पानीपत के सिवाह नहर पुल के पास सोमवार सुबह एक दंपती के नहर में डूबने का मामला सामने आया। प्रारंभिक रूप से इसे आत्महत्या माना गया, लेकिन दिनभर चली जांच में हादसे की पुष्टि हुई। महिला का शव सोनीपत की खूबडू झाल से बरामद हुआ, जबकि पति की तलाश जारी है। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूजा के दौरान हुआ हादसा, पत्नी को बचाने कूदे पति
परिजन असंध निवासी शशीपाल ने बताया कि सोमवार सुबह उनकी माता कमलेश और पिता मुरारी लाल घर से पूजा-अर्चना के लिए निकले थे। सिवाह नहर पर कमलेश पूजा की सामग्री और नारियल प्रवाहित कर रही थी, तभी उनका पैर फिसल गया और वह नहर में गिरकर डूबने लगी। पत्नी को डूबता देख मुरारी लाल ने भी बिना देर किए नहर में छलांग लगा दी। दोनों की चप्पलें स्कूटी पर ही रखी मिलीं। एक दिन पहले कथा सुनने घरौंडा आई थी महिला
जानकारी के अनुसार कमलेश रविवार शाम करीब 8 बजे असंध से घरौंडा आई थी, जहां उसने पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा सुनी थी। अगले दिन सुबह वह अपने पति के साथ पूजा करने के लिए निकली थी। पुलिस जांच में हादसे की पुष्टि
इसराना थाना प्रभारी हरिराम ने बताया कि पूरे दिन मामले की जांच की गई। शुरुआत में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन जांच और पूछताछ में सामने आया कि यह हादसा है। नहर में पूजा सामग्री प्रवाहित करते समय महिला का संतुलन बिगड़ा और दोनों पानी में डूब गए। महिला का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि पुरुष की तलाश जारी है। राहगीरों ने दी पुलिस को सूचना
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दंपती स्कूटी पर सवार होकर सिवाह नहर पुल के पास पहुंचे थे। उन्होंने स्कूटी किनारे खड़ी की, चप्पलें उतारकर रखीं और फिर नहर किनारे पहुंचे। कुछ ही देर बाद दोनों पानी में डूबते दिखाई दिए। राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंचे और तलाशी अभियान शुरू किया गया। 20 किलोमीटर दूर मिला महिला का शव
तलाशी अभियान के दौरान कुछ देर बाद महिला का शव करीब 20 किलोमीटर दूर सोनीपत के खूबडू झाल से बरामद हुआ। वहीं मुरारी लाल की तलाश लगातार जारी है। गोताखोरों की टीम नहर में सर्च ऑपरेशन चला रही है। सुबह घर से बिना बताए निकले थे दोनों
परिजनों के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 4 बजे मुरारी लाल और कमलेश बिना किसी को बताए घर से निकल गए थे। जब उनके बच्चे मॉर्निंग वॉक के लिए उठे तो घर में स्कूटी नहीं मिली और माता-पिता भी नहीं थे। इसके बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। कुछ देर बाद सूचना मिली कि उनकी स्कूटी पानीपत में नहर किनारे खड़ी है। परिवार में बेटा-बेटियां, कारोबार अच्छा चल रहा था
मुरारी लाल गोयल (60) असंध के रहने वाले राइस मिलर थे। उनकी मंडी में 78 नंबर दुकान थी और दो राइस मिल भी थीं, जिनमें से एक इस बार किराये पर दी हुई थी। उनका बेटा गौरव सिंगला (40) उनके साथ कारोबार संभालता है। गौरव के दो बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा और एक बेटी है। इसके अलावा परिवार में दो बेटियां प्रयांकी और रूबी भी हैं। आत्महत्या की बात से परिजन असहमत
गौरव सिंगला ने बताया कि माता-पिता के इस कदम के पीछे की वजह समझ नहीं आ रही। उन्होंने कहा कि परिवार में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं थी और कारोबार भी अच्छा चल रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग आत्महत्या करते हैं, वे इस तरह से चप्पल उतारकर नहीं जाते। इससे यह घटना आत्महत्या नहीं लगती। पुत्रवधू से विवाद की भी चर्चा, लेकिन पुष्टि नहीं
सूत्रों के अनुसार, बुजुर्ग महिला का अपनी पुत्रवधू के साथ विवाद चल रहा था, हालांकि पुलिस जांच में अब तक किसी भी प्रकार के पारिवारिक विवाद की पुष्टि नहीं हुई है। तलाश जारी, परिवार में मातम
फिलहाल पुलिस और गोताखोरों की टीम मुरारी लाल की तलाश में जुटी है। वहीं कमलेश की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजन गहरे सदमे में हैं और पूरे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।


