नूंह जिले में शनिवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। तूफान के कारण कई स्थानों पर बड़े पेड़ उखड़ गए, जबकि बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त हो गए। इससे जिले के कई गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई, और लोग रातभर अंधेरे में रहे। नूंह जिले का फिरोजपुर झिरका क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रवाहित रहा। नगीना और तावडू सहित आसपास के इलाकों में तेज हवाओं का व्यापक असर देखा गया। सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ। NH-248A समेत कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही रुक गई। तूफान से कई टीन शेड उड़ गए और दुकानों के बाहर लगे बोर्ड व होर्डिंग्स भी क्षतिग्रस्त हो गए। कई गांवों और कस्बों में रातभर बिजली गुल रही तूफान के कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। कई गांवों और कस्बों में रातभर बिजली गुल रही। रविवार सुबह से ही बिजली विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त लाइनों और खंभों की मरम्मत में जुट गईं, ताकि जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल की जा सके। लोगों को गर्मा से मिली राहत एक ओर जहां तूफान ने नुकसान पहुंचाया, वहीं दूसरी ओर बारिश ने भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बड़ी राहत दी। पिछले कई दिनों से पड़ रही तेज गर्मी के बाद मौसम में अचानक बदलाव आया। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई और लोगों ने राहत महसूस की। प्रशासन की लोगों से सतर्क रहने की अपील किसानों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद साबित हुई है। खेतों में नमी बढ़ने से फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इस बीच, प्रशासन ने खराब मौसम को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। नागरिकों को तेज हवाओं और बारिश के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और जर्जर भवनों से दूर रहने की सलाह दी है


