ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच सीज़फायर चल है, लेकिन समय-समय पर दोनों देश इसका उल्लंघन करने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। हालांकि इसके बावजूद सीज़फायर जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का सीज़फायर खत्म करने का इरादा नहीं है क्योंकि वह मिडिल ईस्ट में फिर से बड़े पैमाने पर युद्ध नहीं चाहते और इसके लिए छोटी-मोटी झड़पें बर्दाश्त करने के लिए तैयार हैं। लेकिन उन्होंने अपने सहयोगियों को यह बता दिया है कि अगर ईरान के हमलों में किसी अमेरिकी सैनिक की मौत होती है, तो वह सीज़फायर खत्म कर देंगे।
हर चीज़ की होती है कोई वजह
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप से जब सवाल पूछा गया कि क्या कुवैत (Kuwait) पर ईरान के हमलों को देखते हुए भी दोनों देशों के बीच सीज़फायर जारी है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने जवाब दिया, “हर चीज़ की कोई न कोई वजह होती है। हमने पिछली रात से पहले और पिछली रात भी ईरान पर काफी ज़ोरदार हमला किया था।”
कुवैत पर क्यों हमले कर रहा है ईरान?
मिडिल ईस्ट में कुवैत, अमेरिका के मुख्य सहयोगी देशों में से एक है। ईरान के खिलाफ युद्ध में भी कुवैत ने अमेरिका को समर्थन दिया है। कुवैत में स्थित अली अल सलेम एयरबेस अमेरिका के लिए बेहद ही अहम है क्योंकि इस एयरबेस पर करीब 13,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। इसके साथ ही कई अमेरिकी विमान और हथियार भी इस एयरबेस पर मौजूद हैं। युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना ने इस एयरबेस का ईरान के खिलाफ इस्तेमाल किया है और अभी भी ईरान पर हमले के लिए इस एयरबेस का इस्तेमाल किया जाता है। इसी वजह से ईरान ने भी युद्ध के दौरान कुवैत पर हमले किए और अभी भी सीज़फायर उल्लंघन होने पर ईरानी सेना अली अल सलेम एयरबेस को निशाना बनाती है।
ईरान में सीज़फायर का क्या है मतलब?
ईरान-अमेरिका सीज़फायर के दौरान भी दोनों देशों की तरफ से इसका उल्लंघन किया जा रहा है। ईरान से सीज़फायर पर ट्रंप ने पत्रकारों को बताया, “दुनिया के उस हिस्से में सीज़फ़ायर का मतलब है कि आप ज़्यादा संयमित तरीके से गोलीबारी कर रहे हैं।”



Trump will END the CEASEFIRE with Iran ‘if Tehran KILLS US troops’ — WSJ from WH aides