खगड़िया के परबत्ता प्रखंड में मानसून पूर्व बारिश के कारण विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठ गए हैं। तेमथा करारी पंचायत के वार्ड संख्या-2 में लगभग 14 लाख 500 रुपये की लागत से बने छठ घाट की सीढ़ियों के नीचे की मिट्टी बह गई है। सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में छठ घाट की सीढ़ियों के नीचे बड़े गड्ढे और मिट्टी का कटाव साफ देखा गया। ग्रामीणों द्वारा बनाए गए वीडियो में स्पष्ट दिखा कि हाल ही में निर्मित सीढ़ीनुमा घाट के नीचे से मिट्टी पूरी तरह बह गई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह योजना अपने निर्माण के शुरुआती चरण से ही विवादों में रही है। इस घाट का निर्माण कार्य दो महीने पहले ही पूरा हुआ था और अब तक इसका उपयोग भी नहीं हो पाया है। हालांकि, फिलहाल घाट के मुख्य ढांचे को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन, यदि समय रहते सुरक्षा और बचाव कार्य नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में पूरा निर्माण खतरे में पड़ सकता है। इस संबंध में स्थानीय जिला परिषद सदस्य जयप्रकाश यादव ने बताया कि लगातार बारिश के कारण घाट के आसपास की मिट्टी का कटाव हुआ है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग के अभियंताओं से संपर्क कर स्थिति का आकलन कराया जा रहा है और जल्द ही आवश्यक मरम्मत व सुरक्षा कार्य करवाए जाएंगे। इसी बीच, उदयपुर ढाला से महेशलेट मोड़ तक हाल ही में बनी सड़क पर करना बजरंगबली मंदिर के पास भी बारिश के कारण ‘रेन कट’ हो गया है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। सड़क किनारे हुए इस कटाव से भविष्य में सड़क को नुकसान पहुंचने और दुर्घटनाओं की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस सड़क की भी शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है। वहीं कुल्हड़िया पंचायत के वार्ड संख्या-05 में निर्माणाधीन छठ घाट में कथित अनियमितता को लेकर ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन पर प्रशासन ने संज्ञान लिया है। प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी परबत्ता ने मामले की जांच का आदेश देते हुए तकनीकी सहायक मो. सफी आलम को तीन दिनों के भीतर जांच प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया है। जानकारी के अनुसार कुल्हड़िया पंचायत के उपमुखिया प्रतिनिधि रोबिन कुमार तिवारी समेत 11 ग्रामीणों ने आवेदन देकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। प्रशासन द्वारा अब मामले की बिंदुवार जांच कराई जा रही है। खगड़िया के परबत्ता प्रखंड में मानसून पूर्व बारिश के कारण विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठ गए हैं। तेमथा करारी पंचायत के वार्ड संख्या-2 में लगभग 14 लाख 500 रुपये की लागत से बने छठ घाट की सीढ़ियों के नीचे की मिट्टी बह गई है। सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में छठ घाट की सीढ़ियों के नीचे बड़े गड्ढे और मिट्टी का कटाव साफ देखा गया। ग्रामीणों द्वारा बनाए गए वीडियो में स्पष्ट दिखा कि हाल ही में निर्मित सीढ़ीनुमा घाट के नीचे से मिट्टी पूरी तरह बह गई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह योजना अपने निर्माण के शुरुआती चरण से ही विवादों में रही है। इस घाट का निर्माण कार्य दो महीने पहले ही पूरा हुआ था और अब तक इसका उपयोग भी नहीं हो पाया है। हालांकि, फिलहाल घाट के मुख्य ढांचे को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन, यदि समय रहते सुरक्षा और बचाव कार्य नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में पूरा निर्माण खतरे में पड़ सकता है। इस संबंध में स्थानीय जिला परिषद सदस्य जयप्रकाश यादव ने बताया कि लगातार बारिश के कारण घाट के आसपास की मिट्टी का कटाव हुआ है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग के अभियंताओं से संपर्क कर स्थिति का आकलन कराया जा रहा है और जल्द ही आवश्यक मरम्मत व सुरक्षा कार्य करवाए जाएंगे। इसी बीच, उदयपुर ढाला से महेशलेट मोड़ तक हाल ही में बनी सड़क पर करना बजरंगबली मंदिर के पास भी बारिश के कारण ‘रेन कट’ हो गया है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। सड़क किनारे हुए इस कटाव से भविष्य में सड़क को नुकसान पहुंचने और दुर्घटनाओं की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस सड़क की भी शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है। वहीं कुल्हड़िया पंचायत के वार्ड संख्या-05 में निर्माणाधीन छठ घाट में कथित अनियमितता को लेकर ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन पर प्रशासन ने संज्ञान लिया है। प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी परबत्ता ने मामले की जांच का आदेश देते हुए तकनीकी सहायक मो. सफी आलम को तीन दिनों के भीतर जांच प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया है। जानकारी के अनुसार कुल्हड़िया पंचायत के उपमुखिया प्रतिनिधि रोबिन कुमार तिवारी समेत 11 ग्रामीणों ने आवेदन देकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। प्रशासन द्वारा अब मामले की बिंदुवार जांच कराई जा रही है।


