काफी समय से लंबित पड़े भविष्य निधि खातों को लेकर अब बड़ी पहल सामने आई है। कर्मचारियों के भविष्य निधि संगठन ने ऐसे खातों तक पहुंच आसान बनाने के लिए एक नया डिजिटल मंच तैयार करने का फैसला किया है। मौजूद जानकारी के अनुसार इस मंच के जरिए सदस्य आधार आधारित सत्यापन के माध्यम से अपने निष्क्रिय खातों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और उन्हें सक्रिय भी कर पाएंगे।
बता दें कि इस नए मंच का नाम ई-प्राप्ति रखा गया है, जिसका उद्देश्य उन सदस्यों की मदद करना है जिनके पास सार्वभौमिक खाता संख्या नहीं है या जिनके खाते पुराने तरीके से संचालित हो रहे थे। गौरतलब है कि केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि यह प्रणाली पुराने खातों की पहचान, उनका पता लगाने, खाता संख्या जोड़ने और सक्रिय करने की पूरी प्रक्रिया को सरल बनाएगी।
मौजूद जानकारी के अनुसार शुरुआत में यह मंच सदस्य पहचान संख्या के आधार पर काम करेगा, जबकि आगे चलकर इसे उन लोगों के लिए भी विस्तारित किया जाएगा जिन्हें अपने पुराने खाते की जानकारी याद नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से कागजी प्रक्रिया कम होगी और पारदर्शिता के साथ काम में तेजी आएगी।
बता दें कि इस बदलाव के दौरान मौजूदा प्रणाली को नए मंच पर स्थानांतरित करने के लिए कुछ समय के लिए बंद भी किया जा सकता है। इसके अलावा संगठन ने निष्क्रिय खातों की समस्या को हल करने के लिए छोटे खातों का स्वतः निपटान करने की योजना भी बनाई है, खासकर उन खातों के लिए जिनमें एक हजार रुपये या उससे कम राशि पड़ी है।
गौरतलब है कि निष्क्रिय खाते वे होते हैं जिनमें एक तय समय के बाद कोई योगदान नहीं होता। आमतौर पर 55 वर्ष की आयु के बाद या सेवानिवृत्ति के बाद यदि तीन साल तक कोई जमा नहीं होता तो खाता निष्क्रिय माना जाता है। हालांकि 55 वर्ष से कम आयु के मामलों में 58 वर्ष तक ब्याज मिलता रहता है।
मौजूद आंकड़ों के अनुसार ऐसे खातों की संख्या लाखों में है और इनमें हजारों करोड़ रुपये जमा हैं। यह पहल उन लाखों लोगों के लिए राहत लेकर आ सकती है जो अपने पुराने खातों तक पहुंच नहीं बना पा रहे थे। साथ ही, हाल के वर्षों में दावों के निपटान की प्रक्रिया भी तेजी से बढ़ी है और अधिकतर मामलों में स्वतः प्रणाली के जरिए कम समय में निपटान किया जा रहा है।


