लोकायुक्त पुलिस में भास्कर के स्टिंग आपरेशन का असर:अब रीवा, सागर, भोपाल के लोकायुक्त एसपी बदले, लापरवाही पर एक्शन जारी रहेगा

भ्रष्टाचार की जांच करने वाली सरकारी एजेंसी लोकायुक्त संगठन में सामने आए भ्रष्टाचार के मामले के बाद कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन के बाद डीएसपी स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई हुई थी। अब लोकायुक्त संगठन के तीन पुलिस अधीक्षकों का तबादला किया गया है। इस कार्रवाई में भोपाल, सागर और रीवा संभाग के एसपी स्तर के अधिकारियों को बदला गया है। लोकायुक्त डीजी योगेश देशमुख द्वारा जारी आदेश के अनुसार विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त कार्यालय भोपाल संभाग में पदस्थ पुलिस अधीक्षक दुर्गेश कुमार राठौर को सागर संभाग भेजा गया है। वहीं सागर संभाग में पदस्थ लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक योगेश्वर शर्मा को रीवा संभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी क्रम में रीवा संभाग में कार्यरत सुनील पाटीदार का तबादला भोपाल संभाग में किया गया है। सभी अधिकारियों को कार्यभार संभालने के निर्देश आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अधिकारी आगामी आदेश तक अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार संभालेंगे। उन्हें कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले गुरुवार को लोकायुक्त डीजी योगेश देशमुख ने स्टिंग ऑपरेशन के बाद डीएसपी और निचले स्तर के अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन और संगठन से हटाने की कार्रवाई की थी। अब एसपी स्तर पर हुए इस फेरबदल को भी उसी कार्रवाई की कड़ी माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार मामले में अभी और अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना बनी हुई है। लोकायुक्त डीजी ने स्पष्ट किया है कि संगठन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, भ्रष्टाचार या लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। स्टिंग में यह खुलासे और इसके बाद हुए एक्शन दैनिक भास्कर ने बुधवार (3 जून) को प्रकाशित किए गए स्टिंग आपरेशन में खुलासा किया था कि किस तरह से ट्रेप किए गए लोगों से रिश्वत लेकर लोकायुक्त पुलिस संगठन के अधिकारी कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। इसके बाद एडीजी योगेश देशमुख के आदेश पर तीन कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया था। इनमें हेड कॉन्स्टेबल रामदास कुर्मी, हेड कॉन्स्टेबल यशवंत सिंह ठाकुर और कॉन्स्टेबल गौरव साहू शामिल हैं। इसके अलावा प्रधान आरक्षक बृज बिहारी पांडेय को निलंबन की कार्रवाई के लिए और संविदा वाहन चालक अमित विश्वकर्मा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए सक्षम अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। स्टिंग आपरेशन के दूसरे पार्ट में 4 जून को भी डीएसपी स्तर के अफसरों की मिलीभगत का खुलासा किया गया था जिस पर दोनों ही डीएसपी बीएम द्विवेदी और मंजू सिंह को लोकायुक्त से हटाकर पीएचक्यू अटैच कर दिया गया है। ये खबर भी पढ़िए… 3 जून को पब्लिश पार्ट-1 पढ़ें… एमपी लोकायुक्त के भीतर रिश्वतखोरी का सिस्टम कैमरे में कैद एमपी में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने वाले लोकायुक्त संगठन के भीतर ही रिश्वत लेकर केस कमजोर करने वाला नेटवर्क सक्रिय है। भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में दो कॉन्स्टेबल, एक टेक्नीशियन और एक रीडर कैमरे में रिश्वत की डील करते दिखे। पढ़ें पूरी खबर… 4 जून को पब्लिश पार्ट-2 भी पढ़ें… लोकायुक्त डीएसपी बोलीं- चोरी सब करते हैं…पकड़ा गया वो चोर ‘ऑपरेशन लोकायुक्त’ के पहले पार्ट में लोकायुक्त के टेक्नीशियन, आरक्षक और रीडर ट्रैप केस कमजोर करने के बदले रिश्वत मांगते कैमरे में कैद हुए थे। उन्होंने डीएसपी स्तर के दो अधिकारियों के लिए 3 से 5 लाख रुपए की रिश्वत डील की थी। टेक्नीशियन अमित विश्वकर्मा ने पूरी बातचीत में डीएसपी मैडम और डीएसपी सर का नाम लिया था। पढ़ें पूरी खबर…

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