Urban Men Diabetes Cause: परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-6) की रिपोर्ट के अनुसार, शहरों में रहने वाले 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लगभग 23.9% पुरुष हाई ब्लड शुगर के शिकार हैं। आइए, डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. विपुल अग्रवाल से जानते हैं कि पुरुषों में डायबिटीज के कारण क्या-क्या होते हैं और इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए?
क्या है एनएफएचएस-6 के आंकड़े?
एनएफएचएस-6 के अनुसार, शहरों में लगभग 23.9% पुरुष हाई शुगर से जूझ रहे हैं, जबकि महिलाओं में यह आंकड़ा 21.9% है। सर्वे में पाया गया कि 27.3% पुरुष और 30.7% महिलाएं मोटापे (Obesity) की श्रेणी में आती हैं।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, अगर ब्लड शुगर का लेवल लंबे समय तक बढ़ा रहे, तो यह हमारे शरीर के अंगों और नसों को डैमेज कर सकता है। इसकी वजह से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और नसों के ब्लॉक होने जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
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डायबिटीज के मुख्य लक्षण क्या हैं?
मेयो क्लिनिक के अनुसार, डायबिटीज के शुरूआती लक्षण निम्न हैं;
- रात के समय बार-बार पेशाब आना।
- बहुत ज्यादा प्यास लगना।
- वजन का तेजी से घटना।
- शरीर में सुस्ती रहना।
- घाव भरने में बहुत लंबा समय लगना।
पुरुष क्यों हो रहे हैं शुगर का ज्यादा शिकार?
डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. अग्रवाल का कहना है कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों में डायबिटीज ज्यादा देखा जा रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण पुरुषों में पेट के आसपास जमा होने वाली चर्बी है, जिसे विसरल फैट कहा जाता है। यह चर्बी शरीर में इंसुलिन बनने और उसके सही इस्तेमाल की प्रक्रिया को पूरी तरह बाधित कर देती है। इसके साथ ही ऑफिस और काम के तनाव के कारण पुरुषों में स्ट्रेस हार्मोन तेजी से बढ़ते हैं, जो ब्लड शुगर लेवल को बिगाड़ सकते हैं।
शुगर से बचने के लिए क्या करें?
- रोजाना कम से कम 30 मिनट तेज कदमों से टहलें।
- हरी पत्तेदार सब्जियां, सलाद, साबुत अनाज का सेवन करें।
- मीठी चीजों और मैदे का सेवन कम से कम करें या दूरी बना लें।
- साल में कम से कम दो बार अपना ब्लड शुगर टेस्ट करवाएं।
- अगर लक्षण दिखें तो डॉक्टर से संपर्क करें।
- अगर आप डायबिटिक फैमिली से आते हैं तो अधिक सतर्क रहें।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


