आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपी ग्रामीण कार्य विभाग, जमुई के कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार पर मंगलवार को ईओयू ने सवालों की बौछार की तो वे नर्वस हो गए। करीब डेढ़ घंटे की पूछताछ में उनके पसीने छूटने लगे। नोटिस मिलने के बाद मंगलवार को वे ईओयू कार्यालय पहुंचे। टीम ने उनसे पूछताछ की। पूछा गया कि आपके फ्लैट से 61 लाख के गहने बरामद हुए। ये गहने खरीदने के लिए इतनी रकम कहां से लाई गई? सवाल सुनकर वह कुछ देर चुप रहे, फिर बताया कि गहनों की रसीदें हैं। गहने पुश्तैनी भी हैं। उनकी स्थिति देखकर टीम ने पूछताछ रोक दी और जाने दिया। दोबारा नोटिस देकर 5 जून को बुलाया गया है। ईओयू के सवाल – कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के जवाब सवाल – जमुई में आपके कार्यकाल के दौरान कई टेंडरों में वित्तीय अनियमितता की बात सामने आई है, इस पर आपका क्या कहना है? टेंडर की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी रही है। विभागीय नियमों के तहत ही आवंटन किए गए हैं। मेरे स्तर पर कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। सवाल – आपकी वैध आय से 2 करोड़ 61 हजार रुपए अधिक की चल-अचल संपत्ति मिली है। 18 साल में इतनी संपत्ति कैसे बना ली? मैंने अपनी नौकरी के दौरान थोड़ी-थोड़ी बचत की है। कुछ पैसा पुश्तैनी खेती और पारिवारिक व्यवसाय से भी आया है। इसका पूरा ब्योरा दे दूंगा। सवाल – छापेमारी के दौरान बैंक खाते और निवेश के कागजात मिले हैं। यह पैसा कहां से आया? बैंक में जो भी रकम मिली है, वह वैध है। कहीं कोई गड़बड़ी नहीं की है। जांच कर लें। सवाल – पटना और दानापुर में फ्लैट, मॉल में दो दुकान समेत कई कीमती जमीन कैसे खरीदी? सारी संपत्ति वैध है। सभी के कागजात दिखा दूंगा। कुछ नहीं छिपाऊंगा। सवाल सुनकर हुए नर्वस, हालत देख ईओयू ने पूछताछ छोड़ी छापेमारी में 48 लाख कैश मिला था। ईओयू ने गोपाल पर आय से 2 करोड़ 61 हजार रुपए अधिक की संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज करने के बाद 16 मई को पटना और जमुई स्थित पांच ठिकानों पर छापेमारी की थी। वहां से 48 लाख कैश, 61 लाख के गहने, जमीन-जायदाद के कागजात, लग्जरी गाड़ी के पेपर और तीन बैंक खातों में 10 लाख रुपए मिले थे। 2008 में गोपाल नौकरी में आए थे। जमुई से पहले गोपाल मोतिहारी, भोजपुर, बक्सर और सारण में तैनात रहे हैं। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपी ग्रामीण कार्य विभाग, जमुई के कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार पर मंगलवार को ईओयू ने सवालों की बौछार की तो वे नर्वस हो गए। करीब डेढ़ घंटे की पूछताछ में उनके पसीने छूटने लगे। नोटिस मिलने के बाद मंगलवार को वे ईओयू कार्यालय पहुंचे। टीम ने उनसे पूछताछ की। पूछा गया कि आपके फ्लैट से 61 लाख के गहने बरामद हुए। ये गहने खरीदने के लिए इतनी रकम कहां से लाई गई? सवाल सुनकर वह कुछ देर चुप रहे, फिर बताया कि गहनों की रसीदें हैं। गहने पुश्तैनी भी हैं। उनकी स्थिति देखकर टीम ने पूछताछ रोक दी और जाने दिया। दोबारा नोटिस देकर 5 जून को बुलाया गया है। ईओयू के सवाल – कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के जवाब सवाल – जमुई में आपके कार्यकाल के दौरान कई टेंडरों में वित्तीय अनियमितता की बात सामने आई है, इस पर आपका क्या कहना है? टेंडर की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी रही है। विभागीय नियमों के तहत ही आवंटन किए गए हैं। मेरे स्तर पर कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। सवाल – आपकी वैध आय से 2 करोड़ 61 हजार रुपए अधिक की चल-अचल संपत्ति मिली है। 18 साल में इतनी संपत्ति कैसे बना ली? मैंने अपनी नौकरी के दौरान थोड़ी-थोड़ी बचत की है। कुछ पैसा पुश्तैनी खेती और पारिवारिक व्यवसाय से भी आया है। इसका पूरा ब्योरा दे दूंगा। सवाल – छापेमारी के दौरान बैंक खाते और निवेश के कागजात मिले हैं। यह पैसा कहां से आया? बैंक में जो भी रकम मिली है, वह वैध है। कहीं कोई गड़बड़ी नहीं की है। जांच कर लें। सवाल – पटना और दानापुर में फ्लैट, मॉल में दो दुकान समेत कई कीमती जमीन कैसे खरीदी? सारी संपत्ति वैध है। सभी के कागजात दिखा दूंगा। कुछ नहीं छिपाऊंगा। सवाल सुनकर हुए नर्वस, हालत देख ईओयू ने पूछताछ छोड़ी छापेमारी में 48 लाख कैश मिला था। ईओयू ने गोपाल पर आय से 2 करोड़ 61 हजार रुपए अधिक की संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज करने के बाद 16 मई को पटना और जमुई स्थित पांच ठिकानों पर छापेमारी की थी। वहां से 48 लाख कैश, 61 लाख के गहने, जमीन-जायदाद के कागजात, लग्जरी गाड़ी के पेपर और तीन बैंक खातों में 10 लाख रुपए मिले थे। 2008 में गोपाल नौकरी में आए थे। जमुई से पहले गोपाल मोतिहारी, भोजपुर, बक्सर और सारण में तैनात रहे हैं।


