सहारनपुर विकास प्राधिकरण (SDA) की 82वीं बोर्ड बैठक गुरुवार को आयुक्त कार्यालय सभागार में मंडलायुक्त एवं प्राधिकरण अध्यक्ष की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें शहर के विकास और आधारभूत ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। बैठक में नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश जल निगम, वित्त विभाग और मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के प्रतिनिधियों सहित प्राधिकरण के नामित सदस्यों ने भाग लिया। बैठक का एक महत्वपूर्ण निर्णय सहारनपुर विकास प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र के विस्तार से संबंधित था। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के आसपास के राजस्व गांवों को विकास क्षेत्र में शामिल करने की मंजूरी दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि यह कदम भविष्य में नियोजित विकास को बढ़ावा देगा और अनियंत्रित निर्माण पर अंकुश लगाएगा। DPR तैयार करने के निर्देश दिए दिल्ली रोड स्थित विकास भवन के सामने राजकीय आईटीआई की भूमि पर ‘ग्लोबल वुडक्राफ्ट सेंटर’ स्थापित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली। इसके लिए शासनादेशों के अनुरूप भूमि की उपयुक्तता का परीक्षण कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, प्राधिकरण में भवन मानचित्रों पर लगाए जाने वाले शुल्कों के पुनरीक्षण को भी हरी झंडी मिली। शुल्कों में संशोधन ‘कॉस्ट इन्फ्लेशन इंडेक्स’ के आधार पर किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 के वास्तविक आय-व्यय आंकड़ों और वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित बजट को भी वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद अनुमोदित किया गया। मंडलायुक्त ने बैठक के दौरान शहर में बढ़ते अतिक्रमण पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सहारनपुर विकास प्राधिकरण और नगर निगम को संयुक्त रूप से व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त कर आम लोगों के आवागमन को सुविधाजनक बनाना है। इन निर्णयों को शहर के दीर्घकालिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


