कटिहार में संभावित भूकंप आपदा से निपटने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से आपदा प्रबंधन विभाग ने व्यापक स्तर पर मॉकड्रिल का आयोजन किया। इसी कड़ी में हरिशंकर नायक उच्च माध्यमिक विद्यालय में भूकंप पर आधारित अभ्यास किया गया, जिसका जायजा जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने स्वयं लिया। मॉकड्रिल के दौरान स्कूल परिसर में भूकंप आने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। इसमें छात्रों, शिक्षकों और संबंधित विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया का अभ्यास कराया गया। सायरन बजने के बाद सुरक्षित स्थानों पर निकासी, प्राथमिक उपचार और राहत एवं बचाव प्रक्रियाओं का प्रदर्शन किया गया। घबराने के बजाय प्रशिक्षित तरीके से प्रतिक्रिया देना आवश्यक इस अवसर पर जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि आपदा के समय घबराने के बजाय प्रशिक्षित तरीके से प्रतिक्रिया देना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जिले में मॉकड्रिल के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं, ताकि हर वर्ग के लोग आपदा प्रबंधन की प्रक्रिया से परिचित हो सकें। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि भूकंप मॉकड्रिल के लिए आदर्श रूप से पांच प्रकार के स्थानों का चयन किया गया है। इनमें स्कूल-कॉलेज, जिला अस्पताल, सरकारी कार्यालय, भीड़भाड़ वाले बाजार और मॉल तथा रिहायशी टाउनशिप शामिल हैं। इन स्थानों का चयन इसलिए किया गया है क्योंकि यहां लोगों की आवाजाही अधिक होती है और आपदा की स्थिति में त्वरित प्रबंधन एक बड़ी चुनौती होती है। एक ही समय पर भूकंप परिदृश्य आधारित अभ्यास कराया गया प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जिले के सात प्रमुख स्थानों पर एक साथ और एक ही समय पर भूकंप परिदृश्य आधारित अभ्यास कराया गया। इन स्थानों में हरिशंकर नायक उच्च माध्यमिक विद्यालय, मिरचाईबाड़ी क्षेत्र, वी-मार्ट कॉम्प्लेक्स, सदर अस्पताल, जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय और गुडविल सर्विसेस स्टेशन (एचपी पंप) शामिल थे। इस अभ्यास से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और प्रतिक्रिया समय को परखा गया। मॉकड्रिल में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन दल, आपदा प्रबंधन टीम और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। अभ्यास के दौरान घायलों को सुरक्षित निकालने, एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाने और राहत शिविर स्थापित करने जैसी प्रक्रियाओं का भी प्रदर्शन किया गया। कटिहार में संभावित भूकंप आपदा से निपटने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से आपदा प्रबंधन विभाग ने व्यापक स्तर पर मॉकड्रिल का आयोजन किया। इसी कड़ी में हरिशंकर नायक उच्च माध्यमिक विद्यालय में भूकंप पर आधारित अभ्यास किया गया, जिसका जायजा जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने स्वयं लिया। मॉकड्रिल के दौरान स्कूल परिसर में भूकंप आने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। इसमें छात्रों, शिक्षकों और संबंधित विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया का अभ्यास कराया गया। सायरन बजने के बाद सुरक्षित स्थानों पर निकासी, प्राथमिक उपचार और राहत एवं बचाव प्रक्रियाओं का प्रदर्शन किया गया। घबराने के बजाय प्रशिक्षित तरीके से प्रतिक्रिया देना आवश्यक इस अवसर पर जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि आपदा के समय घबराने के बजाय प्रशिक्षित तरीके से प्रतिक्रिया देना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जिले में मॉकड्रिल के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं, ताकि हर वर्ग के लोग आपदा प्रबंधन की प्रक्रिया से परिचित हो सकें। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि भूकंप मॉकड्रिल के लिए आदर्श रूप से पांच प्रकार के स्थानों का चयन किया गया है। इनमें स्कूल-कॉलेज, जिला अस्पताल, सरकारी कार्यालय, भीड़भाड़ वाले बाजार और मॉल तथा रिहायशी टाउनशिप शामिल हैं। इन स्थानों का चयन इसलिए किया गया है क्योंकि यहां लोगों की आवाजाही अधिक होती है और आपदा की स्थिति में त्वरित प्रबंधन एक बड़ी चुनौती होती है। एक ही समय पर भूकंप परिदृश्य आधारित अभ्यास कराया गया प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जिले के सात प्रमुख स्थानों पर एक साथ और एक ही समय पर भूकंप परिदृश्य आधारित अभ्यास कराया गया। इन स्थानों में हरिशंकर नायक उच्च माध्यमिक विद्यालय, मिरचाईबाड़ी क्षेत्र, वी-मार्ट कॉम्प्लेक्स, सदर अस्पताल, जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय और गुडविल सर्विसेस स्टेशन (एचपी पंप) शामिल थे। इस अभ्यास से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और प्रतिक्रिया समय को परखा गया। मॉकड्रिल में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन दल, आपदा प्रबंधन टीम और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। अभ्यास के दौरान घायलों को सुरक्षित निकालने, एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाने और राहत शिविर स्थापित करने जैसी प्रक्रियाओं का भी प्रदर्शन किया गया।


