कॉलेजों में ऑनलाइन एडमिशन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले एक अहम निर्णय हुआ है। कॉलेजों में संकाय बदलकर यूजी और पीजी कोर्स में एडमिशन लेने वाले छात्रों को प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होगी। ऐसे छात्रों को सिर्फ लीड कॉलेज में पहुंचकर एक छोटा सा इंटरव्यू देना होगा। उसके बाद उन्हें वहीं से पात्रता प्रमाण पत्र मिल जाएगा। ऑनलाइन एडमिशन की प्रक्रिया के दौरान वे उसे स्कैन कर बाकी दस्तावेजों के साथ जमा करेंगे। दरअसल, पीजी एडमिशन में जिन छात्रों को संकाय बदलकर (जैसे बीकॉम के छात्र को एमए में एडमिशन लेना हो) या फिर मेजर-माइनर विषय से हटकर किसी अन्य विषय में पीजी करना हो तो उन्हें अब प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होगी। पहले यह निर्णय लिया गया था कि इसके लिए प्रवेश परीक्षा देनी होगी। उज्जैन की विक्रम यूनिवर्सिटी को इसका जिम्मा सौंपा गया था, लेकिन अब यह तय हो गया है कि सभी 55 जिलों में छात्र लीड कॉलेज में पहुंचकर 27 अप्रैल से 14 मई के बीच इंटरव्यू दे सकेंगे। लीड कॉलेजों की सूची वेबसाइट पर जारी होगी। वहीं 12वीं के वे छात्र जिन्हें संकाय बदलकर या फिर मुख्य विषय से हटकर किसी अन्य स्पेशलाइजेशन में ग्रेजुएशन करना है तो उन्हें भी प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होगी। उन्हें भी सिर्फ लीड कॉलेज पहुंचकर इंटरव्यू ही देना है। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. अनिल शर्मा का कहना है कि छात्रों की सुविधा और सरल प्रक्रिया के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। च्वाइस फिलिंग व मेरिट के आधार पर कॉलेज अलॉट होगा इंटरव्यू क्लियर करने के बाद जो छात्र पात्र माने जाएंगे, उन्हें लीड कॉलेज की तरफ से पात्रता प्रमाण-पत्र मिल जाएगा। ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया के दौरान मार्कशीट व अन्य दस्तावेजों के साथ इन छात्रों को यह प्रमाण-पत्र भी स्कैन करना होगा। उसी आधार पर उन्हें मेरिट के अनुसार कॉलेज अलॉट होगा। ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया में रजिस्ट्रेशन व च्वाइस फिलिंग व मेरिट के आधार पर कॉलेज अलॉट होगा। दस्तावेज सत्यापन से लेकर रजिस्ट्रेशन तक की पूरी प्रक्रिया वैसी ही रहेगी।


