नालंदा में रोजगार, एजुकेशन को लोन बकायेदारों पर कसेगा शिकंजा:वसूली के लिए बहाल होंगे रिकवरी एजेंट, 6 जून तक करें आवेदन; 20 हजार देनी होगी सिक्योरिटी मनी

नालंदा में रोजगार, एजुकेशन को लोन बकायेदारों पर कसेगा शिकंजा:वसूली के लिए बहाल होंगे रिकवरी एजेंट, 6 जून तक करें आवेदन; 20 हजार देनी होगी सिक्योरिटी मनी

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से रोजगार और शिक्षा के लिए लोन लेकर बैठे बकायेदारों से अब सख्ती से वसूली की जाएगी। ऋण वसूली की प्रक्रिया को तेज करने के लिए विभाग अब रिकवरी एजेंट की बहाली करने जा रहा है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण, एनएमडीएफसी टर्म लोन और मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक शिक्षा ऋण योजना के तहत बांटे गए कर्ज की वसूली के लिए यह अहम फैसला लिया गया है। इस संबंध में बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्तीय निगम, पटना के प्रबंध निदेशक की ओर से आधिकारिक पत्र भी जारी कर दिया गया है। मुख्यालय भेजे जाएंगे आवेदन रिकवरी एजेंट बनने के इच्छुक उम्मीदवारों से निर्धारित प्रपत्र में आवेदन और बायोडाटा मांगे गए हैं। जिला कार्यालय स्तर पर प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों को उचित अनुशंसा के साथ आगामी 6 जून तक निगम के पटना स्थित मुख्यालय भेज दिया जाएगा। प्रशासन की कोशिश है कि इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कर रिकवरी एजेंटों का चयन किया जाए, ताकि रुके हुए सरकारी धन की वापसी सुनिश्चित हो सके। शैक्षणिक योग्यता और आवश्यक शर्तें निगम की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस कार्य के लिए मैट्रिक, इंटर, स्नातक या स्नातकोत्तर पास उम्मीदवार अपना आवेदन कर सकते हैं। जिन उम्मीदवारों के पास पूर्व में ऋण वसूली का अनुभव है, वे इसकी जानकारी अपने फॉर्म में दे सकते हैं, जिससे उन्हें कार्य में प्राथमिकता मिल सके। इस बहाली की सबसे अहम शर्त यह है कि चयनित उम्मीदवारों को रिकवरी एजेंट के रूप में काम शुरू करने से पहले सुरक्षा जमा राशि के तौर पर 20 हजार रुपए का भुगतान करना होगा। आवेदन के साथ देने होंगे जरूरी कागजात इच्छुक उम्मीदवारों को अपने आवेदन फॉर्म में अपना पूरा नाम, पता, फोन नंबर, ई-मेल, जन्म तिथि और आधार कार्ड संख्या सहित सभी व्यक्तिगत विवरण स्पष्ट रूप से भरने होंगे। इसके साथ ही, विभाग को आवेदक की पृष्ठभूमि की जांच करने का अधिकार भी देना होगा। आवेदन को पूर्ण रूप से मान्य बनाने के लिए फॉर्म के साथ सभी आवश्यक शैक्षणिक और अनुभव प्रमाण पत्रों की छायाप्रतियां संलग्न करना अनिवार्य है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से रोजगार और शिक्षा के लिए लोन लेकर बैठे बकायेदारों से अब सख्ती से वसूली की जाएगी। ऋण वसूली की प्रक्रिया को तेज करने के लिए विभाग अब रिकवरी एजेंट की बहाली करने जा रहा है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण, एनएमडीएफसी टर्म लोन और मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक शिक्षा ऋण योजना के तहत बांटे गए कर्ज की वसूली के लिए यह अहम फैसला लिया गया है। इस संबंध में बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्तीय निगम, पटना के प्रबंध निदेशक की ओर से आधिकारिक पत्र भी जारी कर दिया गया है। मुख्यालय भेजे जाएंगे आवेदन रिकवरी एजेंट बनने के इच्छुक उम्मीदवारों से निर्धारित प्रपत्र में आवेदन और बायोडाटा मांगे गए हैं। जिला कार्यालय स्तर पर प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों को उचित अनुशंसा के साथ आगामी 6 जून तक निगम के पटना स्थित मुख्यालय भेज दिया जाएगा। प्रशासन की कोशिश है कि इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कर रिकवरी एजेंटों का चयन किया जाए, ताकि रुके हुए सरकारी धन की वापसी सुनिश्चित हो सके। शैक्षणिक योग्यता और आवश्यक शर्तें निगम की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस कार्य के लिए मैट्रिक, इंटर, स्नातक या स्नातकोत्तर पास उम्मीदवार अपना आवेदन कर सकते हैं। जिन उम्मीदवारों के पास पूर्व में ऋण वसूली का अनुभव है, वे इसकी जानकारी अपने फॉर्म में दे सकते हैं, जिससे उन्हें कार्य में प्राथमिकता मिल सके। इस बहाली की सबसे अहम शर्त यह है कि चयनित उम्मीदवारों को रिकवरी एजेंट के रूप में काम शुरू करने से पहले सुरक्षा जमा राशि के तौर पर 20 हजार रुपए का भुगतान करना होगा। आवेदन के साथ देने होंगे जरूरी कागजात इच्छुक उम्मीदवारों को अपने आवेदन फॉर्म में अपना पूरा नाम, पता, फोन नंबर, ई-मेल, जन्म तिथि और आधार कार्ड संख्या सहित सभी व्यक्तिगत विवरण स्पष्ट रूप से भरने होंगे। इसके साथ ही, विभाग को आवेदक की पृष्ठभूमि की जांच करने का अधिकार भी देना होगा। आवेदन को पूर्ण रूप से मान्य बनाने के लिए फॉर्म के साथ सभी आवश्यक शैक्षणिक और अनुभव प्रमाण पत्रों की छायाप्रतियां संलग्न करना अनिवार्य है।  

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