दिल्ली LG ने PM Modi के Walk-to-Work विज़न को साकार करने के लिए TOD पॉलिसी पर की बैठक

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के अधिकारियों के साथ ‘ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट’ (TOD) नीति पर एक बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मकसद पूरे दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वॉक-टू-वर्क’ (पैदल चलकर काम पर जाने वाले) समुदायों के विज़न को बढ़ावा देना था। एक्स पर एक पोस्ट में एलजी ने इसे एक “बदलाव लाने वाली नीति” बताया और कहा कि यह दिल्ली के “शहरी परिदृश्य और स्काईलाइन” को एक नई पहचान देगी। उन्होंने कहा कि इस विज़न में भीड़भाड़ कम करना, शहरी आवागमन को बेहतर बनाना और किफायती आवास का विस्तार करना शामिल है।

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एलजी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह पहल राष्ट्रीय राजधानी के विकास को बढ़ावा देगी, जिसमें PM मोदी के ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण और स्थिरता का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने लिखा कि मैंने @Official_DDA के साथ ‘ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट’ (TOD) पॉलिसी पर एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसका उद्देश्य पूरे दिल्ली में “वॉक-टू-वॉक” (पैदल चलकर काम पर जाने वाले) समुदायों को बनाने के विज़न को आगे बढ़ाना है। माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी के #ViksitBharat के विज़न से प्रेरित होकर, यह बदलाव लाने वाली पॉलिसी दिल्ली के शहरी परिदृश्य और स्काईलाइन को एक नई परिभाषा देगी। मेट्रो और आरटीएस स्टेशनों के आस-पास ज़्यादा घनत्व वाले, मिश्रित-उपयोग वाले विकास को बढ़ावा देकर, हमारा लक्ष्य भीड़भाड़ को कम करना, शहरी आवागमन को बेहतर बनाना और किफायती आवास तक पहुँच का विस्तार करना है। जीवंत और एकीकृत स्टेशन हब विकसित करना। जहाँ नागरिक निजी वाहनों पर निर्भर हुए बिना रह सकें, काम कर सकें और खरीदारी कर सकें। 

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इससे पहले, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को निर्देश दिया है कि वह द्वारका, रोहिणी और नरेला को विकेंद्रीकृत व्यापार और आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित करने के लिए एक व्यापक और समय-सीमा वाला प्लान तैयार करे, जिसका मकसद घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करना है। इस प्लान के अनुसार, दिल्ली खासकर DDA द्वारा विकसित इसकी उप-नगरी द्वारका घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों तरह के निवेश के लिए एक पसंदीदा जगह बनने को पूरी तरह तैयार है। इसका श्रेय दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार टी.एस. संधू के मिले-जुले प्रयासों को जाता है, जो DDA के अध्यक्ष भी हैं। इसी तरह के प्रयास प्राधिकरण की अन्य दो उप-नगरियों रोहिणी और नरेला के संबंध में भी किए जा रहे हैं।

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