पूर्णिया यूनिवर्सिटी के वित्तीय मामलों की जांच की मांग:सांसद पप्पू यादव बोले- शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता तय करना जरूरी है

पूर्णिया यूनिवर्सिटी के वित्तीय मामलों की जांच की मांग:सांसद पप्पू यादव बोले- शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता तय करना जरूरी है

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने पटना में बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मुलाकात की है। सांसद ने राज्य के अस्पतालों और विश्वविद्यालयों में सामने आ रही अनियमितताओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल से जुड़े विवाद का हवाला देते हुए पूरे बिहार के सरकारी और निजी अस्पतालों की व्यापक जांच कराने की मांग की। सांसद पप्पू यादव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार लापरवाही और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में केवल एक अस्पताल की जांच पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे राज्य के सरकारी और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली की समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए दोषी संस्थानों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। अधिकारियों के कथित मनमाने रवैये पर भी चिंता जताई राज्यपाल को दिए गए ज्ञापन में पप्पू यादव ने बी एन मंडल यूनिवर्सिटी और पूर्णिया यूनिवर्सिटी में अधिकारियों के कथित मनमाने रवैये पर भी चिंता जताई। उन्होंने दोनों विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक और वित्तीय मामलों की जांच कराने की मांग की। सांसद ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करना जरूरी है। यदि विश्वविद्यालयों में अनियमितताएं जारी रहती हैं, तो इसका सीधा असर छात्रों और शिक्षा व्यवस्था पर पड़ता है। बीएन मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति पर गंभीर आरोप ज्ञापन में पप्पू यादव ने विशेष रूप से बीएन मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो डॉ अशोक कुमार ठाकुर, वित्त पदाधिकारी सुनील कुमार और परीक्षा नियंत्रक डॉ. शंकर कुमार मिश्र ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देकर कुलपति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तीनों अधिकारियों ने अपने त्यागपत्र में कुलपति पर वित्तीय अनियमितता और बड़े वित्तीय घोटाले के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इतने वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से एक साथ इस्तीफा देना बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। पप्पू यादव ने ये भी कहा कि उन्होंने इस मामले की जानकारी पहले भी राज्यपाल को पत्र के माध्यम से दी थी, लेकिन अब सामने आए आरोपों को देखते हुए विस्तृत जांच की जरूरत बढ़ गई है। राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में सांसद पप्पू यादव ने पटना यूनिवर्सिटी के सीनेट सदस्य के रूप में राजेश रंजन और जय प्रकाश यूनिवर्सिटी में प्रेमचंद सिंह के नाम की अनुशंसा भी की।।सांसद ने राज्यपाल से आग्रह किया कि अस्पतालों और विश्वविद्यालयों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता का भरोसा सरकारी संस्थानों से उठ सकता है। पप्पू यादव ने उम्मीद जताई कि राज्यपाल इन मामलों में आवश्यक कदम उठाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तय करेंगे। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने पटना में बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मुलाकात की है। सांसद ने राज्य के अस्पतालों और विश्वविद्यालयों में सामने आ रही अनियमितताओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल से जुड़े विवाद का हवाला देते हुए पूरे बिहार के सरकारी और निजी अस्पतालों की व्यापक जांच कराने की मांग की। सांसद पप्पू यादव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार लापरवाही और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में केवल एक अस्पताल की जांच पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे राज्य के सरकारी और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली की समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए दोषी संस्थानों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। अधिकारियों के कथित मनमाने रवैये पर भी चिंता जताई राज्यपाल को दिए गए ज्ञापन में पप्पू यादव ने बी एन मंडल यूनिवर्सिटी और पूर्णिया यूनिवर्सिटी में अधिकारियों के कथित मनमाने रवैये पर भी चिंता जताई। उन्होंने दोनों विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक और वित्तीय मामलों की जांच कराने की मांग की। सांसद ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करना जरूरी है। यदि विश्वविद्यालयों में अनियमितताएं जारी रहती हैं, तो इसका सीधा असर छात्रों और शिक्षा व्यवस्था पर पड़ता है। बीएन मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति पर गंभीर आरोप ज्ञापन में पप्पू यादव ने विशेष रूप से बीएन मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो डॉ अशोक कुमार ठाकुर, वित्त पदाधिकारी सुनील कुमार और परीक्षा नियंत्रक डॉ. शंकर कुमार मिश्र ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देकर कुलपति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तीनों अधिकारियों ने अपने त्यागपत्र में कुलपति पर वित्तीय अनियमितता और बड़े वित्तीय घोटाले के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इतने वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से एक साथ इस्तीफा देना बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। पप्पू यादव ने ये भी कहा कि उन्होंने इस मामले की जानकारी पहले भी राज्यपाल को पत्र के माध्यम से दी थी, लेकिन अब सामने आए आरोपों को देखते हुए विस्तृत जांच की जरूरत बढ़ गई है। राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में सांसद पप्पू यादव ने पटना यूनिवर्सिटी के सीनेट सदस्य के रूप में राजेश रंजन और जय प्रकाश यूनिवर्सिटी में प्रेमचंद सिंह के नाम की अनुशंसा भी की।।सांसद ने राज्यपाल से आग्रह किया कि अस्पतालों और विश्वविद्यालयों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता का भरोसा सरकारी संस्थानों से उठ सकता है। पप्पू यादव ने उम्मीद जताई कि राज्यपाल इन मामलों में आवश्यक कदम उठाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तय करेंगे।  

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