पानीपत के विकास नगर (नागल खेड़ी) की रहने वाली एक महिला ने सेक्टर-29 थाना के SHO सुभाष खासा पर जबरन मकान खाली करवाने के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने इस संबंध में पानीपत के SP को एक लिखित शिकायत सौंपकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। पीड़िता गीता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह विकास नगर (खेड़ी नांगल), पानीपत में स्थित एक डबल स्टोरी मकान (लगभग 115 वर्ग गज यानी 3 मरला 7 सरसई) की वैध मालिक हैं और लंबे समय से अपने परिवार के साथ वहां काबिज हैं। इस प्रॉपर्टी को लेकर पानीपत की सिविल कोर्ट में गीता बनाम इंद्रा शीर्षक के तहत एक मामला विचाराधीन है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय अदालत ने पीड़िता गीता के पक्ष में बाकायदा स्टे ऑर्डर (यथास्थिति बनाए रखने का आदेश) जारी कर रखा है। SHO पर मिलीभगत का आरोप, रातभर सहमा रहा परिवार शिकायत में एसएचओ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। गीता का आरोप है कि कोर्ट का स्पष्ट आदेश होने के बावजूद, सेक्टर-29 थाना के एसएचओ सुभाष खासा जान-बूझकर दूसरे पक्ष (इंद्रा के लड़के) के साथ हमसलाह हो गए हैं और उनके पक्ष में काम कर रहे हैं। एसएचओ द्वारा लगातार उनके ऊपर मकान को तुरंत खाली करने का गैर-कानूनी और नाजायज दबाव बनाया जा रहा है। घटना का ब्योरा देते हुए पीड़िता ने बताया कि 8 जून को एसएचओ सुभाष खासा अचानक उनके घर पर आ धमके और जबरदस्ती मकान खाली करने का हुक्म देने लगे। जब पीड़ित परिवार ने उनकी इस नाजायज बात को मानने से इनकार किया और माननीय अदालत द्वारा दिए गए स्टे ऑर्डर के दस्तावेजों का हवाला दिया, तो एसएचओ भड़क गए। उन्होंने कोर्ट के आदेशों को पूरी तरह दरकिनार करते हुए परिवार को बुरी तरह डराया और धमकाया। एसएचओ ने महिला, उनके पति और बच्चों को इस कदर भयभीत कर दिया कि पूरा परिवार खौफ के मारे रातभर सो भी नहीं सका। झूठे केस में फंसाकर अंदर कर दूंगा- एसएचओ की धमकी महिला का आरोप है कि एसएचओ सुभाष ने उन्हें खुलेआम धमकी दी है कि वह उन्हें और उनके परिवार को इस मकान से बेदखल करके ही दम लेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें पूरे परिवार के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करके जेल के अंदर ही क्यों न डालना पड़े। एसएचओ ने कथित तौर पर यह भी कहा कि उनके ऊपर ऊपरी दबाव है और वह किसी भी कीमत पर यह मकान खाली करवाएंगे। पीड़िता ने एसपी को दी शिकायत में स्पष्ट किया है कि एसएचओ द्वारा दी जा रही धमकियों और उनके घर आने का यह सारा वाकया वहां लगे CCTV कैमरों में पूरी तरह से रिकॉर्ड हो चुका है और इस मामले को लेकर मीडिया में भी खबरें आ चुकी हैं। विभागीय कार्रवाई और सुरक्षा की मांग पीड़ित महिला गीता ने पुलिस कप्तान से गुहार लगाई है कि एसएचओ सुभाष खांसा अपनी सरकारी पावर और पद का सरेआम दुरुपयोग कर रहे हैं और माननीय न्यायालय के आदेशों का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि इस भ्रष्ट और दमनकारी रवैये के खिलाफ एसएचओ पर तुरंत सख्त विभागीय जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए। साथ ही, उन्होंने अपने, अपने पति और बच्चों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी पुरजोर मांग की है, क्योंकि उन्हें स्थानीय पुलिस अधिकारी से ही जान का खतरा बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में उच्च अधिकारियों द्वारा क्या कदम उठाया जाता है।


