पटना सत्संग विहार ने श्री श्री आचार्य देव का शुभ 59 वां जन्मोत्सव मनाया। सभी श्रद्धालु ने मिलकर सामूहिक प्रार्थना की एवं विभिन्न धर्म ग्रन्थ जैसे श्री श्री ठाकुर के द्वारा हस्तलिखित सत्यानुसरण, नारी नीति, भागवत गीता, रामचरितमानस, गुरु ग्रन्थ साहिब, कुरान एवं बाइबिल का पाठ हुआ। आज युवक और युवतियां धोती, कुर्ता, साड़ी इत्यादियों में सज कर ठाकुर जी के प्रेम में विभोर हुए नज़र आए। इसके बाद समय युवाओं ने सत्संग का प्रारंभ किया। जिसमें आए हुए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के हृदयों को भजन एवं कीर्तन से युवाओं ने ठाकुर जी प्रेम के रंग में रंग डाला। जीवन एवं दर्शन पर प्रकाश डाला भक्तों ने ठाकुर जी के जीवन एवं दर्शन पर प्रकाश डाला और कई विषयों जैसे गुरु की जीवन में प्रयोजनियता, किस प्रकार हम ठाकुर जी को धारण करके जीवन के कर्मक्षेत्र एवं कैरियर में सुगमता से सफलता हासिल कर सकते है, धर्म एवं विज्ञान किस प्रकार एक दूसरे से समन्वित है, मानव अस्तित्व का रक्षण एवं वर्धन, धर्म का प्राकृत रूप इत्यादि अनेक विषयों पर चर्चा हुई। भंडारे का भी प्रबंध किया गया था जिसमें हजारों की संख्या में भक्त गण ने प्रसाद ग्रहण किया। पटना सत्संग विहार ने श्री श्री आचार्य देव का शुभ 59 वां जन्मोत्सव मनाया। सभी श्रद्धालु ने मिलकर सामूहिक प्रार्थना की एवं विभिन्न धर्म ग्रन्थ जैसे श्री श्री ठाकुर के द्वारा हस्तलिखित सत्यानुसरण, नारी नीति, भागवत गीता, रामचरितमानस, गुरु ग्रन्थ साहिब, कुरान एवं बाइबिल का पाठ हुआ। आज युवक और युवतियां धोती, कुर्ता, साड़ी इत्यादियों में सज कर ठाकुर जी के प्रेम में विभोर हुए नज़र आए। इसके बाद समय युवाओं ने सत्संग का प्रारंभ किया। जिसमें आए हुए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के हृदयों को भजन एवं कीर्तन से युवाओं ने ठाकुर जी प्रेम के रंग में रंग डाला। जीवन एवं दर्शन पर प्रकाश डाला भक्तों ने ठाकुर जी के जीवन एवं दर्शन पर प्रकाश डाला और कई विषयों जैसे गुरु की जीवन में प्रयोजनियता, किस प्रकार हम ठाकुर जी को धारण करके जीवन के कर्मक्षेत्र एवं कैरियर में सुगमता से सफलता हासिल कर सकते है, धर्म एवं विज्ञान किस प्रकार एक दूसरे से समन्वित है, मानव अस्तित्व का रक्षण एवं वर्धन, धर्म का प्राकृत रूप इत्यादि अनेक विषयों पर चर्चा हुई। भंडारे का भी प्रबंध किया गया था जिसमें हजारों की संख्या में भक्त गण ने प्रसाद ग्रहण किया।


