खगड़िया में फसल मुआवजा वितरण में गड़बड़ी:शिकायत के बाद जांच के आदेश, डीएम बोले- सबूत मिला तो होगी सख्त कार्रवाई

खगड़िया में फसल मुआवजा वितरण में गड़बड़ी:शिकायत के बाद जांच के आदेश, डीएम बोले- सबूत मिला तो होगी सख्त कार्रवाई

खगड़िया जिले में फसल क्षतिपूर्ति मुआवजा वितरण में कथित भेदभाव और अनियमितताओं की शिकायतें मिलने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी नवीन कुमार ने अलौली, खगड़िया, गोगरी और चौथम प्रखंडों में मुआवजा वितरण की प्रक्रिया की पुनः जांच के आदेश दिए हैं। किसानों ने आरोप लगाया था कि फसल क्षति के बावजूद उन्हें या तो मुआवजा नहीं मिला, या बहुत कम राशि दी गई। वहीं, कुछ अन्य किसानों को अधिक लाभ पहुंचाया गया, जिससे उनमें आक्रोश था। समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। डीएम नवीन कुमार ने स्पष्ट किया कि फसल क्षति मुआवजा एक संवेदनशील विषय है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हर किसान को उसका उचित हक समय पर मिले। इसी क्रम में सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) धनंजय कुमार ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। कुछ किसानों को अधिक और कुछ को कम मुआवजा मिला
निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और शिकायतों को सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुआवजा वितरण में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और पात्र किसानों को चिन्हित कर जल्द से जल्द लाभ पहुंचाया जाए। स्थानीय स्तर पर चल रही जांच में यह भी देखा जा रहा है कि फसल क्षति का आकलन सही तरीके से किया गया था या नहीं और कहीं रिपोर्टिंग में गड़बड़ी तो नहीं हुई। प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि किन आधारों पर कुछ किसानों को अधिक और कुछ को कम मुआवजा मिला। बिहार किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह टुडू ने जिलाधिकारी की इस पहल का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया है। संबंधित कर्मियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी
उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज को सुनते हुए प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम सराहनीय है। इससे किसानों में विश्वास कायम होगा और उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। उन्होंने यह भी मांग की कि जांच निष्पक्ष हो और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित कर्मियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, जिन किसानों को अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर राहत देने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद जिले के किसानों में उम्मीद जगी है कि अब उनकी समस्याओं का समाधान होगा और उन्हें फसल क्षति का उचित मुआवजा मिल सकेगा। खगड़िया जिले में फसल क्षतिपूर्ति मुआवजा वितरण में कथित भेदभाव और अनियमितताओं की शिकायतें मिलने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी नवीन कुमार ने अलौली, खगड़िया, गोगरी और चौथम प्रखंडों में मुआवजा वितरण की प्रक्रिया की पुनः जांच के आदेश दिए हैं। किसानों ने आरोप लगाया था कि फसल क्षति के बावजूद उन्हें या तो मुआवजा नहीं मिला, या बहुत कम राशि दी गई। वहीं, कुछ अन्य किसानों को अधिक लाभ पहुंचाया गया, जिससे उनमें आक्रोश था। समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। डीएम नवीन कुमार ने स्पष्ट किया कि फसल क्षति मुआवजा एक संवेदनशील विषय है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हर किसान को उसका उचित हक समय पर मिले। इसी क्रम में सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) धनंजय कुमार ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। कुछ किसानों को अधिक और कुछ को कम मुआवजा मिला
निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और शिकायतों को सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुआवजा वितरण में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और पात्र किसानों को चिन्हित कर जल्द से जल्द लाभ पहुंचाया जाए। स्थानीय स्तर पर चल रही जांच में यह भी देखा जा रहा है कि फसल क्षति का आकलन सही तरीके से किया गया था या नहीं और कहीं रिपोर्टिंग में गड़बड़ी तो नहीं हुई। प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि किन आधारों पर कुछ किसानों को अधिक और कुछ को कम मुआवजा मिला। बिहार किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह टुडू ने जिलाधिकारी की इस पहल का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया है। संबंधित कर्मियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी
उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज को सुनते हुए प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम सराहनीय है। इससे किसानों में विश्वास कायम होगा और उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। उन्होंने यह भी मांग की कि जांच निष्पक्ष हो और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित कर्मियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, जिन किसानों को अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर राहत देने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद जिले के किसानों में उम्मीद जगी है कि अब उनकी समस्याओं का समाधान होगा और उन्हें फसल क्षति का उचित मुआवजा मिल सकेगा।  

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