गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र में जमीन दिलाने के नाम पर रेलवे के चार कर्मचारियों से 17 लाख 22 हजार रुपए ठग लिए गए। आरोप है कि इतनी बड़ी रकम लेने के बावजूद पीड़ितों को न तो जमीन दी गई और न ही पूरे रुपए लौटाए गए। चारों कर्मचारी बिहार के रहने वाले है। उन्होंने बताया कि बाकी रकम मांगने पर पीड़ितों को गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। मामले में SSP के निर्देश पर आरोपी मिथिलेश्वर और उसके रिश्तेदार चंद्रिका प्रसाद साहनी उर्फ चंदू साहनी के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया है। पुलिस सबूतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जानिए पूरा मामला…
पुलिस के अनुसार बिहार के बेगूसराय निवासी अमित कुमार, गोपालगंज निवासी कुंदन कुमार, एक अन्य अमित कुमार और बरौनी निवासी अगम कुमार रेलवे कर्मचारी हैं। उनका आरोप है कि रेलवे कारखाना गोरखपुर में कार्यरत रहने के दौरान उनकी पहचान ओमनगर, बशारतपुर निवासी मिथिलेश्वर कुमार से हुई थी। बैंक से लिया लोन
पीड़ितों का कहना है कि मिथिलेश्वर कुमार ने अपने रिश्तेदार चंद्रिका प्रसाद साहनी उर्फ चंदू साहनी के माध्यम से जमीन दिलाने का आश्वासन दिया। इस भरोसे पर उन्होंने बैंक ऋण लेने के साथ ही ब्याज पर पैसा जुटाकर आरोपी के खाते में रकम भेज दी। शिकायत के मुताबिक दो पीड़ितों के नाम जमीन की रजिस्ट्री तो करा दी गई, लेकिन उस तक पहुंचने के लिए कोई रास्ता उपलब्ध नहीं कराया गया। वहीं अन्य दो कर्मचारियों से भी जमीन के लिए रुपए लिए गए, लेकिन उन्हें न तो जमीन मिली और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। 22.12 लाख में से सिर्फ 4.90 लाख रुपए लौटाए
पीड़ितों का आरोप है कि जमीन के नाम पर कुल 22.12 लाख रुपए लिए गए थे। बाद में केवल 4.90 लाख रुपए ही वापस किए गए। बाकी 17.22 लाख रुपए की मांग करने पर आरोपियों की ओर से लगातार टालमटोल की जाती रही। जांच के बाद SSP ने दिया निर्देश
विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से की गई थी। जांच के बाद एसएसपी के निर्देश पर गुलरिहा पुलिस ने चंद्रिका प्रसाद साहनी उर्फ चंदू साहनी और मिथिलेश्वर कुमार के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया है।
थाना प्रभारी जेपी पाल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उपलब्ध सबूतों और शिकायत के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।


