औरंगाबाद जिला मुख्यालय स्थित कर्पूरी विचार मंच सभागार में आज दस्तावेज लिपिक संघ का चुनाव शांतिपूर्ण और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ। इस चुनाव को लेकर लिपिकों में काफी उत्साह देखने को मिला। निर्धारित प्रक्रिया के तहत अलग-अलग पदों के लिए चुनाव कराया गया, जिसमें कई पदों पर निर्विरोध तो कुछ पर मतदान के जरिए परिणाम घोषित किए गए। चुनाव के दौरान अध्यक्ष पद पर रामकरण सिंह को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। कोषाध्यक्ष पद पर सुनील कुमार ओझा भी बिना किसी प्रतिद्वंद्वी के निर्विरोध चुने गए। हालांकि सचिव पद के लिए मुकाबला दिलचस्प रहा, जहां दो उम्मीदवार जितेंद्र कुमार यादव और सुदर्शन प्रसाद सिंह आमने-सामने थे। मतदान के बाद हुई मतगणना में जितेंद्र कुमार यादव ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 22 मतों से पराजित कर सचिव पद पर जीत हासिल की। पूरी चुनाव प्रक्रिया का संचालन चुनाव संचालन समिति के सदस्यों जनार्दन प्रसाद, रामाशीष शर्मा, मृत्युंजय कुमार सिंह, मिथलेश शर्मा और नरेंद्र कुमार नारायण की देखरेख में पारदर्शी ढंग से कराया गया। चुनाव संपन्न होने के बाद सभी निर्वाचित पदाधिकारियों को विधिवत प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। संघ के हित में करेंगे काम निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने के बाद रामकरण सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वे पिछले 40 साल से कोर्ट में लिपिक के पद पर कार्यरत हैं और इस लंबे कार्यकाल के दौरान उन्हें सभी का सहयोग और विश्वास मिला है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि वे दूसरी बार इस पद के लिए चुने गए हैं। उन्होंने सभी सदस्यों को साथ लेकर संघ के हित में काम करने और अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का आश्वासन दिया। संघ के सदस्यों में खुशी का माहौल चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद संघ के सदस्यों में खुशी का माहौल देखा गया। इस अवसर पर लिपिक सतेन्द्र सिंह, बृजमोहन सिंह, रामाश्रय तिवारी, ब्रिसेन सिंह, दीनानाथ विश्वकर्मा सहित कई अन्य सदस्यों ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की कामना की।इस चुनाव के सफल आयोजन से संघ के संगठनात्मक ढांचे को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। औरंगाबाद जिला मुख्यालय स्थित कर्पूरी विचार मंच सभागार में आज दस्तावेज लिपिक संघ का चुनाव शांतिपूर्ण और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ। इस चुनाव को लेकर लिपिकों में काफी उत्साह देखने को मिला। निर्धारित प्रक्रिया के तहत अलग-अलग पदों के लिए चुनाव कराया गया, जिसमें कई पदों पर निर्विरोध तो कुछ पर मतदान के जरिए परिणाम घोषित किए गए। चुनाव के दौरान अध्यक्ष पद पर रामकरण सिंह को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। कोषाध्यक्ष पद पर सुनील कुमार ओझा भी बिना किसी प्रतिद्वंद्वी के निर्विरोध चुने गए। हालांकि सचिव पद के लिए मुकाबला दिलचस्प रहा, जहां दो उम्मीदवार जितेंद्र कुमार यादव और सुदर्शन प्रसाद सिंह आमने-सामने थे। मतदान के बाद हुई मतगणना में जितेंद्र कुमार यादव ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 22 मतों से पराजित कर सचिव पद पर जीत हासिल की। पूरी चुनाव प्रक्रिया का संचालन चुनाव संचालन समिति के सदस्यों जनार्दन प्रसाद, रामाशीष शर्मा, मृत्युंजय कुमार सिंह, मिथलेश शर्मा और नरेंद्र कुमार नारायण की देखरेख में पारदर्शी ढंग से कराया गया। चुनाव संपन्न होने के बाद सभी निर्वाचित पदाधिकारियों को विधिवत प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। संघ के हित में करेंगे काम निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने के बाद रामकरण सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वे पिछले 40 साल से कोर्ट में लिपिक के पद पर कार्यरत हैं और इस लंबे कार्यकाल के दौरान उन्हें सभी का सहयोग और विश्वास मिला है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि वे दूसरी बार इस पद के लिए चुने गए हैं। उन्होंने सभी सदस्यों को साथ लेकर संघ के हित में काम करने और अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का आश्वासन दिया। संघ के सदस्यों में खुशी का माहौल चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद संघ के सदस्यों में खुशी का माहौल देखा गया। इस अवसर पर लिपिक सतेन्द्र सिंह, बृजमोहन सिंह, रामाश्रय तिवारी, ब्रिसेन सिंह, दीनानाथ विश्वकर्मा सहित कई अन्य सदस्यों ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की कामना की।इस चुनाव के सफल आयोजन से संघ के संगठनात्मक ढांचे को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


