पंजाब में बेजुबानों पर टैंपरेचर अटैक:चिड़ियाघर में तेंदुओं को ग्लूकोज, पक्षियों के बाड़े ग्रीन नेट से कवर

पंजाब में बेजुबानों पर टैंपरेचर अटैक:चिड़ियाघर में तेंदुओं को ग्लूकोज, पक्षियों के बाड़े ग्रीन नेट से कवर

लुधियाना समेत पंजाब के अलग-अलग जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार मैक्सिमम टैंपरेचर सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस ऊपर चल रहा है। इंसानों के साथ-साथ बेजुबानों को भी हाई टैंपरेचर का अटैक सहना पड़ रहा है। लुधियाना चिड़ियाघर प्रबंधन ने 249 पशु-पक्षी हैं। पशु-पक्षियों पर टैंपरेचर का नेगेटिव इफेक्ट न हो इसके लिए चिड़ियाघर प्रबंधन ने विशेष इंतजाम करने शुरू कर दिए। तेंदुओं के विहेव पर पूरी नजर रही है ताकि उन्हें टैंपरेचर अटैक से बचाया जा सके। पक्षियों के बाड़े में भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। उधर, सांभर व बारासिंघों को भी गर्मी से बचाने के लिए हट्स के अंदर पानी की विशेष व्यवस्था की गई। यही नहीं हिरन व संभार के लिए पेड़ों के नीचे हरे पत्ते बिछाए जा रहे हैं ताकि जमीन से आने वाली हीट उन्हें बीमार न करे। लुधियाना जू में स्नेहा व नीतू के लिए किए गए प्रबंध, जानिए… पक्षियों के बाड़े ग्रीन नेट से किए कवर लुधियाना जू में पक्षियों के चार बाड़े हैं। चिड़ियाघर प्रबंधन ने गर्मी आने से पहले ही चारों बाड़ों को ग्रीन नेट से कवर कर दिया है। इंचार्ज का कहना है कि पक्षियों को गर्मी ज्यादा प्रभावित करती है इसलिए उनकी व्यवस्था एडवांस में कर दी गई है। पक्षियों के लिए भी बाडे़े में दिन में दो से तीन बार पानी बदल रहे हैं। हिरन, सांभर व बारसिंहों के लिए प्रबंधन किए नरिंदर सिंह का कहना है कि हिरन, सांभर व बारसिंहें 42 से 45 डिग्री तक का टैंपरेचर सह लेते हैं। उनके लिए भी बाड़ों में फब्वारे लगाए गए हैं। जब तापमान ज्यादा होगा समय समय पर उनहें चलाया जाएगा ताकि पानी से उनके शरीर में ठंडक बनी रहेगी। वहीं पेड़ों की छांव में पत्ते बिछाए गए हैं। वो दिन के समय छाव में उन पत्तों पर बैठ जाते हैं। पत्तों के कारण जमीन की हीट ऊपर नहीं आती है।

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