उदयपुर जिले के सायरा थाना क्षेत्र के ढोल गांव में अज्ञात कारणों से अचानक आग लग गई। इस आगजनी में खेतों में खड़े 50 से अधिक आम के पौधे और वहां रखी 2000 घास की पुलिया और हजारों रुपए की जलाऊ लकड़ियां जलकर पूरी तरह राख हो गईं। आग इतनी विकराल थी कि तेज हवा के कारण देखते ही देखते करीब आधा किलोमीटर क्षेत्र में फैल गई। इससे प्रभावित किसानों को लाखों रुपए का भारी नुकसान हुआ है। अचानक लगी इस आग से मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी मची रही। स्थानीय ग्रामीण लक्ष्मण सिंह राजपूत ने बताया कि गांव के स्कूल के सामने स्थित लोहारों के कुएं के पास यह घटना हुई। यहां रतनलाल पुत्र कला लोहार, देवाराम, ताराचंद, गणेश लाल, भंवरलाल, वरदी लाल और मोतीबाई लोहार के खेत हैं, जिनमें अज्ञात लोगों द्वारा आग लगा दी। तेज हवा के चलते आग ने कुछ ही देर में बहुत भयानक रूप धारण कर लिया और एक के बाद एक खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। आगजनी की इस घटना में रतनलाल के करीब 50 से अधिक आम के पौधे जलकर पूरी तरह नष्ट हो गए। वहीं वरदी लाल के घास के दो कुंदवो में रखी करीब 2000 घास की पुलिया जलकर खाक हो गई। इसके अलावा खेत में रखी मोतीबाई की हजारों रुपए कीमत की जलाऊ लकड़ियां और कई हरे पेड़-पौधे भी पूरी तरह जल गए।
खेतों से उठती आग की लपटें और धुआं देखकर ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हुए। ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपने स्तर पर घंटों की भारी मशक्कत के बाद जैसे-तैसे आग पर काबू पाया। इसके बाद घटना की सूचना सायरा थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मौका मुआयना किया। पुलिस ने ग्रामीणों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। इस आगजनी से पीड़ित किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है, जिसे देखते हुए अब ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। इनपुट – गोपाल लोढ़ा, गोगुंदा।


