MBA Graduate Taxi Driver Success Story: आज के दौर में जहां युवा लाखों के पैकेज वाली कॉर्पोरेट नौकरियों के पीछे भाग रहे हैं, वहीं एक एमबीए ग्रेजुएट ने लीक से हटकर कुछ ऐसा किया कि हर कोई हैरान रह गया! एक टियर-2 कॉलेज से एमबीए करने वाले एक युवक ने 25 लाख रुपये सालाना की नौकरी का ऑफर सिर्फ इसलिए ठुकरा दिया क्योंकि वह कॉर्पोरेट लाइफ की उलझनों और तनाव से तंग आ चुका था।
आज वही युवक एक सफल बिजनेसमैन बन चुका है और उसकी महीने की कमाई किसी बड़े अफसर से कहीं ज्यादा है।
नौकरी में नहीं लगा मन तो थाम लिया स्टीयरिंग
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर ‘सीए पोर्टफोलियो बुल’ ने एक पोस्ट साझा की, जिसमें बताया गया कि कैसे एक शख्स ने अच्छी खासी नौकरी छोड़कर टैक्सी चलाने का काम शुरू किया। इस युवक के पास पढ़ाई के बाद एक शानदार नौकरी थी, लेकिन वह मानसिक सुकून और सेटिस्फेक्शन की तलाश में था। एक दिन उसने नौकरी छोड़ने का फैसला किया। इसके बाद वह ओला प्लेटफॉर्म से जुड़कर ड्राइवर के रूप में टैक्सी चलाने लगा।
समाज और रिश्तेदारों ने कसे थे तंज
जब एक एमबीए डिग्री धारक ने हाइ पे जॉब छोड़कर टैक्सी चलाना शुरू किया, तो समाज और रिश्तेदारों ने उसे खूब खरी-खोटी सुनाई। किसी ने कहा कि ‘पढ़ाई और पैसे बर्बाद कर दिए’, तो किसी ने तंज कसा कि ‘क्या सोचा था और क्या बन गया’। लेकिन उसने किसी की बातों का बुरा नहीं माना और न ही किसी से बहस की। वह खामोशी के साथ अपने काम में जुटा रहा। साथ ही अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा।
तीन साल में ऐसे बदली किस्मत
भले ही शुरुआत छोटी थी, लेकिन सोच बड़ी। टैक्सी चलाने से शुरू हुआ यह सफर महज तीन साल के भीतर एक बड़े बिजनेस मॉडल में बदल गया। शुरुआत में खुद टैक्सी चलाकर, धीरे-धीरे उसने अपनी कमाई से गाड़ियां बढ़ाना शुरू कर दी। आज इस युवक के पास खुद की 12 कारें हैं और वह एक पूरा ट्रांसपोर्ट बिजनेस चला रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अब वह तमाम खर्चों को काटकर हर महीने लगभग 6.5 लाख रुपये का मुनाफा कमा रहा है।
युवाओं के लिए बड़ी सीख
यह कहानी उन प्रोफेशनल युवाओं के लिए एक सबक है जो केवल ज्यादा सैलरी को ही सफलता का पैमाना मानते हैं। जरूरी नहीं कि करियर का रास्ता हमेशा सीधा ही हो। कभी-कभी पारंपरिक रास्तों से हटकर लिया गया फैसला और खुद का काम करने का जज्बा आपको उस मुकाम पर ले जा सकता है, जिसकी कल्पना समाज और शायद आप खुद भी नहीं कर पाते।
धैर्य, निरंतरता और सही सोच ने एक टैक्सी ड्राइवर को आज ‘व्हील्स पर एंटरप्रेन्योर’ बना दिया है। अगर लक्ष्य साफ हो और मेहनत लगातार की जाए, तो किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है।


