बिहार सरकार ने राज्य की विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की सघन समीक्षा को लेकर बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, राज्य सरकार ने सभी जिलों के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को “प्रभारी सचिव” के रूप में जिम्मेदारी दी है। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के विशेष सचिव अरविंद कुमार वर्मा के जारी पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार विकास योजनाओं सहित जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन की लगातार निगरानी करना चाहती है। इसी उद्देश्य से अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों को जिलों का प्रभारी सचिव बनाया गया है। इसके तहत पूर्व में जारी सभी आदेशों में संशोधन करते हुए नई सूची जारी की गई है। प्रभारी सचिव करेंगे संबंधित जिलों में विकास योजनाओं की समीक्षा सरकार के निर्देश के अनुसार प्रभारी सचिव संबंधित जिलों में विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे, प्रशासनिक व्यवस्था पर नजर रखेंगे तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी सरकार को देंगे। माना जा रहा है कि इससे जिलों में योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी आएगी और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी। पटना, समेत बड़े जिलों की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों मिली जारी सूची के अनुसार 1999 बैच के आईएएस अधिकारी विनय कुमार को पटना जिला का प्रभारी सचिव बनाया गया है। वहीं, 2001 बैच के राजेश कुमार को दरभंगा, 2010 बैच के चंद्रशेखर सिंह को मुजफ्फरपुर और 2010 बैच के राज कुमार को कटिहार की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, 1997 बैच के आईएएस अधिकारी संजीव हंस चौधरी को गया जी, संतोष कुमार मल्ल को भोजपुर और पंकज कुमार को सारण का प्रभारी सचिव बनाया गया है। 1998 बैच के नर्मदेश्वर लाल को मधुबनी की जिम्मेदारी मिली है। अधिकारियों को एक साथ कई जिलों की जिम्मेदारी सम्राट सरकार ने प्रदेश के कुछ अधिकारियों को एक साथ दो जिलों की जिम्मेदारी भी दी है। इनमें, इन जिलों के लिए भी प्रभारी सचिव नियुक्त सूची के मुताबिक, पंकज कुमार पाल को मुंगेर, अभय कुमार सिंह को पश्चिमी चंपारण, कंदन कुमार को बेगूसराय, अजय यादव को बक्सर, कुमार रवि को नालंदा, विदेश सेहरा को कैमूर, संदीप कुमार आर. पुदकलकट्टी को रोहतास, धर्मेंद्र सिंह को सिवान और विनोद सिंह गुंजियाल को सहरसा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा मो0 सोहेल को अररिया, जय सिंह को गोपालगंज, मनोज कुमार को औरंगाबाद, दीपक आनंद को भागलपुर, प्रणव कुमार को समस्तीपुर और बी. कार्तिकेय धनजी को पूर्णिया का प्रभारी सचिव बनाया गया है। वहीं सीमा त्रिपाठी को सुपौल, अनिमेष कुमार पराशर को किशनगंज, कौशल किशोर को जमुई, रचना पाटिल को वैशाली, हिमांशु शर्मा को नवादा, शीर्षत कपिल अशोक को पूर्वी चंपारण और निलेश रामचंद्र देवरे को बांका का प्रभारी सचिव बनाया गया है। योजनाओं की ग्राउंड मॉनिटरिंग तेज करने का निर्देश राज्य सरकार अब जिलों में विकास योजनाओं की “ग्राउंड मॉनिटरिंग” को और मजबूत करना चाहती है। प्रभारी सचिव समय-समय पर जिलों का दौरा कर योजनाओं की समीक्षा करेंगे, स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और कार्यों की प्रगति रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे। आगामी महीनों में सरकार विकास कार्यों की गति बढ़ाने, लंबित योजनाओं को समय पर पूरा कराने और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए इस व्यवस्था का उपयोग करेगी। बिहार सरकार ने राज्य की विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की सघन समीक्षा को लेकर बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, राज्य सरकार ने सभी जिलों के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को “प्रभारी सचिव” के रूप में जिम्मेदारी दी है। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के विशेष सचिव अरविंद कुमार वर्मा के जारी पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार विकास योजनाओं सहित जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन की लगातार निगरानी करना चाहती है। इसी उद्देश्य से अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों को जिलों का प्रभारी सचिव बनाया गया है। इसके तहत पूर्व में जारी सभी आदेशों में संशोधन करते हुए नई सूची जारी की गई है। प्रभारी सचिव करेंगे संबंधित जिलों में विकास योजनाओं की समीक्षा सरकार के निर्देश के अनुसार प्रभारी सचिव संबंधित जिलों में विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे, प्रशासनिक व्यवस्था पर नजर रखेंगे तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी सरकार को देंगे। माना जा रहा है कि इससे जिलों में योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी आएगी और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी। पटना, समेत बड़े जिलों की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों मिली जारी सूची के अनुसार 1999 बैच के आईएएस अधिकारी विनय कुमार को पटना जिला का प्रभारी सचिव बनाया गया है। वहीं, 2001 बैच के राजेश कुमार को दरभंगा, 2010 बैच के चंद्रशेखर सिंह को मुजफ्फरपुर और 2010 बैच के राज कुमार को कटिहार की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, 1997 बैच के आईएएस अधिकारी संजीव हंस चौधरी को गया जी, संतोष कुमार मल्ल को भोजपुर और पंकज कुमार को सारण का प्रभारी सचिव बनाया गया है। 1998 बैच के नर्मदेश्वर लाल को मधुबनी की जिम्मेदारी मिली है। अधिकारियों को एक साथ कई जिलों की जिम्मेदारी सम्राट सरकार ने प्रदेश के कुछ अधिकारियों को एक साथ दो जिलों की जिम्मेदारी भी दी है। इनमें, इन जिलों के लिए भी प्रभारी सचिव नियुक्त सूची के मुताबिक, पंकज कुमार पाल को मुंगेर, अभय कुमार सिंह को पश्चिमी चंपारण, कंदन कुमार को बेगूसराय, अजय यादव को बक्सर, कुमार रवि को नालंदा, विदेश सेहरा को कैमूर, संदीप कुमार आर. पुदकलकट्टी को रोहतास, धर्मेंद्र सिंह को सिवान और विनोद सिंह गुंजियाल को सहरसा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा मो0 सोहेल को अररिया, जय सिंह को गोपालगंज, मनोज कुमार को औरंगाबाद, दीपक आनंद को भागलपुर, प्रणव कुमार को समस्तीपुर और बी. कार्तिकेय धनजी को पूर्णिया का प्रभारी सचिव बनाया गया है। वहीं सीमा त्रिपाठी को सुपौल, अनिमेष कुमार पराशर को किशनगंज, कौशल किशोर को जमुई, रचना पाटिल को वैशाली, हिमांशु शर्मा को नवादा, शीर्षत कपिल अशोक को पूर्वी चंपारण और निलेश रामचंद्र देवरे को बांका का प्रभारी सचिव बनाया गया है। योजनाओं की ग्राउंड मॉनिटरिंग तेज करने का निर्देश राज्य सरकार अब जिलों में विकास योजनाओं की “ग्राउंड मॉनिटरिंग” को और मजबूत करना चाहती है। प्रभारी सचिव समय-समय पर जिलों का दौरा कर योजनाओं की समीक्षा करेंगे, स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और कार्यों की प्रगति रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे। आगामी महीनों में सरकार विकास कार्यों की गति बढ़ाने, लंबित योजनाओं को समय पर पूरा कराने और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए इस व्यवस्था का उपयोग करेगी।


