कटिहार में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की सहायक शिक्षा पदाधिकारी (AEO) प्रतियोगिता परीक्षा-2026 मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई। परीक्षा को कदाचार मुक्त और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने स्वयं विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की टीम सुबह से ही सक्रिय रही। उन्होंने शहर के प्रमुख परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया। इस दौरान परीक्षा हॉल में बैठने की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, जैमर की सक्रियता और परीक्षार्थियों की तलाशी प्रक्रिया की गहनता से जांच की गई। जिलाधिकारी ने केंद्राधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा की शुचिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रत्येक कमरे में दो-दो वीक्षक तैनात किए गए निरीक्षण के दौरान, वीक्षकों और दंडाधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई कि किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा कक्ष में मोबाइल, ब्लूटूथ या अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने की अनुमति न दें। प्रत्येक कमरे में दो-दो वीक्षक तैनात किए गए थे, और उड़नदस्ता दल लगातार सभी केंद्रों का दौरा कर रहा था। पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने पुलिस बल को भीड़ नियंत्रित रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने समाहरणालय में एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया था। यहाँ से सभी परीक्षा केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही थी और प्रत्येक केंद्र से पल-पल की रिपोर्ट ली जा रही थी। जिलाधिकारी ने बताया कि यह बीपीएससी द्वारा सहायक शिक्षा पदाधिकारी के पदों के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा है, और जिला प्रशासन इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। दो पालियों में आयोजित की गई परीक्षा परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक चली। परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले मुख्य गेट बंद कर दिए गए थे। देर से पहुंचने वाले किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया गया। अभ्यर्थियों ने जताया संतोष परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने प्रशासन की व्यवस्था पर संतोष जताया। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि केंद्रों पर सख्ती के कारण नकल की कोई गुंजाइश नहीं थी। जिला प्रशासन ने कुल 12 परीक्षा केंद्र बनाए थे, जहां लगभग 6500 अभ्यर्थी शामिल हुए। डीएम आशुतोष द्विवेदी ने निरीक्षण के बाद कहा कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त माहौल में संपन्न हुई है। कहीं से भी किसी प्रकार की गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली है। एसपी ने भी पुलिस व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बताया। जिला प्रशासन की इस मुस्तैदी से यह साफ संदेश गया है कि कटिहार में किसी भी कीमत पर परीक्षा की पवित्रता से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। कटिहार में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की सहायक शिक्षा पदाधिकारी (AEO) प्रतियोगिता परीक्षा-2026 मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई। परीक्षा को कदाचार मुक्त और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने स्वयं विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की टीम सुबह से ही सक्रिय रही। उन्होंने शहर के प्रमुख परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया। इस दौरान परीक्षा हॉल में बैठने की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, जैमर की सक्रियता और परीक्षार्थियों की तलाशी प्रक्रिया की गहनता से जांच की गई। जिलाधिकारी ने केंद्राधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा की शुचिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रत्येक कमरे में दो-दो वीक्षक तैनात किए गए निरीक्षण के दौरान, वीक्षकों और दंडाधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई कि किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा कक्ष में मोबाइल, ब्लूटूथ या अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने की अनुमति न दें। प्रत्येक कमरे में दो-दो वीक्षक तैनात किए गए थे, और उड़नदस्ता दल लगातार सभी केंद्रों का दौरा कर रहा था। पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने पुलिस बल को भीड़ नियंत्रित रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने समाहरणालय में एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया था। यहाँ से सभी परीक्षा केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही थी और प्रत्येक केंद्र से पल-पल की रिपोर्ट ली जा रही थी। जिलाधिकारी ने बताया कि यह बीपीएससी द्वारा सहायक शिक्षा पदाधिकारी के पदों के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा है, और जिला प्रशासन इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। दो पालियों में आयोजित की गई परीक्षा परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक चली। परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले मुख्य गेट बंद कर दिए गए थे। देर से पहुंचने वाले किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया गया। अभ्यर्थियों ने जताया संतोष परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने प्रशासन की व्यवस्था पर संतोष जताया। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि केंद्रों पर सख्ती के कारण नकल की कोई गुंजाइश नहीं थी। जिला प्रशासन ने कुल 12 परीक्षा केंद्र बनाए थे, जहां लगभग 6500 अभ्यर्थी शामिल हुए। डीएम आशुतोष द्विवेदी ने निरीक्षण के बाद कहा कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त माहौल में संपन्न हुई है। कहीं से भी किसी प्रकार की गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली है। एसपी ने भी पुलिस व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बताया। जिला प्रशासन की इस मुस्तैदी से यह साफ संदेश गया है कि कटिहार में किसी भी कीमत पर परीक्षा की पवित्रता से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।


