हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के पूल में मिली स्टूडेंट की लाश:परिजन बोले-डुबोकर मारा, तैरना आता था; खेल मंत्री गौरव गौतम के गांव में ननिहाल

हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के पूल में मिली स्टूडेंट की लाश:परिजन बोले-डुबोकर मारा, तैरना आता था; खेल मंत्री गौरव गौतम के गांव में ननिहाल

हरियाणा में सोनीपत के राई में स्थित हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में गुरुवार रात स्विमिंग पूल में स्टूडेंट डूब गया। रात साढ़े 8 बजे के करीब उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने इसे हादसा बताया है। शुक्रवार को परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने हत्या का अंदेशा जताया है। 30 वर्षीय निशांत गौतम को स्वीमिंग आती थी। वो पलवल के रहने वाले थे। वह 3 साल के बेटे के पिता थे। उनकी पत्नी 3 माह की प्रेग्नेंट हैं। गौतम यूनिवर्सिटी में क्रिकेट कोचिंग में पीजी डिप्लोमा के स्टूडेंट थे। निशांत का ननिहाल खेल मंत्री गौरव गौतम का गांव चिरावटा है। यह खेल मंत्री गौरव गौतम का भी गांव है। दोनों में कुनबे का रिश्ता है। ऐसे में निशांत खेल मंत्री का भाई लगते थे। वहीं, खेल मंत्री के मीडिया सलाहकार नितिन शर्मा ने कहा कि निशांत मूलरूप से दिल्ली का रहने वाले थे। खेल मंत्री के परिवार का डायरेक्ट कोई रिश्ता नहीं है। उधर, घटना के बाद यूनिवर्सिटी परिसर में हड़कंप मच गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पूल मंगलवार को ही दोबारा शुरू किया गया था। 18 फीट गहराई वाले पूल में 15 फीट पानी भरा था। सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। एफएसएल की टीम अभी नहीं पहुंची है, जिसके चलते ताला भी बंद किया गया है।
यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला… गुरुवार रात साढ़े आठ बजे हुआ हादसा : जानकारी के अनुसार, निशांत गौतम यूनिवर्सिटी हॉस्टल में रहते थे। गुरुवार रात करीब 8:30 बजे वह स्विमिंग पूल में उतरा। इसी दौरान वह गहरे पानी में डूब गया। घटना की सूचना यूनिवर्सिटी प्रबंधन तक काफी देर बाद पहुंची, जिसके चलते समय पर बचाव कार्य नहीं हो सका। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित : घटना की जानकारी मिलने के बाद यूनिवर्सिटी स्टाफ और अन्य छात्रों की मदद से निशांत को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि निशांत जब पूल में उतरे तब उसके साथ और कौन था। मंगलवार से ही शुरू हुआ था स्विमिंग पूल : सूत्रों के मुताबिक, यूनिवर्सिटी का स्विमिंग पूल मंगलवार से ही दोबारा शुरू किया गया था। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि पूल संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया गया। यह भी जांच का विषय बना हुआ है कि हादसे के समय पूल पर लाइफगार्ड मौजूद था या नहीं।

वीसी ने माना-स्वीमिंग जानता था निशांत स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. अशोक कुमार ने दैनिक भास्कर एप से बातचीत में कहा-निशांत क्रिकेट कोच बनने के लिए एक साल का कोर्स कर रहा था। अगस्त में आया था। क्रिकेट खेलने के बाद स्वीमिंग पूल में गया था। उस वक्त छह सात लोग थे, जिस वक्त यह घटना हुई। निशांत स्वीमिंग जानता था। 10 फीट से डाइव करता था। अंदेशा है कि स्वीमिंग करने के बाद अन्य स्टूडेंट्स चेंज करने चले गए होंगे, निशांत अकेला रह गया होगा। जांच कमेटी बनाई वीसी ने बताया कि फैक्ट फाइडिंग के लिए कमेटी बनाई गई है। एमडीयू के पूर्व स्पोर्ट्स डायरेक्टर आरपी गर्ग की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। गर्ग हमारे यहां सीनियर कंसलटेंट है। हादसे के वक्त जो भी लोग मौजूद रहे है, उनके बयान लिए जा रहे हैं। इसके बाद रिपोर्ट बनाई जाएगी।

ताऊ बोले-डुबोकर मारने का शक निशांत गौतम के ताऊ कुलदीप कुमार ने दैनिक भास्कर एप से बातचीत में बताया-निशांत कभी शनिवार या रविवार को ही पलवल आता था। वो हॉस्टल में ही रहता था। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने हमें बताया कि कोच कह रहे हैं कि निशांत के साथ दो लड़के और दो लड़कियां थीं। हमें संदेह है कि बेटे का डूबा का मारा गया है। पूल में और भी लड़के थे। फिर प्रबंधन को देरी से क्यों सूचना मिली। इसकी सही तरीके से जांच कराई जाएं। यहां तैनात कोच कल कुछ कह रहे थे आज कुछ कह रहे है। निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। निशांत की मथुरा में शादी हुई थी। उसके दो भाई और एक बहन हैं। निशांत सबसे बड़ा था।

पुलिस ने शुरू की जांच पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और कहीं सुरक्षा में लापरवाही तो नहीं बरती गई। पुलिस पूल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, स्टाफ की मौजूदगी और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है।

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