इटारसी के पास बालाजी वेयरहाउस स्थित सरकारी गेहूं खरीदी केंद्र पर सोमवार शाम भ्रष्टाचार की शिकायत की जांच करने सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र प्रताप सिंह किसान के भेष में पहुंचे। लोअर, टी-शर्ट और गमछा पहनकर पहुंचे अफसर के साथ केंद्र प्रभारी और सर्वेयर ने बदसलूकी करते हुए पूरी प्रशासनिक टीम के काम में बाधा डाली। मामले में दोनों आरोपियों को पुलिस के हवाले कर देर रात एफआईआर दर्ज कराई गई है और उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन ने सोमवार को कलेक्टर सोमेश मिश्रा से शिकायत की थी कि बालाजी वेयरहाउस केंद्र पर किसानों से एफएक्यू (FAQ) गेहूं पास कराने के नाम पर 5 से 6 हजार रुपए की अवैध वसूली की जा रही है। इस शिकायत की सत्यता परखने के लिए कलेक्टर के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट शाम करीब छह बजे एक आम ग्रामीण के रूप में वहां पहुंचे। उन्होंने मौके का मुआयना किया और केंद्र प्रभारी व सर्वेयर से बातचीत कर जमीनी हकीकत जानी। जांच टीम के पहुंचते ही भड़के आरोपी, की बदतमीजी
कुछ देर बाद वेयरहाउस पर नागरिक आपूर्ति निगम (नान) के कमल किशोर शुक्ला, विनोद बिसरे और कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी जुबेर काजी की संयुक्त जांच टीम भी पहुंच गई। जैसे ही अफसरों ने गेहूं के स्टॉक और दस्तावेजों का मिलान शुरू किया, केंद्र प्रभारी मुकेश साहू (रायपुर) और सर्वेयर सूरज सराठे (बाबई) भड़क गए। उन्होंने प्रशासनिक दल से अभद्रता करते हुए शासकीय कार्य में सीधा हस्तक्षेप किया और टीम को डराने का प्रयास किया, ताकि जांच रिपोर्ट न बन सके। नमूनों की जांच में सामने आई गड़बड़ी, भेजा जाएगा जेल
अधिकारियों ने मौके पर गेहूं के नमूनों का परीक्षण किया, जिसमें पाया गया कि सर्वेयर द्वारा गेहूं को एफएक्यू घोषित करने में भेदभाव और भारी अनियमितता बरती जा रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट ने दोनों आरोपियों को इटारसी थाना पुलिस के हवाले कर दिया। दोनों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। मंगलवार को इन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जाएगा। महिला समूह के केंद्र का संचालन कर रहे थे पुरुष
शासन द्वारा महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए इस खरीदी केंद्र की जिम्मेदारी ‘तपस्या आजीविका महिला स्व सहायता समूह’ को दी गई थी। नियम के अनुसार यहां केंद्र प्रभारी और ऑपरेटर के पद पर महिलाएं ही होनी चाहिए। इसके बावजूद जांच में यह बात सामने आई कि बालाजी वेयरहाउस पर केंद्र का पूरा संचालन मुकेश साहू नामक व्यक्ति कर रहा था, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। ‘भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं’
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने इस पूरी कार्रवाई पर कहा, “गेहूं खरीदी केंद्र से शिकायत मिली थी कि वहां किसानों से गेहूं पास करने के लिए 5 से 6 हजार रुपए मांगे जा रहे हैं। इसी सच्चाई को जानने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट को भेजा गया था। किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या अवैध वसूली को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।”


