पालीगंज 30.9 फीट यहां खराब स्थिति : नीचे गिरा भू-जलस्तर प्रखंड 15 मई 2025 15 मई 2026 बख्तियारपुर 24.5 फीट 26.5 फीट मोकामा 24.3 फीट 29.7 फीट पंडारक 23.8 फीट 29.6 फीट दानापुर 21.9 फीट 25.6 फीट मनेर 22.3 फीट 26.4 फीट 15 मई 2026 कितना सुधार 29.2 फीट 9.5 फीट ऊपर 13.9 फीट 9.5 फीट ऊपर 25.9 फीट 7.9 फीट ऊपर 25.8 फीट 7.9 फीट ऊपर 23.8 फीट 7.0 फीट ऊपर 25.7 फीट 6.6 फीट ऊपर 27.3 फीट 6.4 फीट ऊपर 26.5 फीट 4.4 फीट ऊपर


