रायबरेली में भीषण गर्मी के कारण स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ गई हैं। जिला अस्पताल में उल्टी, दस्त और डायरिया के मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 40 से 50 मरीज इन बीमारियों से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट पर है। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि विभाग किसी भी आकस्मिक स्थिति या महामारी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। डॉ. अग्रवाल ने यह भी बताया कि हीट स्ट्रोक और डायरिया के उपचार के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल में विशेष वार्ड भी चिन्हित किए गए हैं, जिससे उन्हें कोई असुविधा न हो।
सीएमएस के अनुसार, हीट स्ट्रोक और डायरिया से पीड़ित मरीजों के लिए अस्पताल में अलग से बेड और वार्ड की व्यवस्था की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग का स्टाफ किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है। यदि मरीजों की संख्या में अचानक और वृद्धि होती है, तो उसके लिए भी त्वरित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। अस्पताल प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे गर्मी के इस मौसम में पर्याप्त पानी पिएं, ओआरएस के घोल का सेवन करें और अत्यधिक धूप में बाहर निकलने से बचें। यदि किसी को स्वास्थ्य संबंधी कोई भी समस्या महसूस हो, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल में संपर्क करें।


