मां गंगा के जयकारों से गूंज उठी गंगानगरी, ज्येष्ठ गंगा दशहरा मेले की शुरुआत; श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम

मां गंगा के जयकारों से गूंज उठी गंगानगरी, ज्येष्ठ गंगा दशहरा मेले की शुरुआत; श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम

Ganga Dussehra 2026: गंगानगरी में आयोजित ज्येष्ठ गंगा दशहरा मेले का रविवार को धार्मिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भव्य शुभारंभ किया गया। मेले के उद्घाटन अवसर पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। जनपद अमरोहा के जिला पंचायत अध्यक्ष ललित तंवर, पालिका चेयरमैन राकेश बजरंगी और अधिशासी अधिकारी पवित्रा त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह के दौरान मां गंगा के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया।

सुख-समृद्धि की कामना

मेले के शुभारंभ से पहले पंडित अमन पांडे द्वारा विधिवत मंत्रोच्चारण के बीच मां गंगा का पूजन कराया गया। सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मां गंगा से मेले के शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न होने की प्रार्थना की। श्रद्धालुओं ने भी गंगा तट पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि व अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान गंगा तट पूरी तरह श्रद्धा और आस्था से सराबोर दिखाई दिया।

स्नान पर्व से पहले श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू

सोमवार को होने वाले पवित्र स्नान को लेकर रविवार शाम से ही श्रद्धालुओं का गंगानगरी पहुंचना शुरू हो गया। दूर-दराज जिलों और गांवों से लोग परिवार सहित मेले में पहुंच रहे हैं। गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। पूठ और लठीरा गंगा तटों पर भी मेले का आयोजन शुरू हो चुका है, जहां श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बढ़ रही है।

सुरक्षा के लिए गंगा में कराई गई दोहरी बैरिकेडिंग

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पालिका प्रशासन द्वारा गंगा तट पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। गहरे जल वाले क्षेत्रों में दोहरी बैरिकेडिंग कराई गई है ताकि कोई भी श्रद्धालु जोखिम वाले स्थानों तक न पहुंच सके। इसके अलावा जैटी बैरिकेडिंग को भी पूरी तरह दुरुस्त कराया गया है। प्रशासन ने गहरे पानी वाले स्थानों पर बड़े चेतावनी बोर्ड भी लगाए हैं, जिससे श्रद्धालु सतर्क रह सकें।

सावधानी बरतने की अपील

पुलिस और पालिका प्रशासन की ओर से लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से श्रद्धालुओं को गहरे पानी में न जाने की चेतावनी दी जा रही है। अधिकारियों द्वारा घाटों पर तैनात कर्मचारियों को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि मेले के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

जनप्रतिनिधियों ने लिया जायजा

पालिका चेयरमैन राकेश बजरंगी ने मेला समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने गंगा तट, मुख्य बाजारों और प्रमुख मार्गों पर साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पेयजल आपूर्ति और पथ प्रकाश व्यवस्था को भी दुरुस्त रखने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाए गए अस्थायी अस्पताल, खोया-पाया केंद्र और रैन बसेरे का भी निरीक्षण किया।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की सहयोग की अपील

मेला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और निर्धारित सीमाओं के भीतर ही स्नान करें। प्रशासन का कहना है कि मेले को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल और स्वयंसेवकों की तैनाती भी की गई है।

धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक उत्साह का अनोखा संगम

ज्येष्ठ गंगा दशहरा मेला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक उत्साह का भी प्रतीक बन गया है। गंगा तटों पर दूर-दूर तक सजी दुकानों, धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने पूरे क्षेत्र को उत्सवमय बना दिया है। आने वाले दिनों में मेले में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है, जिसके लिए प्रशासन ने अपनी तैयारियां और तेज कर दी हैं।

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