दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में आज कुलपति प्रो लक्ष्मीनिवास पांडेय की अध्यक्षता में नामांकन समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में नामांकन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई, जिसमें उपशास्त्री और शास्त्री पाठ्यक्रमों के नामांकन शुल्क में वृद्धि का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। आचार्य पाठ्यक्रम के शुल्क में वृद्धि पर अंतिम निर्णय अगली बैठक में लिया जाएगा। विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ निशिकांत ने बताया कि समर्थ पोर्टल के माध्यम से इसी महीने के अंत तक उपशास्त्री, शास्त्री और आचार्य कक्षाओं में नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बैठक में साल 2024 और 2025 में लिए गए नामांकन समेत पिछली बैठक के निर्णयों का भी अनुमोदन किया गया। हेड मास्टर के साथ ऑनलाइन बैठक होगी सोमवार को कुलपति सभी हेड मास्टर के साथ ऑनलाइन बैठक करेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य सत्र नियमितीकरण को लेकर पाठ्यक्रमों को समय पर पूरा करने की रणनीति तय करना होगा। ग्रीष्मावकाश के दौरान विशेष ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन पर भी चर्चा की जाएगी, ताकि छात्रों का पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराया जा सके। बैठक में डीन प्रो पुरेन्द्र वारिक, प्रो दिलीप कुमार झा, डॉ शिवलोचन झा, डॉ ए के आजाद, परीक्षा नियंत्रक डॉ निहार रंजन सिन्हा, डॉ संतोष पासवान, डॉ रामसेवक झा और डॉ ध्रुव मिश्र समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे। डॉ निहार रंजन सिन्हा ने संभाला परीक्षा नियंत्रक का पदभार इधर, संस्कृत विश्वविद्यालय के नवनियुक्त परीक्षा नियंत्रक डॉ निहार रंजन सिन्हा ने शनिवार को अपना पदभार ग्रहण कर लिया।उन्होंने कुलपति कार्यालय में विभागीय औपचारिकताएं पूरी कीं। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ दिनेश झा ने उन्हें पाग, चादर और फूल माला देकर सम्मानित किया। कुलपति प्रो लक्ष्मीनिवास पांडेय ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सत्र नियमितीकरण और लंबित आवश्यक काम को मिशन मोड में पूरा करना प्राथमिकता होगी। पीआरओ डॉ निशिकांत ने बताया कि डॉ सिन्हा बाबा साहेब राम संस्कृत महाविद्यालय, पचाढ़ी, दरभंगा में हिंदी विषय के सह-हेड मास्टर हैं और अब वे परीक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे। पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ सिन्हा ने कहा कि राजभवन और कुलपति के निर्देशानुसार सभी कार्य समय पर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सत्र नियमित करना, शैक्षणिक पंचांग का क्रियान्वयन और छात्र हित उनके कार्यकाल की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। मौके पर डॉ ध्रुव मिश्र ने विभागीय कार्यों की विस्तृत जानकारी उन्हें दी। दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में आज कुलपति प्रो लक्ष्मीनिवास पांडेय की अध्यक्षता में नामांकन समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में नामांकन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई, जिसमें उपशास्त्री और शास्त्री पाठ्यक्रमों के नामांकन शुल्क में वृद्धि का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। आचार्य पाठ्यक्रम के शुल्क में वृद्धि पर अंतिम निर्णय अगली बैठक में लिया जाएगा। विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ निशिकांत ने बताया कि समर्थ पोर्टल के माध्यम से इसी महीने के अंत तक उपशास्त्री, शास्त्री और आचार्य कक्षाओं में नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बैठक में साल 2024 और 2025 में लिए गए नामांकन समेत पिछली बैठक के निर्णयों का भी अनुमोदन किया गया। हेड मास्टर के साथ ऑनलाइन बैठक होगी सोमवार को कुलपति सभी हेड मास्टर के साथ ऑनलाइन बैठक करेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य सत्र नियमितीकरण को लेकर पाठ्यक्रमों को समय पर पूरा करने की रणनीति तय करना होगा। ग्रीष्मावकाश के दौरान विशेष ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन पर भी चर्चा की जाएगी, ताकि छात्रों का पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराया जा सके। बैठक में डीन प्रो पुरेन्द्र वारिक, प्रो दिलीप कुमार झा, डॉ शिवलोचन झा, डॉ ए के आजाद, परीक्षा नियंत्रक डॉ निहार रंजन सिन्हा, डॉ संतोष पासवान, डॉ रामसेवक झा और डॉ ध्रुव मिश्र समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे। डॉ निहार रंजन सिन्हा ने संभाला परीक्षा नियंत्रक का पदभार इधर, संस्कृत विश्वविद्यालय के नवनियुक्त परीक्षा नियंत्रक डॉ निहार रंजन सिन्हा ने शनिवार को अपना पदभार ग्रहण कर लिया।उन्होंने कुलपति कार्यालय में विभागीय औपचारिकताएं पूरी कीं। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ दिनेश झा ने उन्हें पाग, चादर और फूल माला देकर सम्मानित किया। कुलपति प्रो लक्ष्मीनिवास पांडेय ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सत्र नियमितीकरण और लंबित आवश्यक काम को मिशन मोड में पूरा करना प्राथमिकता होगी। पीआरओ डॉ निशिकांत ने बताया कि डॉ सिन्हा बाबा साहेब राम संस्कृत महाविद्यालय, पचाढ़ी, दरभंगा में हिंदी विषय के सह-हेड मास्टर हैं और अब वे परीक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे। पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ सिन्हा ने कहा कि राजभवन और कुलपति के निर्देशानुसार सभी कार्य समय पर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सत्र नियमित करना, शैक्षणिक पंचांग का क्रियान्वयन और छात्र हित उनके कार्यकाल की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। मौके पर डॉ ध्रुव मिश्र ने विभागीय कार्यों की विस्तृत जानकारी उन्हें दी।


