Sweaty Palms Reason: क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि एसी रूम में बैठे होने या शांति से काम करने के बावजूद आपकी हथेलियां पसीने से तर-बतर हो जाती हैं? अक्सर लोग इसे सामान्य घबराहट या ‘हाथों की गर्मी’ समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन मेडिकल साइंस के अनुसार, बिना वजह हथेलियों और तलवों में पसीना आना शरीर के आंतरिक सिस्टम में मची किसी बड़ी हलचल का इशारा हो सकता है।
क्या कहती है रिसर्च? (The Thyroid Connection)
‘International Journal of Dermatology‘ में प्रकाशित एक हालिया रिसर्च के अनुसार, हथेलियों में अत्यधिक पसीना आना, जिसे मेडिकल भाषा में ‘पामर हाइपरहाइड्रोसिस’ (Palmar Hyperhidrosis) कहा जाता है, सीधे तौर पर आपके थायरॉयड ग्लैंड और नर्वस सिस्टम से जुड़ा हो सकता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि जब शरीर में थायरॉयड हॉर्मोन का स्तर (Hyperthyroidism) असामान्य रूप से बढ़ जाता है, तो शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है और ‘स्वेट ग्लैंड्स’ अति सक्रिय हो जाती हैं। इसके अलावा, यह विटामिन B12 की भारी कमी या ब्लड शुगर के गिरने (Hypoglycemia) का भी एक प्रारंभिक संकेत हो सकता है।
इन 3 अंगों की खराबी से आता है हथेलियों में पसीना
अगर आपकी हथेलियों से बिना वजह पसीना टपक रहा है, तो यह केवल त्वचा की समस्या नहीं है। डॉक्टर इसके पीछे मुख्य रूप से इन 3 अंगों की कार्यप्रणाली में गड़बड़ी को जिम्मेदार मानते हैं:
- थायरॉयड ग्लैंड (Thyroid): जब यह ग्रंथि ‘ओवरएक्टिव’ हो जाती है, तो शरीर का तापमान और मेटाबॉलिज्म अनियंत्रित हो जाता है। इसका सीधा असर स्वेड ग्लैंड्स पर पड़ता है और हथेलियां हमेशा चिपचिपी रहती हैं।
- हृदय (Heart): अचानक और बिना कारण हथेलियों में पसीना आना कभी-कभी ‘हार्ट स्ट्रेस’ का संकेत होता है। अगर पसीने के साथ घबराहट भी हो रही है, तो यह दिल की तरफ से मिलने वाली चेतावनी हो सकती है।
- नर्वस सिस्टम (Nervous System): हमारा ‘सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम’ पसीने को कंट्रोल करता है। जब इसमें कोई खराबी आती है, तो यह शरीर को ‘फाइट और फ्लाइट’ मोड में डाल देता है, जिससे हथेलियां पसीने से तर-बतर हो जाती हैं।

एक्सपर्ट की राय: क्या कहते हैं डॉक्टर?
दिल्ली के प्रसिद्ध एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. समीर अवस्थी इस स्थिति पर रोशनी डालते हुए कहते हैं “हथेलियों में पसीना आना केवल एक कॉस्मेटिक समस्या नहीं है। अगर आपको बिना किसी फिजिकल एक्टिविटी के पसीना आ रहा है, तो यह आपके ‘सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम’ के ओवरड्राइव होने का संकेत है। कई मामलों में यह ‘छिपे हुए हॉर्मोनल इम्बैलेंस’ या दिल की बीमारी की शुरुआती चेतावनी भी हो सकता है। इसे केवल पसीना समझकर टालना, समस्या को न्योता देना है।”
पसीना रोकने के 2 प्रभावी तरीके (Medical & Home Hacks)
डॉक्टरों के अनुसार, अगर समस्या शुरुआती है, तो आप इन तरीकों को आजमा सकते हैं:
फिटकरी का जादू (Alum Block): फिटकरी में नेचुरल ‘एस्ट्रिंजेंट’ गुण होते हैं। फिटकरी के पानी में 10 मिनट हाथ डुबोने से पसीने के रोमछिद्र सिकुड़ जाते हैं।
आयोडीन चेकअप: चूंकि इसका सीधा संबंध थायरॉयड से है, इसलिए आहार में आयोडीन की सही मात्रा सुनिश्चित करें।
कब हो जाएं सावधान?
अगर पसीने के साथ-साथ आपको धड़कन तेज महसूस होना, वजन का अचानक कम होना या नींद न आने जैसी समस्या हो रही है, तो यह स्पष्ट रूप से हाइपरथायरायडिज्म का संकेत है। ऐसे में ‘टैल्कम पाउडर’ लगाकर पसीना सुखाना केवल एक अस्थायी समाधान है, स्थायी इलाज के लिए ब्लड टेस्ट जरूरी है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


