गया जिला प्रशासन ने भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के मद्देनजर बिजली आपूर्ति को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में अनावश्यक बिजली कटौती या ट्रिपिंग नहीं होनी चाहिए और आम लोगों को लगातार बिजली मिलती रहनी चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि मौसम सामान्य होने तक बिजली विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह अलर्ट मोड में काम करेंगे। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी क्षेत्र से बिजली बाधित होने या ट्रांसफार्मर खराब होने की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई कर समस्या का समाधान किया जाए। अतिरिक्त मानव बल की व्यवस्था करने की मांग बैठक में अधीक्षण अभियंता ने बताया कि जिले के सभी क्षेत्रों में तीन पालियों में लाइनमैन और बिजली विभाग की विशेष टीमें तैनात की गई हैं, जो शिकायतों का समाधान कर रही हैं। इस पर डीएम ने मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए लाइनमैन और बिजली मरम्मत टीमों की संख्या तत्काल बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि शिकायतों का तेजी से निपटारा हो सके। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त मानव बल की व्यवस्था आज से ही लागू की जाए। अभियंताओं को फोन कॉल का जवाब देने का आदेश डीएम शशांक शुभंकर ने अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और कनीय अभियंताओं को आम जनता के फोन कॉल का तुरंत जवाब देने का निर्देश दिया। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कई क्षेत्रों से शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ अधिकारी लोगों के फोन कॉल रिसीव नहीं कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी अधिकारियों को जनता के प्रति जवाबदेह बनना होगा। बैठक में ट्रांसफार्मर की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। बिजली विभाग ने जिलाधिकारी को बताया कि जिले में पर्याप्त संख्या में नए ट्रांसफार्मर उपलब्ध हैं। 30 स्थानों पर खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने का काम पिछले 24 घंटे के अंदर जिले के 30 स्थानों पर खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने का काम किया गया है। शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए तीन अलग-अलग स्थानों पर वाहनों में ट्रांसफार्मर लोड कर तैयार रखा गया है। प्रत्येक गाड़ी पर तीन-तीन ट्रांसफार्मर रखे गए हैं, ताकि सूचना मिलते ही तुरंत खराब ट्रांसफार्मर को बदला जा सके। जिलाधिकारी ने रात के समय बिजली व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने के लिए अलग से विशेष टीम गठित करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में रात्रि पाली के लिए अलग टीम तैनात रहे, ताकि रात में बिजली खराब होने की सूचना मिलने पर तत्काल मरम्मत कर लोगों को राहत पहुंचाई जा सके। गया जिला प्रशासन ने भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के मद्देनजर बिजली आपूर्ति को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में अनावश्यक बिजली कटौती या ट्रिपिंग नहीं होनी चाहिए और आम लोगों को लगातार बिजली मिलती रहनी चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि मौसम सामान्य होने तक बिजली विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह अलर्ट मोड में काम करेंगे। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी क्षेत्र से बिजली बाधित होने या ट्रांसफार्मर खराब होने की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई कर समस्या का समाधान किया जाए। अतिरिक्त मानव बल की व्यवस्था करने की मांग बैठक में अधीक्षण अभियंता ने बताया कि जिले के सभी क्षेत्रों में तीन पालियों में लाइनमैन और बिजली विभाग की विशेष टीमें तैनात की गई हैं, जो शिकायतों का समाधान कर रही हैं। इस पर डीएम ने मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए लाइनमैन और बिजली मरम्मत टीमों की संख्या तत्काल बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि शिकायतों का तेजी से निपटारा हो सके। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त मानव बल की व्यवस्था आज से ही लागू की जाए। अभियंताओं को फोन कॉल का जवाब देने का आदेश डीएम शशांक शुभंकर ने अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और कनीय अभियंताओं को आम जनता के फोन कॉल का तुरंत जवाब देने का निर्देश दिया। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कई क्षेत्रों से शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ अधिकारी लोगों के फोन कॉल रिसीव नहीं कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी अधिकारियों को जनता के प्रति जवाबदेह बनना होगा। बैठक में ट्रांसफार्मर की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। बिजली विभाग ने जिलाधिकारी को बताया कि जिले में पर्याप्त संख्या में नए ट्रांसफार्मर उपलब्ध हैं। 30 स्थानों पर खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने का काम पिछले 24 घंटे के अंदर जिले के 30 स्थानों पर खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने का काम किया गया है। शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए तीन अलग-अलग स्थानों पर वाहनों में ट्रांसफार्मर लोड कर तैयार रखा गया है। प्रत्येक गाड़ी पर तीन-तीन ट्रांसफार्मर रखे गए हैं, ताकि सूचना मिलते ही तुरंत खराब ट्रांसफार्मर को बदला जा सके। जिलाधिकारी ने रात के समय बिजली व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने के लिए अलग से विशेष टीम गठित करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में रात्रि पाली के लिए अलग टीम तैनात रहे, ताकि रात में बिजली खराब होने की सूचना मिलने पर तत्काल मरम्मत कर लोगों को राहत पहुंचाई जा सके।


